सीतापुर के पॉश इलाके में चल रही कारतूस फैक्ट्री में धमाका, विस्फोट से उड़ी छत, मकान में पड़ी दरारें

फैक्ट्री का लाइसेंस 1981 से पहवा मैन्युफैक्चरिंग के नाम से बना था, लेकिन वर्तमान में यह फैक्ट्री रिहाइश इलाके में संचालित हो रही थी. 

सीतापुर के पॉश इलाके में चल रही कारतूस फैक्ट्री में धमाका, विस्फोट से उड़ी छत, मकान में पड़ी दरारें

राजकुमार दीक्षित/सीतापुर: यूपी के सीतापुर में कारतूस की एक फैक्ट्री में आधी रात को तेज धमाका हुआ. इस धमाके में फैक्ट्री की छत उड़ गई और फैक्ट्री में रखे बारूद और कारतूस से आग तेजी से फैल गई. धमाका इतना तेज था कि आस पड़ोस के लोग धमाका सुनकर अपने अपने घरों से बाहर आ गए. आग की सूचना पर मौके पर पहुंची दमकल की गाड़ियों ने आग पर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया.

रिहायशी इलाके में चलाई जा रही थी फैक्ट्री
आपको बता दें कि यह कारतूस फैक्ट्री रिहायशी इलाके में चलाई जा रही थी. फैक्ट्री का लाइसेंस दिसंबर 2021 तक वैध है. इस कारतूस फैक्ट्री पर वर्ष 2011 में तत्कालीन सीओ सिटी द्वारा छापेमारी की गई थी जिसके बाद इस फैक्ट्री को सील कर दिया गया था. 

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विस्फोट में उड़ गई छत और दीवारों में आ गईं दरारें 

फैक्ट्री की छत के ऊपर एक कमरा स्थित था जिसमें अज्ञात कारणों से आग लग गई एक विस्फोट हुआ जिसमें छत उड़ गई और दीवारों में दरारें आ गई. मौके पर पहुची फायर ब्रिगेड की गाड़ियों ने आग पर काबू पाया किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई. 

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1981 से पहवा मैन्युफैक्चरिंग के नाम से बना था फैक्ट्री का लाइसेंस
फैक्ट्री का लाइसेंस 1981 से पहवा मैन्युफैक्चरिंग के नाम से बना था, लेकिन वर्तमान में यह फैक्ट्री रिहाइश इलाके में संचालित हो रही थी. इस हादसे के बारे में सीओ सिटी पीयूष कुमार सिंह बताते हैं कि शहर कोतवाली इलाके में पाहवा मैन्युफैक्चरिंग के नाम से एक फैक्ट्री चल रही थी इसका लाइसेंस 1981 में दिया गया, अभिलेख इनके द्वारा उपलब्ध कराए गए. इसके अनुसार इनका लाइसेंस दिसंबर 2021 तक वैध है.

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