राष्ट्रपति से मिला BSP का प्रतिनिधिमंडल, नागरिकता कानून को रद्द करने की मांग

 'हमने महामहिम को बताया कि नागरिकता संशोधन अधिनियम गलत है और यह संविधान की प्रस्तावना, अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन करता है.'

राष्ट्रपति से मिला BSP का प्रतिनिधिमंडल, नागरिकता कानून को रद्द करने की मांग
(फोटो साभार - ANI)

नई दिल्ली: नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की. राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा की अगुवाई में राष्ट्रपति कोविंद से मिले बीएसपी के प्रतिनिधिमंडल ने अपील की है कि है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम को रद्द करने के लिए कदम उठाएं.

राष्ट्रपति से मिलने के बाद मीडिया से बात करते हुए बीएसपी सांसद ने कहा, 'हमने महामहिम को बताया कि नागरिकता संशोधन अधिनियम गलत है और यह संविधान की प्रस्तावना, अनुच्छेद 14 और 21 का उल्लंघन करता है. हमने उनसे इसे रद्द करने के लिए कदम उठाने का अनुरोध किया'

बता दें कि मंगलवार को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी (Sonia Gandhi) के नेतृत्व में विपक्षी दल के नेताओं ने जामिया मिलिया इस्लामिया (Jamia Millia Islamia) की घटना को लेकर राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद से मुलाकात की थी. विपक्ष ने कहा था कि देश के मौजूदा हालात को लेकर राष्ट्रपति दखल दें. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने ज्यादती की.

सोनिया ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था, नागरिकता कानून की वजह से पूर्वोत्तर में जो हालात हैं, वो अब राजधानी दिल्ली सहित पूरे देश में बन रहे हैं. यह बहुत ही गंभीर स्थिति है. उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने ज्यादती की.

कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष ने कहा, ''हमारे पास दिल्ली में एक उदाहरण है जहां पुलिस ने जामिया के महिला छात्रावास में प्रवेश किया और उन्हें बाहर निकाला. छात्रों को बेरहमी से पीटा. मुझे लगता है कि आप सभी ने देखा होगा कि मोदी सरकार को लोगों की आवाज़ दबाने और कानून लागू करने में कोई दया नहीं बरत रही.''

इसके अलावा कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि बीजेपी सरकार पूरे देश में कश्मीर जैसे हालात पैदा कर रही है. वहीं, तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने राष्ट्रपति से नागरिकता संशोधन कानून वापस लेने की मांग की.

उल्लेखनीय है कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में देशभर में प्रदर्शन किए जा रहे हैं, जिनमें से राष्ट्रीय राजधानी समेत कई राज्यों में प्रदर्शन हिंसा में बदल गए, जिससे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचने के साथ ही आम लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.