अलीगढ़ः AMU कैंपस के पास MBA के छात्र की दिनदहाड़े हत्या

आपको बता दें सैफ उर्फ ताजिब क्रिकेट का खिलाड़ी था, एएमयू के एनआरएससी क्लब का कप्तान भी रहा है. 

अलीगढ़ः AMU कैंपस के पास MBA के छात्र की दिनदहाड़े हत्या
सैफ के पिता सैयद नुजहत हुसैन एएमयू में सेक्शन ऑफिसर थे (फाइल फोटो)

अलीगढ़ः उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में सिविल लाइंस इलाके में शनिवार की शाम अलबरकात कॉलेज के एमबीए छात्र की गोली मारकर हत्या कर दी गई. छात्र को गोली मारकर हमलावर आरोपी मौके से फरार हो गए. घटना की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस के आलाधिकारीयों ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. वहीं पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश में पुलिस ने हर इलाके में नाकाबंदी कर रखी है और जगह-जगह पर पुलिस जुटी हुई है. बता दें पूरा मामला थाना सिविल लाइन इलाके के एडीएम कंपाउंड का है. जहां एमबीए के पूर्व छात्र की शनिवार शाम गोली मारकर हत्या कर दी गई. वहीं जानकारी मिलने पर एसएसपी और एएमयू छात्रसंघ से जुड़े तमाम नेता पहुंच गए.

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दरअसल सैयद सैफ उर्फ ताजिब अलीगढ़ के थाना सिविल लाइन इलाके ख्वाजा हलीम के आवास के सामने एडीएम कंपाउंड के पास अहमदनगर में परिवार के साथ रहता था. वह ट्यूशन भी पढ़ाता था. मेडिकल कॉलेज स्थित रीवा कांपलेक्स में बच्चों को पढ़ा कर आवास पर लौटा ताजिब बाइक से एएमयू बॉम्बे सैयद गेट के पास सड़क पर जा रहा था कि तभी पीछे से एक बाइक पर सवार दो हमलावर आये और फायरिंग कर दी. गोली सैफ़ के सिर को चीरते हुए निकल गई, वह सड़क पर करीब 15 मिनट तक पढ़ा रहा. तभी वहां से गुज़र रही चचेरी बहन ने उसे पड़ा हुआ देखा तब लोगों की मदद से सैफ को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां उसे डॉक्टर्स की टीम ने मृत घोषित कर दिया. 

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हमलावरों के चेहरे पर कपड़ा बंधा हुआ बताया गया है, सूचना पर पुलिस व एएमयू के कई छात्र भी पहुंच गए, परिजनों ने किसी से दुश्मनी से इनकार किया है. फ़िलहाल पुलिस सैफ के हत्यारों की तलाश में जुटी है. आपको बता दें सैफ उर्फ ताजिब क्रिकेट का खिलाड़ी था, एएमयू के एनआरएससी क्लब का कप्तान भी रहा है. बीकॉम भी एएमयू से ही की थी. सैफ के पिता सैयद नुजहत हुसैन एएमयू में सेक्शन ऑफिसर थे, जिनका ढाई साल पहले इंतकाल हो चुका है. बड़े भाई सैयद सदफ एएमयू में ही रजिस्ट्रार कार्यालय में एकाउन्ट सेक्शन में तैनात हैं. जिन नकाब पोश लोगों की इस हत्याकांड को अंजाम दिया उनपर शिकंजा कसना तेज कर दिया है.