मेरठ में तीन तलाक का पहला केस दर्ज, पत्र लिखकर पति ने पत्नी से कहा, 'तलाक'

 पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. पत्नी इससे पहले अपने पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा भी दर्ज करा चुकी है. 

मेरठ में तीन तलाक का पहला केस दर्ज, पत्र लिखकर पति ने पत्नी से कहा, 'तलाक'
पीड़िता को उसके पति ने पांच महीने पहले घर ने निकाल दिया था. (फाइल फोटो)

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के थाना लिसाड़ी गेट क्षेत्र में पत्नी को पत्र भेजकर तीन तलाक देने के आरोपी पति के खिलाफ पीड़िता के भाई की तहरीर पर मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. पत्नी इससे पहले अपने पति के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा भी दर्ज करा चुकी है. यह माना जा रहा है कि मेरठ में तीन तलाक के मामले में दर्ज यह पहला मुकदमा है. पुलिस क्षेत्राधिकारी कोतवाली दिनेश शुक्ल के अनुसार थाना लिसाड़ी गेट इलाके की रहने वाली हलीमा का निकाह अप्रैल 2015 में खुर्जा निवासी आबिद पुत्र जाहिद से हुआ था. 

पुलिस ने बताया कि आबिद पर आरोप है कि पांच महीने पहले उसने कथित रूप से दहेज के लिए मारपीट कर हलीमा को घर से निकाल दिया था. उन्होंने बताया कि मायके आकर हलीमा ने पति और ससुरालवालों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया था.

पुलिस अधिकारी ने बताया कि आबिद कथित रूप से अपनी पत्नी पर इस मुकदमे को वापस लेने के लिए दबाव बना रहा था. तहरीर का हवाला देते हुए पुलिस ने बताया कि हलीमा के इनकार करने पर पहले उसने वॉट्सऐप मेसेज में तीन तलाक लिखकर भेज दिया और इसके बाद उसने तीन तलाक लिखा रजिस्टर्ड पत्र हलीमा के घर भेज दिया. 

इस पर महिला ने पति के खिलाफ मुस्लिम महिला अधिकार एवं विवाह संरक्षण अध्यादेश 2018 का हवाला देते देख कर कार्रवाई की मांग की है. एसओ लिसाड़ी गेट रघुराज सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है हालांकि अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है.