पुराने ज़ू के जानवरों के लिए नई जिंदगी साबित होगा बीकानेर का नया सबसे बड़ा बायोलॉजिकल पार्क

पश्चिमी रेगिस्तान के सबसे बड़े ज़ू को लेकर तैयारियां तेज़ हो गई हैं. बीकानेर शहर को जल्द ही नए ज़ू की सौगात मिलने वाली है.

 पुराने ज़ू के जानवरों के लिए नई जिंदगी साबित होगा बीकानेर का नया सबसे बड़ा बायोलॉजिकल पार्क
प्रतीकात्मक तस्वीर

रौनक व्यास, बीकानेर: पश्चिमी रेगिस्तान के सबसे बड़े ज़ू को लेकर तैयारियां तेज़ हो गई हैं. बीकानेर शहर को जल्द ही नए ज़ू की सौगात मिलने वाली है. 50 हेक्टर में फैले इस ज़ू का निर्माण 25 करोड़ की लागत से हो रहा है. इस खास बायोलॉकिल पार्क को लेकर आम लोगों और पर्यटकों में भी खासा उत्साह है.
 
बीकानेर को सबसे बड़ी सौगात मिलने जा रही है. पश्चिमी रेगिस्तान का सबसे बड़ा बाईलोजिकल पार्क बीकानेर(Biological Park Bikaner) के बीछवाल इलाके में विकसित किया जा रहा है. 50 हेक्टेयर में फैले इस ज़ू में बदहाली और घुटन भरी जिंदगी जी रहे वन्य प्राणी खुली हवा में चैन की सांस ले सकेंगे. यह रेगिस्तान में रहने वाले लोगों के किए बेहद अच्छी और सुकून देने वाली खबर है. सरकार की तरफ से 25 करोड़ की लागत से एक खास बायोलॉजिकल पार्क का निर्माण करवाया जा रहा है, जिसको लेकर विभाग ने जोर शोर से तैयारियां तेज कर दी हैं. इस पार्क में वन्य प्राणियों की सुख सुविधा के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

50 हेक्टेयर में बने रहे इस पार्क को नेचुरल एनवायरमेंट केज, इंटरप्रीटेंशन सेंटर, वेटरनरी हॉस्पिटल और आम जनता के लिए कैफे सहित कई सुविधाएं उपलब्ध होगी. यहां टाइगर, लायन ,पेंथर, जेकल, मगरमच्छ सहित कई तरह के वन्य प्राणी और सांपों को एक ही जगह पर देखा जा सकेगा. इसको लेकर आम जनता में उत्साह है. विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दो साल में ये पुरी तरह बनकर तैयार होगा, जिसके बाद पर्यटकों की बहार होगी. विभाग को हर महीने दो से तीन लाख के आय की सम्भावना है.

रेगिस्तान का शहर बीकानेर राजस्थान में पर्यटकों के मुख्य बड़े केंद्रों में से एक है. नये पार्क के निर्माण से न केवल पर्यटन की बढ़ावा मिलेगा बल्कि पिछले कई सालों से पुराने ज़ू में बदहाली की ज़िंदगी जी रहे जानवरों को भी नई जिंदगी मिलेगी.