राजस्थान निकाय चुनाव 2019: 49 निकायों के जरिये BJP प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया की परख आज!

नतीजों के बाद अध्यक्ष सतीश पूनिया (Satish Poonia) का संगठन कौशल और चुनाव में पार्टी को जिताने की उनकी क्षमता कितनी मजबूत है? का भी पता चलेगा.

राजस्थान निकाय चुनाव 2019: 49 निकायों के जरिये BJP प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया की परख आज!
पूनिया के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद राजस्थान में यह दूसरा चुनाव है.

जयपुर: प्रदेश में 16 नवंबर को 49 निकायों के लिए वोट डाले गए और आज इनके नतीजे आ रहे हैं. इन नतीजों से शहर की सरकार तो तय होगी ही, साथ ही इस बात का भी पता लगेगा कि बीजेपी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया (Satish Poonia) का संगठन कौशल और चुनाव में पार्टी को जिताने की उनकी क्षमता कितनी मजबूत है?

राजस्थान में कुल 196 निकाय हैं. इनके चुनाव दो चरणों में होते हैं. पहला चरण 16 नवंबर को हुआ हालांकि इस चरण में 52 निकायों के चुनाव होने थे लेकिन सरकार ने जयपुर, जोधपुर और कोटा के नगर निगमों को दो हिस्सों में बांट दिया. लिहाजा इन 3 निकायों के चुनाव इस बार नहीं हुए. तकरीबन 6 महीने बाद इन नगर निगम में विस्तार और परिसीमन के बाद चुनाव होंगे. तब यह निकाय 3 से बढ़कर 6 हो जाएंगे. 16 नवंबर को दिन 49 निकायों के लिए वोटिंग हुई. उसमें 6 स्थानीय निकाय नए हैं, जबकि 42 निकाय में 5 साल पहले भी चुनाव हुए थे.

पिछले चुनाव में बीजेपी (BJP) ने 37 जबकि कांग्रेस ने महज 6 निकायों में अपना चेयरमैन बनाया था. अब बीजेपी (BJP) विपक्ष में है और यही कारण है कि निकाय चुनाव के आगामी नतीजों को सतीश पूनिया (Satish Poonia) की बड़ी परख के रूप में देखा जा रहा है. पार्टी के कार्यकर्ताओं में चर्चा इस बात की है कि विपक्ष में रहते हुए सतीश पूनिया (Satish Poonia) की अगुवाई में बीजेपी (BJP) कितना मजबूत प्रदर्शन कर पाती है? उसी से पूनिया के आगामी कार्यकाल की रूपरेखा तय होगी लेकिन क्या बीजेपी (BJP) का केंद्रीय नेतृत्व भी यही मानता है? 

यह सवाल इसलिए भी उठता है क्योंकि केंद्रीय नेतृत्व की नजर में निकाय चुनाव से किसी नेता की परख करना मुश्किल है. ऐसा इसलिए भी क्योंकि आमतौर पर माना जाता है कि निकाय चुनाव में उसी पार्टी को बढ़त मिलती है, जिसकी राज्य में सरकार होती है लेकिन फिर भी पार्टी में एक हिस्सा ऐसा है, जो मानता है कि संगठन कौशल, नेतृत्व क्षमता और टिकट वितरण के फैसले के आधार पर ही चुनाव जीते जाते हैं. इस पूरी प्रक्रिया में चुनाव संचालन समिति के अगुआ के नाते सतीश पूनिया (Satish Poonia) की महत्वपूर्ण भूमिका रही है.

पूनिया के अध्यक्ष बनने के बाद ये दूसरा चुनाव
पूनिया के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद राजस्थान में यह दूसरा चुनाव है. इससे पहले पिछले महीने प्रदेश में दो विधानसभा सीटों पर उपचुनाव हुए थे, जिनमें एक सीट कांग्रेस ने जीती, जबकि दूसरी बीजेपी (BJP) के गठबंधन में सहयोगी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के खाते में गई थी हालांकि इस चुनाव में सीधे तौर पर बीजेपी (BJP) के खाते में किसी सीट का इजाफा नहीं हुआ, लेकिन पार्टी नेता मानते हैं कि आरएलपी को जिताने में भी बीजेपी (BJP) की बड़ी भूमिका रही. 

पूनिया के समर्थकों में जीत की उम्मीद
विधानसभा चुनाव का गठबंधन निकाय चुनाव में नहीं दिखा लेकिन आरएलपी ने निकाय चुनाव में बीजेपी (BJP) के खिलाफ कोई विरोध भी नहीं किया. निकाय चुनाव में पूरी तरह अपने दम पर लड़ी बीजेपी (BJP) को नतीजों का इंतजार है. साथ ही सतीश पूनिया (Satish Poonia) और उनके समर्थक भी बेचैनी से इन नतीजों की बाट जोह रहे हैं. पूनिया के समर्थकों को भरोसा है कि इस निकाय चुनाव में पार्टी के विपक्ष में होने के बावजूद वह अच्छी सीटें जीतेंगे और उनके नेता पार्टी में स्थापित भी होंगे.