पुलवामा में शहीद हुआ राजस्थान रोहिताश, याद कर रो रहा है पूरा गांव

राजस्थान के रहने वाले 5 सीआरपीएफ जवान आतंकी हमले में शहीद हो गए हैं.

पुलवामा में शहीद हुआ राजस्थान रोहिताश, याद कर रो रहा है पूरा गांव
शहीद के पिता 2 माह के पोते के लिए सहायता की मांग की है.

राजस्थान: ''किसी गजरे की खुशबू को महकता छोड़ कर आया हूं. एक नन्हीं सी चिड़िया को चहकता छोड़ कर आया हूं. मुझको अपनी छाती से लगा ले भारत मां मैं अपनी मां की तरसती बाहों को छोड़कर आया हूं. किसी सैनिक के लिए लिखी गई यह कविता रोहिताश लांबा और उसके परिवार के लिए सही साबित हुई है.'' शाहपुरा पंचायत समिति के गांव गोविंदपुरा बांसड़ी के रहने वाले रोहिताश के गुरुवार को जम्मू कश्मीर के पुलवामा में शहादत की खूबर सुनकर पूरा गांव शोक में है.

श्रीनगर से फोन पर शहादत की खबर सुनकर रोहिताश के भाई जीतेंद्र (जीतू) लांबा की तबीयत बिगड़ गई. गांव के बेटे की शहादत पर गांव पूरी रात जागता रहा. इस दौरान गांव में अलग-अलग जगहों पर लोग अलाव के सामने बैठे रहे और रोहिताश की शहादत, उसकी बहादूरी की चर्चा करते रहे. परिवार के अन्य सदस्यों को गुरूवार देर शाम को सूचना दी गई. उसके बाद से परिवार का रो-रो कर बुरा हाल है. 

मीडिया से बातचीत में पिता बाबूलाल ने कहा कि अमरसर का लाडला पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुआ है. मेरे बेटे की शहादत का बदला लेने के बाद हमारे जी को चैन मिलेगा. उन्होंने कहा कि आतंकियों ने हमारे 50 जवानों को मारा तो उनके 500 मारों तब जाकर हमें सुकून मिलेगा. राज्य सरकार से उन्होंने उनके शहीद बेटे के 2 महीनें पहले जन्म लिए बच्चे की हर तरीके से मदद की मांग भी की.

उन्होंने कहा, ''मेरा पोता 2 माह का है जब यह पैरों पर खड़ा हो, तब तक सरकार लालन पालन की व्यवस्था करे. मेरा बेटा रोहिताश हमारी रोज़ी रोटी का था एक मात्र सहारा था और वो भी छिन गया.''

घटना की जानकारी मिलने के बाद शहीद के परिजनों को सांत्वना देने के लिए बीजेपी प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना और संगठन महामंत्री चंद्रशेखर, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी, विधायक रामलाल शर्मा, आलोक बेनीवाल, पूर्व विधायक राव राजेन्द्र सिंह ने मुलाकात भी की.