पुलवामा आतंकी हमला: 44 मौतों से गमजदा देश, आतंकियों से 'बदले' की हो रही मांग

जम्‍मू और कश्‍मीर की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति की आज बैठक होगी. 

पुलवामा आतंकी हमला: 44 मौतों से गमजदा देश, आतंकियों से 'बदले' की हो रही मांग
आज आतंकवाद के खिलाफ बड़ा फैसला ले सकती है सरकार. फाइल फोटो

नई दिल्‍ली : जम्मू और कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को हुए आतंकी हमले में 44 सीआरपीएफ जवानों की शहादत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. हर ओर गुस्‍सा है और आतंकियों से बदला लेने की मांग उठ रही है. इस हमले के बाद कई देशों ने भी आतंकवाद के खिलाफ भारत समर्थन किया है. अब देश में सभी की निगाहें सरकार पर हैं. समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक अब तक हमले में 44 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए हैं. 

सरकार और पीएम मोदी का कहना है कि देश के सैनिकों की शहादत बेकार नहीं जाएगी. वहीं जम्‍मू और कश्‍मीर की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की सुरक्षा मामलों की समिति (सीसीएस) की आज बैठक होगी. सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए बताया कि यह बैठक पुलवामा की फिदायिन हमले की घटना की पृष्ठभूमि में हो रही है जिसमें 44 सीआरपीएफ जवान शहीद हुए हैं.


वाराणसी में दिखा लोगों का गुस्‍सा. फोटो ANI 

सीसीएस की बैठक
सीसीएस की बैठक शुरू हो गई है. सीसीएस की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं तथा रक्षा मंत्री, गृह मंत्री, विदेश मंत्री एवं वित्त मंत्री इसमें शामिल हैं. सीसीएस सुरक्षा एवं सामरिक मामलों पर निर्णय करती है. वहीं गृह मंत्री राजनाथ सिंह शुक्रवार को श्रीनगर जाकर स्थिति का जायजा लेंगे. सिंह वरिष्ठ सुरक्षा एवं पुलिस अधिकारियों के साथ जमीनी स्तर पर समीक्षा कर अभियानगत कार्रवाई का आकलन कर सकते हैं. वहीं एहतियात बरतते हुए जम्‍मू में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं.


पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए हैं 40 जवान. फाइल फोटो

शहादत का बदला लिया जाएगा : राजनाथ सिंह
राजनाथ सिंह ने गुरुवार को देश के लोगों को यह भरोसा दिलाया कि जम्मू कश्मीर में सीआरपीएफ की बस पर पाकिस्तान प्रायोजित जैश-ए-मोहम्मद द्वारा किए गए आतंकवादी हमले का बदला लिया जाएगा. सिंह ने एक बयान में कहा कि पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित और पनाह दिए गए लोगों के जरिये कराए गए इस आतंकवादी हमले के माध्यम से शांति में जो बाधा उत्पन्न करना चाहते हैं केन्द्र सरकार उनकी साजिशों को विफल करने के लिए दृढ़ प्रतिज्ञ है.


फाइल फोटो

उन्होंने कहा, ‘‘जैश ए मोहम्मद ने इस आतंकवादी हमले को अंजाम दिया है. हम राष्ट्र को आश्वस्त करते हैं कि इसका बदला लेने के लिए जो भी करना पड़े, हम करेंगे.’’ सिंह ने हमले के बाद जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक से बातचीत की और सीआरपीएफ के काफिले पर आतंकवादियों के घातक हमले के बाद की राज्य की स्थिति का जायजा लिया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.

गृह मंत्रालय स्थिति पर रखे है कड़ी नजर
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि गृहमंत्री ने राज्यपाल से बातचीत की जिन्होंने उन्हें राज्य की वर्तमान स्थिति के बारे में बताया. सिंह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केन्द्रीय गृह सचिव राजीव गाबा, खुफिया ब्यूरो (आईबी) के निदेशक राजीव जैन, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के महानिदेशक आर आर भटनागर से भी बातचीत की और उन्हें जरूरी निर्देश दिए. गृह मंत्रालय स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है.


गुरुवार को हुआ है पुलवामा में आतंकी हमला. फाइल फोटो

सिंह ने ट्वीट किया, ‘‘(जम्मू कश्मीर के) पुलवामा में सीआरपीएफ पर आज का कायराना हमला बहुत ही पीड़ाजनक और विचलित कर देने वाला है. मैं सीआरपीएफ के हर उस जवान को नमन करता हूं जिसने देश की सेवा में अपनी जान कुर्बान की है.’’ 

44 जवान शहीद
पुलवामा जिले में जैश ए मोहम्मद के एक आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे एक वाहन को सीआरपीएफ की एक बस से टकरा दिया. इस विस्फोट में सीआरपीएफ के कम से कम 44 जवान शहीद हुए हैं. ये जवान इस बस से जा रहे थे. यह हमला 2016 में हुए उरी हमले के बाद से राज्य में सबसे भीषण आतंकी हमलों में एक है.

दुनिया भर ने की हमले की निंदा
अमेरिका, रूस और फ्रांस समेत दुनियाभर के देशों ने जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकवादी हमले की निंदा की और कहा है कि आतंकवाद के खतरे से लड़ने के लिए वे भारत के साथ खड़े हैं.  भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश, भूटान, श्रीलंका और मालदीव ने भी एकजुटता व्यक्त की है और संयुक्त रूप से आतंकवाद के खतरे का सामना करने का संकल्प जताया.

संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकवादी हमले की कड़ी निंदा की और हमले के पीछे के लोगों को न्याय के दायरे में लाने की अपील की. अमेरिका के शीर्ष सांसदों ने भी जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकवादी हमले की निंदा की है और कहा है कि अमेरिका ‘आतंक का सामना करने और उसे हराने’ के लिए भारत के साथ खड़ा है.