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राजस्थान: 'किसान ऋण माफी' योजना में अनियमितता की है आशंका, सरकार करवा रही है जांच

सहकारिता रजिस्ट्रार नीरज के पवन ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर मामले की जांच करने का आदेश जारी किया है. 

राजस्थान: 'किसान ऋण माफी' योजना में अनियमितता की है आशंका, सरकार करवा रही है जांच
वसुंधरा सरकार के समय लागू किसान ऋण योजना की जांच होने जा रही है. (फोटो साभार: DNA)

आशीष चौहान,जयपुर: राजस्थान में फसली ऋण माफी योजना में हुई अनियमितता का मामला सामने आने के बाद गहलोत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. राज्य के किसानों के साथ करोड़ो रूपए के हुए घोटाले के मामले में सरकार ने सभी जिला कलेक्टर को मामले की जांच का आदेश दिया है. बताया जा रहा है कि सहकारिता रजिस्ट्रार नीरज के पवन ने इस संबंध में सभी जिला कलेक्टर को पत्र लिखकर मामले की जांच करने का आदेश जारी किया है. 

इस सबंध में सहकारिता रजिस्ट्रार नीरज के पवन ने जिला कलेक्टर को लिखे पत्र में कहा है कि वे अपने जिले में जिला स्तरीय अधिकारियों, बैंक के अधिकारियों और सहकारिता विभाग के अधिकारियों की बैठक कर योजना की क्रियान्वित करने की समीक्षा और परीक्षण करे. 

माना जा रहा है कि जांच के बाद दोषी अधिकारियों के खिलाफ राज्य सरकार कार्रवाई करेगी. इसके साथ ही फसली ऋण माफी योजना का लाभ पात्र किसानों को ही मिले इसे भी राज्य सरकार सुनिश्चित करने जा रही है.

आपको बता दे कि, राजस्थान में पिछली वसुंधरा राजे सरकार में लागू की गई फसली ऋण माफी योजना में कई जगह पर अनियमितताएं सामने आई है. जिसकी जांच का आदेश राज्य सरकार ने जारी किया है.  

इस संबंध में सहकारिता विभाग के रजिस्ट्रार नीरज के पवन ने बताया, " इसके लिये सभी जिला कलक्टर अपने स्तर से संबंधित जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ जांच करने का आदेश जारी किया गया है. ताकि दोषियों पर जल्द से जल्द कार्रवाई हो सके."

उन्होंने कहा, " राज्य के कई जिले डूंगरपुर, भरतपुर और चूरू में प्राप्त शिकायतों के बाद यह कदम उठाया गया है. इसके लिये सभी जिला कलक्टर को पत्र लिखा गया हैं. इस जांचों के बाद जो भी सुझाव प्राप्त होंगे, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी. ऋण माफी योजना के पात्र किसान को लाभ से वंचित नहीं होने दिया जायेगा और जो पात्र नहीं है, उसे किसी भी प्रकार से राजकीय धन का अपहरण नहीं करने दिया जाएगा.''