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उत्तर प्रदेशः हुसैनाबाद ट्रस्ट और संरक्षित स्मारकों का संरक्षण करेगा प्रशासन

जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि एक माह के अंदर सभी सम्पत्तियों के दस्तावेजों को निकाला जाए और सभी सम्पत्तियों का सर्वे कराया जाए. ताकि पता चल सके किसके द्वारा कितनी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है. 

उत्तर प्रदेशः हुसैनाबाद ट्रस्ट और संरक्षित स्मारकों का संरक्षण करेगा प्रशासन
जिलाधिकारी द्वारा सभी स्मारकों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. फाइल फोटो (फोटो साभारः twitter)

नई दिल्लीः आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा द्वारा हुसैनाबाद ट्रस्ट व संरक्षित स्मारकों के सौन्द्रीयकर्ण/संरक्षण के सम्बंध में समीक्षा बैठक आहूत की गई. बैठक में अपर जिलाधिकारी पश्चिमी श्री संतोष वैश्य, हुसैनाबाद ट्रस्ट के पदाधिकारियों, ASI, नगर निगम व LDA के अधिकारियों ने भाग लिया. बैठक में जिलाधिकारी द्वारा निमन्वत दिशा निर्देश दिए गए:- 

1) ट्रस्ट की जमीन पर अवैध कब्ज़ों की समीक्षा
जिलाधिकारी द्वारा हुसैनाबाद ट्रस्ट की जमीन पर किये गए अवैध कब्जों की समीक्षा की गई. नगर निगम द्वारा बताया गया कि कुल 336 अवैध मकानों को चिन्हित किया गया है जिनके द्वारा किराया भी नही दिया जाता है. नगर निगम द्वारा बताया गया कि उक्त क्षेत्र में ज़्यादा तर मकान और दुकानें ऐसी हैं जिनके द्वारा ट्रस्ट की ज़मीन पर अवैध कब्जा किया गया है. जिसके लिए जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि एक माह के अंदर सभी सम्पत्तियों के दस्तावेजों को निकाला जाए और सभी सम्पत्तियों का सर्वे कराया जाए. ताकि पता चल सके किसके द्वारा कितनी भूमि पर अवैध कब्जा किया गया है. 

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सर्वे के पश्चात सभी सम्पत्तियों का किराया निर्धारित करते हुए 11-11 माह का एग्रीमेंट किया जाए. उन्होंने कहा कि यदि जो कियाएदार एग्रीमेंट नही करेगा उसका कब्ज़ा खाली कराया जाएगा और उनकी जगह दूसरे लोगो को उक्त दुकान/मकान का आवंटन किया जाएगा. जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि जिन दुकानदारों द्वारा ट्रस्ट की जमीन पर अवैध मोडिफिकेशन किया गया है उनको तत्काल नोटिस भेजा जाए और उनसे उक्त दुकान को खाली कराया जाए. 

2) संरक्षित इमारतों के संरक्षण की समीक्षा
जिलाधिकारी द्वारा संरक्षित इमारतों जैसे छोटा व बड़ा इमामबाड़ा, शाह नजफ़ इमामबाड़ा, रौजा ए काज़मैन आदि इमारतों की मरम्मत के लिए किए जा रहे कार्यो की समीक्षा की. ASI द्वारा बताया गया कि बड़े इमामबाड़े की मरम्मत के लिए प्रस्ताव भेजा गया है, जिसके पश्चात कार्य शुरू किया जाएगा. जिसके लिए निर्देश दिया कि इमारत में जितने बहु सामान्य कार्य हैं, जैसे जहां पर बारिश का पानी रिसता है या अन्य कार्य हैं उनको प्राथमिकता के आधार पर कराया जाए. वहीं संज्ञान में आया कि शाहनजफ इमामबाड़ा की छत से पानी टपकता है और रौजा ए काज़मैन की छत एकदम जर्जर हो गई है. 

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किसी भी दिन कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है. जिसके लिए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि शाहनजफ इमामबाड़े की छत और रौजा ए काज़मैन की छत का इस्टीमेट तुरन्त बना कर भेजे इसका निर्माण ट्रस्ट की निधि से कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि इमारतों में जो भी ऐसे मरम्मत के कार्य है जो बजट के अभाव में रुके हुए है उनको तत्काल शुरू किया जाए. इन सभी कार्यो को ट्रस्ट की निधि से कराया जाएगा. साथ ही जिलाधिकारी द्वारा ASI को निर्देश दिया गया कि शहर कलके सभी इस्मारको मे क्या क्या कार्य कराए जा रहे है और भविष्य में क्या क्या कार्य कराए जाने हैं.

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3) इस्मारकों की साफ सफाई की समीक्षा
जिलाधिकारी द्वारा छोटे व बड़े इमामबाड़ों के साथ साथ शहर के सभी स्मारकों मे प्रयाप्त साफ सफाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए.. उन्होंने कहा कि सभी इमारतों में साफ सफाई की पूर्ण व्यवस्था उपस्थित होनी चाहिये ज़रूरत पड़े तो इस्मारको की साफ सफाई 2 शिफ्टों में कराई जाए. छोटे व बड़े इमामबाड़े में साफ सफाई के लिए क्रमशः 5 और 6 सफाई कर्मी आउटसोर्सिंग के माध्यम से नियुक्त करने के निर्देश दिए. 

4) स्मारकों की सुरक्षा सम्बंधित समीक्षा
जिलाधिकारी द्वारा सभी स्मारकों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए. उन्होंने कहा कि छोटे व बड़े इमामबाड़े में वलग्ररैलिटी सम्बंधित शिकायतें आ रही है. जिसके सम्बंध में निर्देश दिया गया कि इमामबाड़े में ट्राइपॉड वाले कैमरे, वीडियो कैमरे और वल्गर ड्रेस में प्रवेश पूर्णतया प्रतिबंधित किया जाता है. इमामबाड़ों में प्रवेश केवल गरिमामय वस्त्रों में ही दिया जाएगा. साथ ही इमामबाड़े में कोई भी प्रोफेशनल फोटोग्राफी या शूट की अनुमति नहीॆ होगी. यदि उक्त आदेशो का पालन नही किया गया तो गेट पर ड्यूटी करने वाले गार्डो के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी.

(प्रेस रिलीज)