NRC मुद्दा: पश्चिम बंगाल में हिंदू शरणार्थी के लिए बीजेपी ने बनाया है खास प्लान

बीजेपी इस कार्य की शुरुआत 1 नवंबर से करने वाली है और शीतकालीन सत्र से पहले 1 करोड़ घरों तक पहुंचकर प्रधानमंत्री के कार्यालय में पत्र भेजेगी.

NRC मुद्दा: पश्चिम बंगाल में हिंदू शरणार्थी के लिए बीजेपी ने बनाया है खास प्लान
(फाइल फोटो)

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में NRC लागू होने के बाद वहां रह रहे हिंदू शरणार्थियों को लेकर बीजेपी एक नई पहल करने जा रही है. बीजेपी अपनी महिला विंग के जरिए बंगाल में रह रहे शरणार्थियों तक पहुंचेगी और उनके द्वारा प्रधानमंत्री को पत्र से अपील करेगी की शीतकालीन सत्र में सिटीजन अमेंडमेंट बिल लाया जाए और उसको सदन में पारित करवाए ताकि पश्चिम बंगाल में रह रहे हिंदू शरणार्थियों को नागरिकता मिल सके.

हुगली बीजेपी सांसद लॉकेट चटर्जी ने बताया, 'बंगाल के लोगों को ममता बनर्जी और उनकी सरकार भ्रमित कर रही है कि अगर बंगाल में एनआरसी लागू होगा तो यहां बांग्लादेश या दूसरे देशों से जो आए हिन्दुओं को बाहर निकाल दिया जाएगा.जबकि गृह मंत्री ने कहा है कि देश में रहने वाले सभी हिन्दू शरणार्थियों को नागरिकता दी जाएगी'

उन्होंने कहा, 'हमारी टीम बंगाल के सभी जगह जाएगी और जो बाहरी मुल्क द्वारा हमारे देश में आए थे, उन सभी हिन्दुओ को सिटीजन अमेंडमेंट  बिल के तहत उनको नागरिकता मिलेगी . ये सन्देश लेकर यहां रहने वाले शरणार्थियों से मुलाकात करेगी और उन सभी लोगों के पत्र द्वारा प्रधानमंत्री को निवेदन करेंगे कि शीतकालीन सत्र में सिटीजन अमेंडमेंट बिल लाया जाए और उसको पारित करें.'

बीजेपी इस कार्य की शुरुआत 1 नवंबर से करने वाली है और शीतकालीन सत्र से पहले 1 करोड़ घरों तक पहुंचकर प्रधानमंत्री के कार्यालय में पत्र भेजेगी. इस कार्य की लिए महिला मोर्चा को 25 लाख घरों तक पहुंचने का टारगेट दिया गया है. साथ साथ बीजेपी अपने "गाँधी संकल्प यात्रा" के तहत बंगाल में 42 लोकसभा क्षेत्रों में  6500 किमी की यात्रा करने का निर्णाय ले चुकी है जो 15 अक्टूबर से 26 अक्टूबर तक चलेगी. 

इस यात्रा के दौरान पार्टी पश्चिम बंगाल में हो रही राजनीतिक हिंसा को रोकने और बंगाल सरकार की कमियों को उजागर करेगी. वहीं 2020 में बंगाल में निगम चुनाव होने वाले हैं, जिसे 2021 के होने वाले विधान सभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है. बीजेपी को टक्कर देने के लिए तृणमूल कांग्रेस के नेता "दीदी को बोलो" कार्यक्रम द्वारा 10 हज़ार गांव तक पहुंचेगी और अपनी खोई हुई जमीन को वापस पाने में जुटेगी.

(इनपुट अंजन रॉय से भी)