CAA पर उठे विवाद के बीच हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए कोटा प्रशासन की खास पहल

एक तरफ NRC और CAA पर पुरे देश में बबाल मचा हुआ है तो उसी बीच कोटा जिला प्रशासन ने एक खास पहल की है.

CAA पर उठे विवाद के बीच हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए कोटा प्रशासन की खास पहल
कोटा में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई

कोटा: एक तरफ NRC और CAA पर पुरे देश में बबाल मचा हुआ है तो उसी बीच कोटा जिला प्रशासन ने एक खास पहल की है. कोटा में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई, जिसमें सभी समुदाय के लोगों ने एक साथ मिलकर शहर में शांति और अमन बनाये रखने का संदेश दिया. 

जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक जिला कलेक्टर ओम कसेरा की अध्यक्षता में टैगोर सभागार में आयोजित की गई, जिसमें पुलिस अधीक्षक शहर दीपक भार्गव, ग्रामीण राजन दुष्यंत, अतिरिक्त कलेक्टर शहर आरडी मीणा, धर्मगुरू अवधेशजी महाराज, शहर काजी अनवार अहमद सहित समिति के सभी सदस्य एवं प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे.

जिला कलेक्टर ने कहा कि कोटा शिक्षा नगरी होने के कारण देश भर के विद्यार्थी यहां पढ़ने आते हैं. कोटा में शांति व आपसी सौहार्द की परपंरा हमेशा रही है. सभी धर्मों के लोग एक दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए भाई चारे के साथ रहते हैं. उन्होंने कहा कि नागरिक कानून में संशोधन और एनआरसी के संबंध में समर्थन या विरोध के लिए निकलने वाले जूलुस और रैलियां शान्ति पूर्वक निकले. किसी भी नागरिक को आवागमन में पेरशानी न हो. एक-दूसरे का सम्मान कर अपनी बात सरकार तक पहुंचाये. इससे भारत में विविधतता की एकता की भावना को मजबूती मिलेगी.

पुलिस अधीक्षक शहर ने कहा कि रैली के दौरान किसी भी नागरिक को परेशानी न हो और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान नहीं हो यह रैली आयोजकों की जिम्मेदारी है. कानून के पक्ष या विपक्ष में अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का सबको अधिकार है, लेकिन हमारे देश की आपसी सौहार्द की परपंरा बनाये रखकर कानून के दायरे में अपनी बात रखें. 

अवधेश महाराज ने कहा कि देश की एकता, अखंडता आपसी भाईचारे पर निर्भर है. कोटा की पहचान शान्तिप्रिय शहरों में है. सभी नागरिक मानव जाति के कल्याण एवं पोषक बनकर शालीनता के साथ जूलुस में भाग लें. आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो यह सभी लोग ध्यान में रखकर कार्य करें. उन्होंने शान्ति सौहार्द बनाने में सक्रियता भागीदारी बनाने की बात कही.

इस अवसर पर प्रशासक एवं आयुक्त नगर निगम वासुदेव मालावत, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दिलीप सैनी, सचिव यूआईटी भवानी सिंह पालावत, यूआईटी के पूर्व अध्यक्ष रविन्द्र त्यागी, पंकज मेहता, तरूमीतसिंह बेदी, डॉ. जफर मोहम्मद, नसरूद्दीन सहित सभी सदस्य उपस्थित रहे.