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अखिलेश यादव बोले, रामलीला में राम और रावण का किरदार निभाने वालों को भी मिले पेंशन

साधना सिंह के बयान पर अखिलेश ने कहा कि पिछले साढ़े चार साल में इन्होंने कुछ नहीं किया है इसलिए ये बौखला गए है.

अखिलेश यादव बोले, रामलीला में राम और रावण का किरदार निभाने वालों को भी मिले पेंशन
फोटो सौजन्य: ANI
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लखनऊः  समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आज कहा कि यूपी में साधु संतो को दी जाने वाली पेंशन 20 हजार रुपये प्रतिमाह की जानी चाहिए. सपा प्रमुख ने मांग की कि रामलीला में काम करने वालों को भी पेंशन मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा, 'जो लोग रामायण का पाठ करते हैं, राम बनते हैं उन्हें भी सरकार की तरफ से पेंशन मिलनी चाहिए. इतना ही नहीं अगर कुछ पैसा बच जाए तो रावण का किरदार करने वाले को भी सरकारी पेंशन मिलनी चाहिए.' अखिलेश यादव ने बीजेपी विधायक साधना सिंह द्वारा बीएसपी प्रमुख मायावती के लिए दिए गए विवादित बयान पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी. 

अखिलेश यादव ने कहा, 'हम उनके खिलाफ शिकायत दर्द करवाएंगे. जनता आने वाले चुनावों में बीजेपी के नेताओं को जवाब देगी. कोई ऐसा कैसे बोल सकता है? पिछले साढ़े चार साल में इन्होंने कुछ नहीं किया है इसलिए ये बौखला गए है.' 

सपा प्रमुख ने कहा, 'उसी महिला विधायक ने सपा के बारे में क्या कहा ये भी सबने देखा है. मायावती जी के लिए जो शब्द इस्तेमाल किये ये वो इस्तेमाल कर रहे हैं जो फ्रस्टेट हो गए हैं. आंखों के सामने अंधेरा है उनके. अपने काम ना बता कर दूसरी तरफ चुनाव ले जाना चाहते हैं. अभी इनकी भाषा और गिरेगी. सबसे बड़ी कुर्सी पर बैठे लोगों की भाषा भी ऐसी है.'

 

अखिलेश ने यहां प्रेस कांफ्रेंस में विपक्षी दलों के सम्भावित गठबंधन के नेता के बारे में भाजपा द्वारा प्रश्न उठाये जाने सम्बन्धी सवाल पर कहा, ‘‘भाजपा ने 40 से ज्यादा पार्टियों के साथ गठबंधन किया है. (शनिवार को कोलकाता में तो) अभी 20-22 दल के नेता ही साथ नजर आये हैं. जहां तक नेता का सवाल है, तो यह पूछा ही जाएगा. भारत का इतिहास बताता है कि नेतृत्व तो जनता खुद ही तय कर लेती है. आने वाले समय में आप देखेंगे कि हमारे पास कितने विकल्प हैं.‘‘ 

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन एक बात तो बिल्कुल सच है, और जनता स्वीकार कर रही है. जब परिणाम आएगा तो आप भी स्वीकार करेंगे कि देश नये प्रधानमंत्री का इंतजार कर रहा है. अगर भाजपा के पास कोई नया प्रधानमंत्री हो तो बताएं. हमारी तो उसे बड़ी चिंता हो रही है.‘‘ 

सपा प्रमुख ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि सपा और बसपा नेतृत्व ने गठबंधन के बाद सीट बंटवारे के मामले में उत्तर प्रदेश की कई सीटों पर निर्णय ले लिया है. इसका एलान भी जल्द होगा. उन्होंने कहा कि जहां तक सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव का सवाल है तो वह जहां से चुनाव लड़ना चाहेंगे, सपा उन्हें वहां से लड़ाएगी.

वाराणसी में आज से शुरू हुए ‘प्रवासी भारतीय दिवस’ आयोजन पर अखिलेश ने कहा कि जैसा कि पिछले कई वर्षों से इंतजार हो रहा है कि प्रवासी भारतीय यहां कुछ निवेश करेंगे. शायद कुम्भ को देखने और गंगा में स्नान करने के बाद उनका मन बदलेगा और उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश होगा. 

उन्होंने कहा कि हमने ‘इन्वेस्टर्स समिट’ तो देखी. उसमें मंच पर बैठे लोग हर जगह मंच पर ही रहते हैं, लेकिन जरूरी नहीं है कि वे आपके यहां निवेश कर देंगे. निवेश कराने के लिये कुछ नीतियां चाहिये. कुछ फैसले और भरोसा चाहिये. भरोसा ‘ठोंको नीति‘ से तो आएगा नहीं. मैं तो कहता हूं कि काशी, कुम्भ होकर लौटते समय हमारे लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे पर भी निकल जाएं. तब आकलन करें कि कौन काम कर रहा है और कौन जनता को धोखा दे रहा है.

(इनपुट भाषा से)