बिकरू कांड: विकास दुबे के साथी गुड्डन त्रिवेदी और पत्नी पर FIR दर्ज, लगे हैं कई गंभीर आरोप

कानपुर देहात के एसपी केशव कुमार चौधरी ने बताया कि गुड्डन ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपनी पत्नी के नाम पर एक डबल बैरल गन और रिवॉल्वर का लाइसेंस बनवाया था. इसी सिलसिले में अरविंद त्रिवेदी उर्फ गुड्डन के खिलाफ रूरा और उसकी पत्नी के खिलाफ शिवली थाने में केस दर्ज हुआ है.

बिकरू कांड: विकास दुबे के साथी गुड्डन त्रिवेदी और पत्नी पर FIR दर्ज, लगे हैं कई गंभीर आरोप
गैंगस्टर विकास दुबे के साथ अरविंद उर्फ गुड्डन त्रिवेदी. (File Photo)

कानपुर: उत्तर प्रदेश पुलिस प्रशासन कानपुर के बिकरू कांड में शामिल आरोपियों के खिलाफ लगातार एक्शन ले रहा है. बुधवार को ​गैंगस्टर विकास दुबे के साथी अरविंद त्रिवेदी उर्फ गुड्डन और उसकी पत्नी कंचन त्रिवेदी पर मुकदमा दर्ज कर​ लिया गया. इंस्पेक्टर विद्यासागर सिंह की ओर से दोनों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया है. एसआईटी जांच में पता चला था कि गुड्डन ने शस्त्र लाइसेंस बनवाने और सिम कार्ड लेने में फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया था. उसने अपना वा​स्तविक पता और आपराधिक इतिहास छिपाकर शस्त्र लाइसेंस जारी करवाए थे. कानपुर के शिवाली थाने में गुड्डन त्रिवेदी पर कई आपराधिक मामले दर्ज हैं.

कानपुर देहात के एसपी केशव कुमार चौधरी ने बताया कि गुड्डन ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए अपनी पत्नी के नाम पर एक डबल बैरल गन और रिवॉल्वर का लाइसेंस बनवाया था. इसी सिलसिले में अरविंद त्रिवेदी उर्फ गुड्डन के खिलाफ रूरा और उसकी पत्नी के खिलाफ शिवली थाने में केस दर्ज हुआ है. आपको बता दें कि बिकरू कांड में संलिप्तता के आरोप में गुड्डन त्रिवेदी फिलहाल माती जिला जेल में बंद है. विकास दुबे का करीबी अरविंद त्रिवेदी उर्फ गड्डन बेहद शातिर है. एसआईटी की जांच में खुलासा हुआ कि मूल रूप से कुढ़वा शिवली का रहने वाला गुड्डन वर्ष 1996 में रूरा कस्बे के आंबेडकर नगर में रहने लगा था.

प्यार नहीं धर्मांतरण पर निशाना: आसान भाषा में जानें क्या कहता है योगी सरकार का अध्यादेश? 

गुड्डन को उसके ड्राइवर के साथ 11 JULY को मुंबई से गिरफ्तार किया गया था
हिस्ट्रीशीटर विकास दुबे के एनकाउंटर में मारे जाने के अगले दिन 11 जुलाई को उसके साथी गुड्डन को महाराष्ट्र से गिरफ्तार किया गया था. एक टिप मिलने के बाद मुंबई एंटी टेरर स्क्वाड (ATS) की जूहू टीम ने कोल्शेट रोड, ठाणे इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया, जिसमें अरविंद उर्फ गुड्डन त्रिवेदी अपने ड्राइवर सोनू तिवारी के साथ गिरफ्तार किया गया था. यूपी एटीएस की टीम गुड्डन और सोनू को मुंबई से कानपुर लेकर आई थी. आरोप है कि 2-3 जुलाई की दरमियानी रात कानपुर के बिकरू गांव में पुलिस पर फायरिंग में गुड्डन त्रिवेदी भी शामिल था. इस घटना में आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे.

दो दिन पहले पेड़ पर लटका मिला था प्रेमिका का शव, आज प्रेमी ने लगाया मौत को गले, ऐसी है प्रेम कहानी

गैंगस्टर विकास दुबे के साथ कई आपराधिक वारदातों में शामिल रहा है गुड्डन
एसआईटी की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, इस हत्याकांड के बाद गुड्डन त्रिवेदी ने अपना फोन पास के गांव की एक दुकान पर छोड़ दिया और अपने ड्राइवर के साथ दतिया तक कार से आया. फिर वहां से ट्रक के जरिए नासिक और फिर दूसरे ट्रक से पुणे होते हुए ठाणे पहुंचा. यहां वह एक जान-पहचान वाले के यहां रुका. गैंगस्टर विकास दुबे के साथ गुड्डन त्रिवेदी भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है. इनमें 2001 में दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री संतोष शुक्ला की हत्या का मामला भी शामिल है. उत्तर प्रदेश पुलिस ने गुड्डन पर इनाम भी रखा था.

मांगी मजदूरी तो 7 महीने प्रेग्नेंट महिला को बेरहमी से पीटा, नहीं बच पाया बच्चा  

यूपी एसटीएफ के साथ 10 जुलाई को हुई मुठभेड़ में मारा गया था विकास दुबे
विकास दुबे को 9 जुलाई को उज्जैन के महाकाल मंदिर से मध्य प्रदेश पुलिस ने गिरफ्तार कर यूपी पुलिस के हवाले किया था. यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की टीम उसे सड़क से कानपुर ला रही थी. यूपी STF के मुताबिक, 10 जुलाई को कानपुर नगर के थाना सचेंडी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर कन्हैया लाल अस्पताल के सामने अचानक मवेशियों का झुंड पुलिस वैन के सामने आ गया. ड्राइवर ने जानवरों को दुर्घटना से बचाने के लिए गाड़ी को अचानक मोड़ा, जिससे गाड़ी अनियंत्रित होकर पलट गई. एसटीएफ का कहना है कि इस दौरान विकास दुबे ने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की. क्रॉस फायरिंग में वह घायल हुआ, एसटीएफ उसे अस्पताल ले आई. जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया.

VIDEO: गांव में घुस आया जंगली सूअर, लोगों ने क्रूरता की सारी हदें पार कीं

VIDEO: पेट्रोल डालकर स्कूटी में लगा दी आग, ये थी वजह

VIDEO: हाईटेंशन लाइन के टावर पर चढ़ा युवक, पुलिस ने उतारने की कोशिश की तो...

WATCH LIVE TV