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सम्भल: इकराम हत्याकांड को अंजाम दे चुके हैं फरार कैदी, 20 जुलाई को होनी थी सजा

तीनों कैदियों की पहचान शकील, धर्मपाल और कमल के रूप में हुई है. कमल ने साल 2014 कार में लिफ्ट देने के बहाने इंजीनियर इकराम का अपहरण किया था और 20 लाख की फिरौती लेने के बाद इंजीनियर इकराम की हत्या कर दी थी. 

सम्भल: इकराम हत्याकांड को अंजाम दे चुके हैं फरार कैदी, 20 जुलाई को होनी थी सजा
पुलिस तीनों फरार कैदियों की तलाश कर रही है.

सम्भल, सुनील सिंह: सम्भल में पुलिस कर्मियों की आंखों में मिर्च पाउडर झोंककर दो पुलिसकर्मियों की हत्याकर सिपाही की रायफल लूटकर फरार होने वाले कैदी मुरादाबाद में 2014 में हुए चर्चित इंजीनियर इकराम हत्याकांड के आरोपी हैं. तीनों कैदियों की पहचान शकील, धर्मपाल और कमल के रूप में हुई है. कमल ने साल 2014 कार में लिफ्ट देने के बहाने इंजीनियर इकराम का अपहरण किया था और 20 लाख की फिरौती लेने के बाद इंजीनियर इकराम की हत्या कर दी थी. 

20 जुलाई को तीनों को होनी थी सजा
मुरादाबाद पुलिस ने इंजीनियर की हत्या के आरोप में शकील, धर्मपाल, कमल समेत 5 आरोपियों को जेल भेजा था. इंजीनियर हत्याकांड का मामला मुरादाबाद कोर्ट में चल रहा है. 2 दिन बाद यानि 20 जुलाई को इस मामले में कोर्ट का फैसला आना था. फैसले में तीनों आरोपीयों को सजा होनी निश्चित थी. इसी सजा से बचने के लिए तीनों ने फरार होने का प्लान बनाया.

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पुलिस ने कैदियों को ढूंढने के लिए सोशल मीडिया का सहारा
सिपाहियों की हत्या करने के बाद फरार हुए तीनों कैदी शातिर अपराधी है. पुलिस की शुरुआती जांच में फरार कैदियों के खौफनाक इरादे सामने आए हैं. पुलिस तीनों अपराधियों की तलाश कर रही है. पुलिस ने इनकी तलाश के लिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है. संभल पुलिस ने सोशल मीडिया पर तीनों अपराधियों की फोटो और डीटेल्स डाली हैं. 

ऐसा दिया घटना को अंजाम
घटना सम्भल जनपद के बनियाठेर थाना क्षेत्र की है. बुधवार शाम लगभग 4 बजे कैदियों की पुलिस वैन पर तैनात सिपाही हरेंद्र सिंह और ब्रजपाल कैदियों को चन्दौसी न्यायालय में पेशी के बाद पुलिस वैन से वापस मुरादाबाद लेकर जा रहे थे. बैन  में 24 कैदी मौजूद थे. कैदियों से भरी पुलिस वैन जैसे ही थाना बनियाठेर क्षेत्र के मुरादाबाद-आगरा हाईवे पर पहुंची. वैन में मौजूद तीन कैदियों ने अचानक सिपाही हरेंद्र सिंह और ब्रजपाल सिंह के साथ कैदियों की आंखों में मिर्च  पाऊडर झोंक दिया. दोनों पुलिसकर्मी कुछ कर पाते, इससे पहले ही कैदियों ने अपने पास पहले से ही मौजूद तमंचे से सिपाही हरेंद्र सिंह और ब्रजपाल के गोली मार दी और उनकी रायफल ली और वैन के चैनल गेट को तोड़कर फरार हो गए.