जयपुर में अब समझाइश नहीं सख्ती की बारी, पालना नहीं तो सीज की कार्रवाई

जिला प्रशासन और पुलिस के बीच कंटेनमेंट जोन (Containment Zone) बनाने को लेकर चल रहा विवाद आज थम गया है. 

जयपुर में अब समझाइश नहीं सख्ती की बारी, पालना नहीं तो सीज की कार्रवाई
जयपुर शहर में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के दायरे को लेकर सरकार गंभीर नजर आ रही है.

जयपुर: जिला प्रशासन और पुलिस के बीच कंटेनमेंट जोन (Containment Zone) बनाने को लेकर चल रहा विवाद आज थम गया है. जयपुर संभागीय आयुक्त डॉ. समित शर्मा ने पुलिस, चिकित्सा, जिला प्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों की बैठक लेकर इस विवाद पर विराम लगा दिया है. उन्होंने साफ कर दिया कि शहर में कंटेनमेंट जोन के आदेश इंसीडेंट कमाण्डर जारी करेंगे, जबकि इसकी पालना में पुलिस सहयोग करेगी. साथ ही उन्होंने ये भी स्पष्ट कर दिया कि कंटेनमेंट जोन वही बनेगा जहां एक साथ 10 से ज्यादा पॉजिटिव केस मिलेंगे.

जयपुर शहर में लगातार बढ़ते कोरोना संक्रमण के दायरे को लेकर सरकार गंभीर नजर आ रही है, लेकिन 4 दिन से शहर में कंटेनमेंट जोन घोषित करने को लेकर आपसी खींचतान चल रही है. मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद जयपुर संभागीय आयुक्त डॉ. समित शर्मा ने आज पुलिस, जिला प्रशासन और चिकित्सा महकमे के साथ नगर निगम की अधिकारियों की बैठक बुलाई जिसमें सभी की जिम्मेदारियां तय की गई. जिला कलेक्ट्रेट में गुरुवार दिन में हुई इस बैठक में आयुक्त ने कहा कि अब समझाइश नहीं सख्ती बरतनी होगी. इंसीडेंट कमाण्डर जो भी कंटेनमेंट जोन घोषित करेंगे वहां नियमों की सख्ती से पालना करवाई जाएगी. उन्होंने ये भी स्पष्ट कर दिया कि कंटेनमेंट जोन वही बनेगा जहां एक साथ 10 से ज्यादा पॉजिटिव केस मिलेंगे. साथ ही सोशल डिस्टेंसिंग या मास्क लगाने की पालना नहीं करने वाली संस्थाओं या व्यक्तियों पर चालान काटे जाए, इसे भी सख्ती से लागू करें.

संभागीय आयुक्त डॉ. समित शर्मा ने सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने की पालना भी सख्ती से करवाने के लिए कहा. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि किसी संस्थान (दुकान, रेस्टोरेंट) संचालक सोश्यल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं करवाए तो उस संस्था को एक दिन के लिए सील कर दो. साथ ही उससे जुर्माना भी लगाओ. संभागीय आयुक्त शर्मा ने स्पष्ट किया कि यदि एक घर में एक, दो या तीन व्यक्ति पॉजिटिव आते हैं, तो उसके आस-पास के मकान को कंटेनमेंट जोन नहीं बनाया जाएगा. हालांकि उस आवास पर पूरी निगरानी रखी जाएगी. उस घर को नगर निगम की ओर से सेनेटाइज करवाया जाएगा और वहां मेडीकल टीम जाकर नोटिस चस्पा करके उसकी आईटी बेस मॉनिटरिंग करेगी.

बहरहाल, जयपुर शहर में पिछले कुछ दिनों से सख्ती नहीं होने के कारण बाजारों में भीड़ उमड़ रही है. ना सोशल डिस्टेंसिंग की पालना हो रही है साथ में बिना मास्क भी लो घूम रहे हैं, लेकिन यह लापरवाही दूसरों पर भारी पड़ रही है. यही कारण है कि लगातार शहर में कोरोना का ग्राफ भी बढ़ता जा रहा है. इसलिए सावधानी और बचाव ही इस बढ़ते ग्राफ को कम कर सकता है.

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