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खत्म हुआ इंतजार, अब कुछ ही समय में पहुंच सकेंगे देहरादून से पिथौरागढ़, हवाई सेवा शुरू

हेरिटेज एविएशन की हवाई सेवा का देहरादून से पिथौरागढ़ के लिए किराया 1570 रुपये है.

खत्म हुआ इंतजार, अब कुछ ही समय में पहुंच सकेंगे देहरादून से पिथौरागढ़, हवाई सेवा शुरू
वित्त मंत्री प्रकाश पंत जौलीग्रांट एयरपोर्ट से नैनीसैनी हवाई पट्टी के लिए उड़ान भरी.

देहरादून: कुमाऊं क्षेत्र लोगों के लिए गुरुवार (17 जनवरी) का दिन नई सौगात लेकर आया. लंबे इंतजार के बाद देहरादून से पिथौरागढ़ हवाई सेवा शुरू हो गई. वित्त मंत्री प्रकाश पंत जौलीग्रांट एयरपोर्ट से चार सवारियों के साथ पिथौरागढ़ स्थित नैनीसैनी हवाई पट्टी के लिए उड़ान भरी. ये हवाई सेवा प्रतिदिन 9.30 बजे जौलीग्रांट से उड़ान भरेगी. हेरिटेज एविएशन की हवाई सेवा का देहरादून से पिथौरागढ़ के लिए किराया 1570 रुपये है. देहरादून से सड़क मार्ग से पिथौरागढ़ करीब 16 घंटे का समय लगता है. जानकारी के मुताबिक, हवाई सेवा पिथौरागढ़ से पंतनगर भी आएगी. 

उड़ान सेवा से पूरे प्रदेश में एयर कनेक्टिविटी की सुविधा
उत्तराखंड में राज्य सरकार एयर कनेक्टिविटी को बढ़ाने का लगातार प्रयास कर रही है. पवनहंस हेली सर्विस को रीजनल कनेक्टिविटी का टेंडर एलाट हुआ है. इससे कुमाऊं क्षेत्र के लिए हल्द्वानी से पिथौरागढ़ के सीमान्त क्षेत्र धारचूला के लिए हेली सर्विस शुरू की गई है. वहीं, देहरादून के सहस्रधारा हैलीड्रोम से उत्तरकाशी और चमोली के लिए हेली सर्विस शुरू की जा रही है. उड़ान सेवा से सस्सी दरों पर पूरे प्रदेश में हवाई विस्तार की योजना है. सचिव नागरिक उड्डयन ने बताया कि भारत सरकार के सहयोग से पूरे प्रदेश में हेलीपैड का जाल बिछाया जा रहा है, जिससे आपदा के दौरान भी राहत और बचाव कार्य में मदद मिल सकेगी. 

चिन्यालीसौड़ और गौचर हवाई पट्टी का भी होगा विस्तार
राज्य सरकार उत्तरकाशी के चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी और चमोली जिले की गौचर हवाई पट्टी का विस्तार करने जा रही है. ये दोनों हवाई पट्टियां सामरिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है. चिन्यालीसौड़ हवाई पट्टी पर कई बार एयरफोर्स के लडाकू विमान भी उतर चुके हैं. 

नैनीसैनी हवाई पट्टी की अड़चने हुईं दूर
दरअसल, देहरादून पिथौरागढ़ हवाई सेवा का शुभारंभ 7 अक्टूबर को पीएम मोदी ने कर दिया था. लेकिन कई अड़चनों के कारण डीजीसीए ने रोक लगा दी. नैनीसैनी हवाई पट्टी के पास 5 मकान आड़े आ रहे थे, जिससे विमान को उतरने में दिक्कतें आ रही थी. इन पांचों मकानों की ऊंचाई को कम करने पर सहमति बनने के उड़ाव शुरू की गई. पिथौरागढ़ हवाई पट्टी सामरिक दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण है.