Exclusive: बढ़ई और सेब किसान का बेटा कैसे बना जैश का आतंकी, पढ़ें शाहनवाज-आकिब से सवाल-जवाब

आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के पकड़े गए सदस्य शाहनवाज अहमद तेली और आकिब अहमद ने यूपी एटीएस के सामने कबूला कि वक कैसे आतंकी बना. यूपी एटीएस ने आतंकी से कई सवाल किये, जिसमें उसने कबूला कि वह गलत राह पर कैसे गया. पढ़िए आतंकी बनने की पूरी कहानी.

Exclusive: बढ़ई और सेब किसान का बेटा कैसे बना जैश का आतंकी, पढ़ें शाहनवाज-आकिब से सवाल-जवाब
जैश ए मोहम्मद के आतंकी शाहनवाज अहमद तेली और आकिब अहमद उत्तर प्रदेश के देवबंद से पकड़े गए हैं. तस्वीर साभार: PTI

लखनऊ: सहारनपुर के देवबंद से पकड़े गए जैश ए मोहम्मद (Jaish-e-Mohammad) के दोनों संदिग्ध आतंकियों से उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ओम प्रकाश सिंह ने रविवार को करीब चार घंटे तक गहन पूछताछ की. यूपी एटीएस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने रविवार रात को बताया कि डीजीपी ओपी सिंह ने दोनों संदिग्ध आतंकियों शाहनवाज अहमद तेली और आकिब अहमद से 4 घंटे तक पूछताछ की तथा इसके बाद कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह से बात की. उन्होंने बताया कि दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच शुरु की गयी. इसमें महत्वपूर्ण जानकारी और सबूत मिले हैं. पूछताछ में इस मॉड्यूल के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी मिली है. 

आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के पकड़े गए सदस्य शाहनवाज अहमद तेली और आकिब अहमद ने यूपी एटीएस के सामने कबूला कि वक कैसे आतंकी बना. यूपी एटीएस ने आतंकी से कई सवाल किये, जिसमें उसने कबूला कि वह गलत राह पर कैसे गया. पढ़िए आतंकी बनने की पूरी कहानी.

सवाल नंबर 1: यूपी एटीएस ने जब शाहनवाज़ से पूछताछ की तो उसे शाहनवाज़ नाम से संबोधित किया जिसपर आतंकी बोला.
जवाब: शाहनवाज़ कौन? मेरा नाम तो नवाज़ अहमद तेली है.

सवाल नंबर 2 : यूपी एटीएस ने पूछा कि तुम्हारे पिता क्या काम करते है?
जवाब: मेरे पिता कुलगाम में बढ़ई का काम करते हैं.

सवाल नंबर 3: यूपी एटीएस ने ये पूछा कि तुम कितना पढ़े हो?
जवाब: मैंने बीए फर्स्ट इयर तक पढ़ाई की उसके बाद पढ़ाई छोड़ दी. उसके बाद कंप्यूटर कोर्स ज्वाइन किया, लेकिन उसे भी छोड़ दिया था.

सवाल नंबर 4: तुमने अरबी कहां सीखी?
जवाब: मैंने कश्मीर में ही अरबी भाषा सीखी.

सवाल नंबर 5: तुम्हारे घर में और कौन है?
जवाब: मेरा भाई और दो छोटी बहने है. मेरा भाई कश्मीर में ही एक निजी स्कूल में टीचर है.

सवाल नंबर 6: यूपी एटीएस ने पूछा कि आतंकियों के संपर्क में कैसे आये?
जवाब: लगभग 2 साल पहले कश्मीर के सेब के बाग़ में आतंकवादियों ने मुझे पकड़ लिया था और अपने साथ काम करने का दवाब बनाया था तभी से आतंकवादियों के संपर्क में था.

सवाल नंबर 7: कश्मीर में सेना ने कभी तुमसे कभी पूछताछ की?
जवाब: हां, आतंकियों के संपर्क में आने की वजह से फ़ौज़ की निगाह मुझपर पड़ी और मुझसे कई बार पूछताछ हुई.

सवाल नंबर 8: तुम कश्मीर से क्यों भागे?
जवाब: लगातार पूछताछ से तंग आकर पिछले साल ईद के फ़ौरन बाद जून में कश्मीर से भाग गया और फिर दिल्ली और देवबंद में रहा.

आतंकी आकिब ने भी पूछताछ में आतंकी बनने की बात कबूली.

सवाल नंबर 1: यूपी एटीएस ने पूछा कि तुम कितना पढ़े हो?
जवाब: मैंने 12वीं तक की पढ़ाई की है. उसके बाद मैंने पढ़ाई छोड़ दी थी. 

सवाल नंबर 2: तुम्हारे पिता क्या करते है?
जवाब: मेरे पिता कश्मीर में ही सेब के किसान हैं.

सवाल नंबर 3: तुम आतंकियों के संपर्क में कैसे आये और कब आये?
जवाब: इस सवाल पर आकिब खामोश रहा और थोड़ी देर बाद बोला कि 6 महीने पहले संपर्क में आया.

सवाल नंबर 4: तुम कश्मीर से क्यों भागे?
जवाब: कई बार फ़ौज़ ने पूछताछ के लिए बुला लिया था, इसलिए मैं देवबंद आ गया.

सवाल नंबर 5: तुमलोग कैसे एक दूसरे से संपर्क करते थे?
जवाब: हमलोग कॉल करने के लिए वर्चुअल नंबर का प्रयोग करते थे. ये हमलोगों को निर्देश थे कि जब भी मेसेज करो वॉइस मैसेज भेजो.

सवाल नंबर 6: क्या कोई बड़ा ऑपरेशन अंजाम देना चाहते थे? 
जवाब: इसपर आतंकी आकिब खामोश रहा.

गौरतलब है कि प्रदेश पुलिस के आतंकवाद रोधी दस्ते (एटीएस) ने आतंकवादी संगठन जैश—ए—मोहम्मद के दो सदस्यों को शुक्रवार को सहारनपुर के देवबंद में गिरफ्तार किया था. पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में बताया था कि यूपी एटीएस को दो दिन पहले सूचना मिली थी कि देवबंद में कुछ युवक छात्र बनकर आतंकवादी संगठन जैश—ए—मोहम्मद के लिए युवाओं की भर्ती कर रहे हैं. सर्विलांस की मदद से उनकी पड़ताल की गई तो शक और मजबूत हो गया. उन्होंने बताया था कि पकड़े गए युवकों के कमरे की तलाशी लेने पर उनके मोबाइल फोन, दो पिस्तौल और 30 कारतूस मिले थे.

पुलिस महानिदेशक ने बताया था कि शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि शाहनवाज और आकिब जैश—ए—मोहम्मद के सक्रिय सदस्य हैं और दोनों को इस तंजीम में नए सदस्यों की भर्ती के लिए उत्तर प्रदेश भेजा गया था. दोनों संदिग्ध आतंकवादियों की उम्र 20 से 25 साल के बीच है.