भगवान राम की मूर्त‍ि चुराने वाला खुद ही लौटाने आया, बोला- चोरी के बाद आ रहे थे डरावने सपने

भगवान राम की नगरी अयोध्या में 27 मई की दोपहर राम की प्राचीन अष्टधातु की मूर्ति चोरी हो गई थी. चोरी की ये घटना राम जन्मभूमि के नजदीक सबसे सुरक्षित स्थल के यलो जोन में युगल माधुरी कुंज मंदिर से हुई थी.

भगवान राम की मूर्त‍ि चुराने वाला खुद ही लौटाने आया, बोला- चोरी के बाद आ रहे थे डरावने सपने
प्रतीकात्‍मक फोटो

मनमीत गुप्‍ता, अयोध्‍या: अयोध्या में चोरी गई बेशकीमती अष्टधातु की श्री राम की मूर्ति मिल गई है. दिलचस्प बात यह है कि राम की मूर्ति को चोरी करने वाला चोर खुद मूर्ति को मंदिर में पहुंचाने आया. चोर अजय का कहना है कि जब से चोरी की, तब से उसके शरीर मे अजीब सा दर्द शुरू हो गया है. उसको घबराहट के साथ डरावने सपने आ रहे है. वह मूर्ति को बहुत दिन तक अपने साथ रख नहीं पाया और खुद युगल माधुरी कुंज मंदिर में पहुंच मंदिर के पुजारी को भगवान राम की मूर्ति सौंप दी. मूर्ति सौंपने के बाद उसके शरीर का दर्द तो ठीक हो गया. लेकिन वह पुलिस के हत्थे चढ़ गया. पुलिस ने चोर अजय शुक्ला को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है.

भगवान राम की नगरी अयोध्या में 27 मई की दोपहर राम की प्राचीन अष्टधातु की मूर्ति चोरी हो गई थी. राम जन्मभूमि के नजदीक सबसे सुरक्षित स्थल के यलो जोन में युगल माधुरी कुंज मंदिर से ठाकुर जी की मूर्ति चोरी की घटना पुलिस के लिए चुनौती बन गई थी. एसएसपी जोगेंद्र कुमार ने कई टीम बना कर संभावित स्थलों पर दबिश दी. उसी दौरान एक युवक बदहवास सा युगल माधुरी कुंज मंदिर में आया और चोरी की गई मूर्ति को मंदिर के पुजारी महंत को सौंप दिया. चोरी की गई मूर्ति के मिल जाने से मंदिर परिसर में खुशी की लहर दौड़ गई. लेकिन उससे ज्यादा दिलचस्प वाकया मूर्ति चोर ने बयां किया.

गोंडा जिले का रहने वाला मूर्ति चोर अजय शुक्ल का कहना है कि जब से राम की मूर्ति की चोरी की, उसके साथ बुरा ही बुरा होता जा रहा है. मूर्ति की चोरी के बाद चोर अजय के शरीर मे अजीब सा दर्द शुरू हो गया. जो असहनीय था. उसे बुरे-बुरे सपने डराने लगे. चोर मूर्ति को 5 दिन भी अपने साथ नही रख पाया और उसे युगल माधुरी कुंज मंदिर देने चला आया.

अयोध्या के युगल माधुरी कुंज मंदिर के पुजारी व महान राज बहादुर बताते हैं कि शुक्रवार को चोर खुद मंदिर आया और चोरी गई राम की मूर्ति को मेरे हवाले कर दिया. वहीं एसएसपी जोगेंद्र कुमार मानते हैं कि मूर्ति चोर बड़ा डरा हुआ था और वह अतिशीघ्र मूर्ति को उनके स्थान पर पहुंचाना चाह रहा था. पुलिस ने मूर्ति और मूर्ति चोर को अपने कब्जे में लेते हुए कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है. मूर्ति अब अपने स्थान पर विधि विधान से पूजा कर पुनः स्थापित की जाएगी.