अहमदाबाद में जिस कार्यालय में रहते थे ताेगड़‍िया अब उसी के लिए VHP से छिड़ी जंग

2018 में प्रवीण ताेगड़‍िया और वीएचपी के संबंध खत्‍म हो गए थे. अब तोगड़‍िया पार्टी बनाकर सक्र‍िय राजनीत‍ि में उतरने की घोषणा कर चुके हैं.

अहमदाबाद में जिस कार्यालय में रहते थे ताेगड़‍िया अब उसी के लिए VHP से छिड़ी जंग
प्रवीण कुमार तोगड़‍िया अपनी नई पार्टी का ऐलान कर चुके हैं. फाइल फोटो : पीटीआई

अहमदाबाद: एक बार फिर गुजरात में डॉ. प्रवीण तोगडिया और विश्व हिन्दू परिषद् के बीच लड़ाई शुरू हो चुकी है. इस बार विवाद खड़ा हुआ है विश्व हिन्दू परिषद के कार्यालय को लेकर. अहमदाबाद के पालडी इलाके में स्थित वनीकर भवन 70 के दशक से VHP का कार्यालय रहा है. एक समय तोगड़िया भी इसी जगह से विश्व हिन्दू परिषद् का संचालन किया करते थे. लेकिन, 2018 में वीएचपी से रिश्ता तोड़ने के बाद वनीकर भवन किसका है, यह एक बड़ा सवाल बन चुका है. शनिवार को अंतर राष्‍ट्रीय हिंदू परिषद और विश्व हिन्दू परिषद के कार्यकर्त्ता उस वक्त आमने सामने हो गये, जब वीएचपी के कार्यकर्ता पुलिस बल साथ तोगड़िया समर्थित कार्यकर्ताओ को वनीकर भवन से बाहर निकलने पहुंचे.

उसी वक्त दिल्‍ली में तोगड़ि‍या अपनी राजनीतिक पार्टी हिन्दुस्‍तान निर्माण दल का ऐलान कर रहे थे. अहमदाबाद के वनीकर भवन के बहार करीब चार घंटे तक मीडिया के सामने पूरा ड्रामा चलता रहा. तोगड़िया समर्थित कार्यकर्ता कहते रहे की इस कार्यालय पर उनका अधिकार है तो विहिप के स्थानीय नेता कार्यालय उनका होने का दावा करते हैं.

आखिर क्या है पूरा विवाद?
दरसल, सत्तर के दशक में वनीकर भवन में विश्व हिंदू परिषद के कार्यालय की शुरुआत हुई. उससे पहले विश्व हिंदू परिषद का कार्यालय जमालपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर के पास हुआ करता था. जिस वनीकर भवन को लेकर विवाद चल रहा है, उसके मालिक सभी ट्रस्टी हैं. इस ट्रस्ट में कुल 15 ट्रस्टी हैं. तोगडिया के वीएचपी के अलग होने के बाद 15 में से 5 ट्रस्टी तोगड़िया के समर्थन में रहे तो बाकी के विश्व हिंदू परिषद के. हाल ही में एक ट्रस्टी के मौत के बाद वीएचपी समर्थित ट्रस्टी की तादात 9 हो चुकी है. इन सभी नौ लोगों ने ट्रस्ट की एक बैठक में तोगड़िया समर्थित पांच सदस्यों को बहुमत से ट्रस्ट से बाहर कर दिया. जिसके कारण इन चार ट्रस्टी ने कोर्ट कमीशन करवाया और दावा किया की वनीकर भवन पर उनका भी अधिकार है. प्रवीण तोगडिया ने भी दिल्‍ली में आरोप लगाया कि राजधानी में बैठे लोगों के इशारे पर उनके खिलाफ यह कार्रवाई की जा रही है.

इस विवाद पर वीएचपी का क्‍या है तर्क
जिन 9 ट्रस्‍टि‍यों ने तोगड़िया समर्थकों को बहार निकाला उनका कहना है कि वीएचपी एक गैर राजनैतिक संगठन है और राजनैतिक संगठन में काम करने वाले ट्रस्टी के पद पर नहीं रह सकते. वीएचपी का यह भी आरोप है कि जो व्यक्ति संस्था के उद्देश्‍य के खिलाफ काम करता है उसे भी संस्था से बाहर निकल दिया जाता है. तोगडिया समर्थित ट्रस्टियों को भी इसी वजह से वनीकर भवन से निकला गया है. आने वाले समय में तोगड़िया और विश्व हिंदू परिषद के बीच चल रहा यह विवाद तूल पकड़ने के आसार लग रहे हैं. तोगडिया गृह त्याग करने के बाद अहमदाबाद स्थित इसी वनीकर भवन के एक कमरे में रहते थे.