'पति की शहादत पर नाज है, लेकिन अब मेरा और मेरी बेटी का क्या होगा'- शहीद की पत्नी

जम्मू के पुलमवा में हुए आतंकी घटना में देवरिया का जवान विजय कुमार मौर्य शहीद हो गए है. जब यह सूचना उनके गांव पहुची तो गांव में मातम फैल गया. लोगों मे इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है.  

'पति की शहादत पर नाज है, लेकिन अब मेरा और मेरी बेटी का क्या होगा'- शहीद की पत्नी

देवरिया: जम्मू के पुलमवा में हुए आतंकी घटना में देवरिया का जवान विजय कुमार मौर्य शहीद हो गए है. जब यह सूचना उनके गांव पहुची तो गांव में मातम फैल गया. लोगों मे इस घटना को लेकर काफी आक्रोश है.  

खून के बदले खूनः शहीद के पिता
थाना भटनी के छपिया जयदेव गांव के रहने वाले विजय मौर्य आठ फरवरी को छुट्टी पर गांव आए थे और 9 फरवरी को वापस लौट गए. विजय के पिता को अपने बेटे की शहादत पर गर्व है, लेकिन इस घटना से वह आक्रोशित भी है. उनका कहना है कि खून के बदले खून, पाकिस्तान को उड़ा देना चाहिए.

डेढ़ साल की बेटी का ख्याल कौन रखेगाः पिता
विजय अपने तीन भाइयों में तीसरे नम्बर के थे बड़े भाई गुजरात मे नौकरी करते है जबकि दूसरे नम्बर के पहले ही एक्सपायर हो चुके है. विजय की एक डेढ़ साल की बेटी है. विजय की शहादत के बाद उनके पिता का सिर फर्क से ऊंचा है, लेकिन वह इस बात से परेशान है कि आखिराक अब उनकी डेढ़ साल की बेटी का क्या होगा. वृद्ध पिता की आंखों में अपनी पोती के भविष्य को लेकर उम्मीदें हैं, लेकिन बेटे की शहादत के बाद वह धूमिल पड़ चुकी हैं. 

पत्नी में प्रशासन के खिलाफ गुस्सा
तो वही उनकी पत्नी विजय लक्ष्मी का दर्द छलका है. उनका कहना है उससे पहले भी इनके पति पर हमला हो चुका है, कोई कुछ नहीं करता पहले भी लोग शहीद हुए है और आज भी. शहीद की पत्नी का कहना है कि पति के जाने के बाद उनका और उनकी बेटी का क्या होगा. पाकिस्तान को कुछ भी सजा नही दी जाती है. हमको तो जिन्दगी भर झेलना पड़ता है.