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कनार्टक संकट: आज फ्लोर टेस्‍ट संभव, शक्ति परीक्षण के लिए SC पहुंचे विधायक

कांग्रेस-जेडीएस सरकार के 15 विधायकों के इस्‍तीफे के बाद से उपजे राजनीतिक संकट के बाद पिछले हफ्ते गुरुवार और शुक्रवार विधानसभा में विश्‍वास मत पर बहस हुई. इसके बाद स्‍पीकर रमेश कुमार ने सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए टाल दी थी.

कनार्टक संकट: आज फ्लोर टेस्‍ट संभव, शक्ति परीक्षण के लिए SC पहुंचे विधायक
कर्नाटक में आज फ्लोर टेस्‍ट संभव है. फाइल फोटो

नई दिल्‍ली : कर्नाटक में कई दिनों से चल रहे राजनीतिक संकट का हल आज निकल सकता है. कर्नाट‍क विधानसभा में आज फ्लोर टेस्‍ट संभव है. साथ ही कर्नाटक मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी कई याचिकाएं लंबित हैं, जिनपर आज सुनवाई हो सकती है. कांग्रेस-जेडीएस सरकार के 15 विधायकों के इस्‍तीफे के बाद से उपजे राजनीतिक संकट के बाद पिछले हफ्ते गुरुवार और शुक्रवार विधानसभा में विश्‍वास मत पर बहस हुई. इसके बाद स्‍पीकर रमेश कुमार ने सदन की कार्यवाही सोमवार तक के लिए टाल दी थी. प्रदेश में बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी) के एकलौते विधायक एन महेश को मायावती ने आदेश दिया है कि वह सरकार के पक्ष में मतदान करें. इससे पहले कहा जा रहा था कि वह विश्वासमत से दूर रहेंगे.

उधर, इससे पहले रविवार को कर्नाटक के दो निर्दलीय विधायकों ने कांग्रेस और जेडीएस गठबंधन की सरकार की मुश्किलों को और बढ़ा दिया है. न्यूज एजेंसी एएनआई के अनुसार, कर्नाटक के दो निर्दलीय विधायक एच नागेश और आर शंकर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है. दोनों विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट से विश्वासमत के मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है. विधायकों ने सुप्रीम कोर्ट से कर्नाटक सरकार को सोमवार को ही विश्वासमत साबित करने के आदेश देने की मांग की है.

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प्रदेश के 15 बागी और दो निर्दलीय विधायकों ने अपनी संयुक्त याचिका में कहा, "हम मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी द्वारा 18 जुलाई को कर्नाटक विधानसभा में लाए गए विश्वास मत प्रस्ताव पर 22 जुलाई को शाम पांच बजे से पहले शक्ति परीक्षण करने का निर्देश देने की मांग करते हैं."

सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता दिशा राय द्वारा दाखिल याचिका में कहा गया है कि मुख्यमंत्री या गठबंधन सरकार में सहयोगी कांग्रेस और जेडी-एस कुछ और बहाना बनाकर शक्ति-परीक्षण टालने की कोशिश करेंगे. याचिका के अनुसार, "ऐसा माना जाता है कि अल्पसंख्यक सरकार की अगुवाई करने वाले मुख्यमंत्री खुद को सदन की कार्यवाही से सोमवार को अलग रख सकते हैं. ऐसा माना जाता है कि वह (कुमारस्वामी) विश्वास मत को टाल सकते हैं. विश्वास मत को टालने के लिए वह अस्पताल में भर्ती समेत कोई चिकित्सा संबंधी आपात स्थिति का इस्तेमाल कर सकते हैं."

सोमवार को सदन में बहुमत साब‍ित करने से पहले सभी दलों ने अपने अपने विधायकों से बैठक की. बीजेपी ने अपने विधायकों से होटल में बैठक की. पिछले कई दिनों से बीजेपी के विधायक होटल में ही हैं. उधर जेडीएस और कांग्रेस ने भी अपने अपने विधायकों से अलग अलग बैठक की.

कांग्रेस के गुंडुराव का कहना है कि हमारे विधायक उत्‍साह से भरे हुए हैं. हम सोमवार सदन में बीजेपी को बेनकाब कर देंगे. कांग्रेस नेता ने कहा, बीजेपी ने ऑपरेशन कमल के लिए 1000 करोड़ रुपए खर्च किए हैं. इतना सारा पैसा कहां से आया. उन्‍होंने एक वि‍धायक को खरीदने में 20 से 30 करोड़ रुपए खर्च किए हैं.