• 0/542 लक्ष्य 272
  • बीजेपी+

    0बीजेपी+

  • कांग्रेस+

    0कांग्रेस+

  • अन्य

    0अन्य

चुनावी ड्यूटी से बचने के लिए सास की मौत का बहाना बनाना पड़ा महंगा, खुली पोल

आवेदन की जांच के दौरान मामले की सच्चाई आई सामने.

चुनावी ड्यूटी से बचने के लिए सास की मौत का बहाना बनाना पड़ा महंगा, खुली पोल
जिला निर्वाचन कार्यालय में साढ़े चार हजार आवेदन आया हुआ है. (प्रतीकात्मक फोटो)

जयपुर: लोकसभा चुनाव के दौरान ड्यूटी से बचने के लिए जयपुर जिले के कार्मिक अजीबो गरीब बहाने बना रहे है. जिस कारण उनकी नौकरी छूटने के लिए भी नौबत आ पड़ी है. जिले के एक कार्मिक ने चुनावी ड्यूटी से बचने के लिए आवेदन दिया था. जिसमें उसने ड्यूटी पर नहीं जाने का कारण सास की मौत होना बताया. लेकिन जांच के दौरान जब कार्मिक के घर फोन कर पूछताछ की गई तो उसकी पत्नी चौंक पड़ी और ऐसी किसी भी घटना से इंकार कर दिया. 

बताया जा रहा है कि लोकसभा चुनाव में ड्यूटी निरस्त कराने के लिए स्थानीय जिला निर्वाचन कार्यालय में साढ़े चार हजार आवेदन आया हुआ है. इस दौरान जिला कलक्ट्रेट की टीम जब आवेदनों की जांच कर रही थी, तब मामले का खुलासा हुआ. 

टीम कर रही है आवेदनों की जांच
विभागीय सूत्रों के अनुसार, आवेदनकर्ताओं में शामिल कर्मचारियों में से अधिकांश ने छूट्टी मांगने का कारण खुद को शारीरिक रूप से चुनावी ड्यूटी के लिए अनफिट होना बताया है. इसके अलावा घर पर मां-बाप की सेवा करने के अलावा, बीमार सास से काम नहीं होना छूट्टी मांगने की वजह बताई गई है. इसके अलावा कई महिला कार्मिकों ने बच्चों की परवरिश करने के लिए चुनावी ड्यूटी में आने में असमर्थता जताई है. जिसकी सच्चाई जानने के लिए एक टीम जांच कर रही है.

फोन लगाकर जताया शोक, झुठ का हुआ खुलासा
सूत्रों के अनुसार, आवेदन की जांच के दौरान जिला कलक्टर जगरूप सिंह यादव ने मामला संदिग्ध होने के शक पर कार्मिक के घर फोन कर दिया. इस दौरान फोन पर उन्होंने कार्मिक की पत्नी से उनकी मां के निधन होने की बात कह कर शोक जताया. जिसके बाद कार्मिक की बहानेबाजी और फर्जी आवेदन का खुलासा हो सका. 

सांगानेर के शिक्षक पक्षियों को दे रहे थे दाना, गई नौकरी
वहीं, सांगानेर ब्लॉक के एक शिक्षक ने चुनाव ड्यूटी निरस्त करने के लिए ऐसी बीमारी से पीडि़त होने की बात कही थी. जिसमें उसने चलने-फिरने में असमर्थता जताई थी. उसने अपने आवेदन में लिखा था कि वह स्कूल में सिर्फ पक्षियों को दाना डालने का काम करता है. जिसके बाद कलेक्टर ने सांगानेर शिक्षा अधिकारी को शिक्षक की अनिवार्य रूप से सेवामुक्त करने का निर्देश जारी कर दिया.