UP के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने लिखी स्वास्थ्य विभाग को चिट्ठी, लखनऊ में स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल

उत्तर प्रदेश के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक (Brajesh Pathak) ने अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) और प्रमुख सचिव (चिकित्सा शिक्षा) को चिट्ठी लिखकर लखनऊ में स्वास्थ्य सेवाओं की हालात पर चिंता जताई है.

UP के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक ने लिखी स्वास्थ्य विभाग को चिट्ठी, लखनऊ में स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल
ब्रजेश पाठक ने यूपी के अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) और प्रमुख सचिव (चिकित्सा शिक्षा) को चिट्ठी लिखी है.

लखनऊ: कई राज्यों में कोरोना वायरस (Coronavirus) का संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भी हालात खराब होते जा रहे हैं. इस बीच यूपी के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक (Brajesh Pathak) ने अपर मुख्य सचिव (स्वास्थ्य) और प्रमुख सचिव (चिकित्सा शिक्षा) को चिट्ठी लिखी है. उन्होंने लखनऊ में स्वास्थ्य सेवाओं की हालात पर चिंता जताते हुए कहा है कि अस्पतालों में बेड नहीं है और लोगों को समय पर एंबुलेंस नहीं मिल रही है.

4 से 7 दिनों में मिल रही है कोरोना की रिपोर्ट

ब्रजेश पाठक (Brajesh Pathak) ने चिट्ठी में लिखा है, 'लखनऊ में कोरोना मरीजों की जांच रिपोर्ट मिलने में 4 से 7 दिनों का समय लग रहा है. एंबुलेंस भी मरीजों को समय से नहीं मिल पा रीह है और फोन पर बुलाने पर 5 से 6 घंटे में एंबुलेंस पहुंच रही है.' उन्होंने आगे लिखा, 'सीएमओ से भर्ती की स्लिप मिलने में दो-दो दिनों का समय लग रहा है.' 

इतिहासकार योगेश प्रवीण को नहीं मिल पाई समय से ऐंबुलेंस

ब्रजेश पाठक ने अपने लेटर में इतिहासविद योगेश प्रवीण को भी ऐंबुलेंस न मिलने का जिक्र किया है और लिखा है, 'योगेश प्रवीण की तबियत अचानक बिगने के बाद मैंने खुद मुख्य चिकित्सा अधिकारी से फोन पर बात की और उन्होंने तत्काल एंबुलेस मुहैया कराने का अनुरोध किया, लेकिन खेद है कि कई घंटों बाद भी उन्हें एंबुलेंस नहीं मिल पाई और समय पर इलाज नहीं होने की वजह से उनका निधन हो गया.'

अस्पतालों में बेड की संख्या पर भी उठाए सवाल

ब्रजेश पाठक (Brajesh Pathak) ने अस्पतालों में बेड की संख्या पर भी सवाल उठाए और लिखा, 'कोविड-19 के 4 से 5 हजार कोरोना के रोगी जनपद में मिल रहे हैं. ऐसे में कोविड अस्पतालों में बेड की संख्या काफी कम है.' उन्होंने आगे लिखा, 'चिकित्सा विभाग के एक बड़े अधिकारी से एक सप्ताह पहले मेरी बात हुई थी, जिन्होंने बताया था कि उन्हें प्रतिदिन 17000 किट जांच के लिए चाहिए, लेकिन सिर्फ 10 हजार जांच किट ही उपलब्ध हो पा रही है.'

'लखनऊ में लगाना पड़ सकता है लॉकडाउन'

ब्रजेश पाठक पत्र में मांग की है, 'जरूरी है कि कोविड बेड बढ़ाए जाएं, पर्याप्त जांच किट दी जाएं, प्राइवेट लैब को कोविड जांच का फिर अधिकार मिले. गंभीर रोगियों को तुरंत भर्ती कर गंभीर रोगों से ग्रसित नॉन कोविड मरीजों का उचित इलाज हो.' इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों को शीघ्र नियंत्रित नहीं किया तो लखनऊ में लॉकडाउन लगाना पड़ सकता है.

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