VIDEO: मायावती के जन्‍मदिन पर कार्यकर्ताओं के लिए आया केक, लोगों के हाथ लगा तो लूट लिया

अमरोहा में बीएसपी कार्यकर्ताओं ने मायावती के जन्‍मदिन के मौके पर बड़ा केक मंगाया. लेकिन जैसे ही ये केक आया, तो मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने इसे लूट लिया. यहां तक कि केक का बड़ा हिस्‍सा गिर गया.

VIDEO: मायावती के जन्‍मदिन पर कार्यकर्ताओं के लिए आया केक, लोगों के हाथ लगा तो लूट लिया

लखनऊ : बीएसपी प्रमुख मायावती ने मंगलवार को 63वां जन्मदिन मनाया. पार्टी के अलावा दूसरे नेताओं ने भी उन्‍हें इस मौके पर बधाई दी. यूपी के पूर्व मुख्‍यमंत्री अखि‍लेश यादव ने उनसे मिलकर उन्‍हें बधाई दी. इसके अलावा पूरे देश में बीएसपी के कार्यकर्ताओं ने अपनी पार्टी मुखिया का जन्‍मदिन पूरे उत्‍साह से मनाया. हालांकि कई जगह उनका ये उत्‍साह बहुत भारी पड़ा. अमरोहा में ही पार्टी कार्यकर्ताओं ने केक का बुरा हाल कर दिया.

अमरोहा में बीएसपी कार्यकर्ताओं ने मायावती के जन्‍मदिन के मौके पर बड़ा केक मंगाया. लेकिन जैसे ही ये केक आया, तो मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने इसे लूट लिया. यहां तक कि केक का बड़ा हिस्‍सा गिर गया. कई लोगों ने केक को हाथों से उठा लिया. सभी लोगों को बांटने के लिए मंगाया गया ये केक बस कुछ लोगों को ही मिल पाया.

अपने जन्‍मदिन के मौके पर मायावती ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के लिए उनकी पार्टी व समाजवादी पार्टी (सपा) के बीच गठबंधन ने सत्तारूढ़ भाजपा की रातों की नींद हराम कर दी है. लोकसभा चुनाव के लिए बसपा के समाजवादी पार्टी के साथ गठजोड़ करने के तीन दिनों बाद मायावती ने फिर एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया और कहा कि गठबंधन ने सत्तारूढ़ भाजपा व अन्य की रातों की नींद उड़ा दी है.

मायावती ने कहा, "मोदी बहुत-सी जगहों पर कई रैलियां कर रहे हैं. वह पहले की तरह ही लोगों से फिर से बहुत से झूठे वादे कर रहे हैं और इन वादों पर भी कोई काम नहीं होगा." मुस्लिमों को उनकी आर्थिक स्थिति के आधार 10 फीसदी आरक्षण दिए जाने की मांग करते हुए मायावती ने कहा, "मोदी सरकार द्वारा उच्च वर्ग के आर्थिक रूप से कमजोर तबकों के लिए लाया गया 10 फीसदी आरक्षण चुनाव के मद्देनजर है. लेकिन हमारी पार्टी विधेयक का समर्थन करती है." उन्होंने कहा, "हम चाहते हैं कि मुस्लिमों को भी इसी आधार पर 10 फीसदी आरक्षण दिया जाए."

भाजपा व राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) पर निशाना साधते हुए, उत्तर प्रदेश की चार बार मुख्यमंत्री रहीं मायावती ने कहा, "वे सिर्फ धर्म के नाम पर ही गलत राजनीति नहीं कर रहे, बल्कि अब उन्होंने भगवान की जाति को लेकर राजनीति शुरू कर दी और राजनीतिक लाभ लेने के लिए सांप्रदायिक विभाजन पैदा कर रहे हैं."