सबरीमाला मंदिर एक संप्रदाय विशेष का स्थल है, पब्लिक प्लेस नहीं: मोहन भागवत

मोहन भागवत ने कहा कि टेलीविज़न कैमरा के सामने भारत तेरे टुकड़े होंगे बोलने वाले लोग आज इसके पीछे हैं. स्वतन्त्र भारत में जिन लोगों को हिन्दूवादी कहा जाता है वह सत्ता में आये तो इन लोगों को दिक्कत हुई. हमारी कुछ कमियां हैं, जिसकी वजह से ऐसे षडयंत्र चल रहे हैं.

सबरीमाला मंदिर एक संप्रदाय विशेष का स्थल है, पब्लिक प्लेस नहीं: मोहन भागवत
RSS प्रमुख मोहन भागवत गुरुवार को प्रयागराज में वीएचपी की ओर से आयोजित धर्म संसद में पहुंचे.
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राहुल मिश्रा, प्रयागराज: वीएचपी की ओर से आयोजित धर्म संसद में हिस्सा लेने प्रयागरराज पहुंचे आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि सबरीमाला में महिलाओं के प्रवेश का मसला करोड़ों हिन्दू की भावनाओं से जुड़ा है. उन्होंने कहा कि हम न्यायालय का आदर करते हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सबरीमाला में महिलाओं का प्रवेश होना चाहिए. यह न्याय सरासर अत्याचार है. इस न्याय से केरल का हिन्दू समाज आहत है. लोगों को शायद ये गलत समझ है कि अय्यप्पा की पूजा केवल केरल के लोग करते हैं. लेकिन मैं कहता हूं कि ये सम्पूर्ण देश के हिन्दू समाज के लोग पूजा करते हैं.

मोहन भागवत ने कहा कि टेलीविज़न कैमरा के सामने भारत तेरे टुकड़े होंगे बोलने वाले लोग आज इसके पीछे हैं. स्वतन्त्र भारत में जिन लोगों को हिन्दूवादी कहा जाता है वह सत्ता में आये तो इन लोगों को दिक्कत हुई. हमारी कुछ कमियां हैं, जिसकी वजह से ऐसे षडयंत्र चल रहे हैं. 700 साल अधीन रहने के बाद भी आज भी हमारा देश भारत है कुम्भ मेला को देख लीजिए.

संघ प्रमुख ने कहा कि सबरीमाला के अंदर में 4 मंदिर हैं. एक मंदिर को छोड़कर सबका सब जगह प्रवेश है. कोर्ट ने आनन-फानन में निर्णय दिया है. कोर्ट ने तो भगवन के अस्तित्व पर भी सवाल उठाया था. सबरीमाला एक पब्लिक प्लेस नहीं है. वह तो एक संप्रदाय का स्थल है. कोर्ट ने विचार नहीं किया की उनके फैसले से करोड़ों लोगों की आस्थाओं को ठेस पहुंचेगी.

हिन्दू समाज को ठेस पहुंचने की नई-नई योजनाएं बन रही हैं. भगवान अय्यप्पा को मानने वाले केवल केरल नहीं पूरी दुनिया में हैं. अय्यप्पा का संकट सम्पूर्ण हिन्दू समाज पर संकट है. कुछ लोग आंदोलन नहीं कर रहे. पूरा हिन्दू समाज सामाजिक और धार्मिक संगठन आंदोलन कर रहे हैं. कोई महिलाओं के साथ भेद भाव नहीं हो रहा है. राजनितिक स्वार्थ के चलते समाज को तोड़ने की साजिश हो रही है. हमारा समाज थोड़ा अज्ञानी है. क्या चल रहा उसे पता नहीं. उसको ये जानकारी देनी पड़ेगी. परस्थिति का पूर्ण संज्ञान लेकर अगर हिन्दू समाज खड़ा हो जाता है तो उसको तोड़ने की दुनिया में किसी की क्षमता नहीं है.