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लोकसभा चुनाव से पहले गहलोत सरकार का मास्टर स्ट्रोक, पांच गुना बढ़ी बेरोजगारी भत्ता

राजस्थान में करीब 50 लाख बेरोजगारों को अब पांच गुना ज्यादा बेरोजगारी भत्ता मिलेगा.

लोकसभा चुनाव से पहले गहलोत सरकार का मास्टर स्ट्रोक, पांच गुना बढ़ी बेरोजगारी भत्ता
सरकारी आंकड़ो के अनुसार 6 लाख 16 हजार 706 बेरोजगार रजिस्टर्ड है. (फाइल फोटो)

जयपुर/आशीष चौहान: राजस्थान में लोकसभा चुनाव से पहले गहलोत सरकार ने बडा मास्टर स्ट्रोक खेला है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम के दौरान युवाओं के बीच बेरोजगारी भत्ता को बढ़ाने का ऐलान किया. अब एक मार्च से राजस्थान में बेरोजगार लड़कियों को 3 हजार रूपए और लड़कों को 3500 रूपए प्रतिमाह भत्ता दिया जाएगा.

आपको बता दें कि, कांग्रेस सरकार ने विधानसभा चुनाव से पहले घोषणा पत्र में बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था. जिसके बाद में अशोक गहलोत ने सरकार बनने के एक महीने के भीतर ही इसकी घोषणा कर दी है. कर्जमाफी के बाद बेरोजगारी भत्तें पर लिए इस निर्णय को राज्य लोकसभा चुनाव से पहले बडा मास्टर स्ट्रोक माना जा रहा है. इससे राज्य के युवा वोटर्स को साधने की कोशिश की जा रही है. राजस्थान में करीब 50 लाख बेरोजगारों को अब पांच गुना ज्यादा बेरोजगारी भत्ता मिलेगा. 

किसान कर्जमाफी के बाद बेरोजगारी भत्ता सरकार का मास्टर स्ट्रोक

सरकार के इस ऐलान के बाद राजस्थान में बेरोजगारी भत्ते पर सालाना करीब करीब एक से डेढ़ अरब का खर्च आएगा. किसान कर्जमाफी के बाद बेरोजगारी भत्ता दूसरी बड़ी घोषणा गहलोत सरकार ने की है. इसके लिए हर साल एक से डेढ़ अरब रु.का अतिरिक्त इंतजाम सरकार को करना होगा. फिलहाल राजस्थान में पुरूष शिक्षित बेरोजगारों को 650 रूपए और महिलाओं को 750 रूपए प्रतिमाह भत्ता देने का प्रावधान है. अब 1 मार्च से पांच गुना ज्यादा बेरोजगारी भत्ता शिक्षित बेरोजगारों को मिलेगा. हालांकि अभी तक इसका क्राइटेरिया तय नहीं किया गया है.

राज्य में जयपुर में बेरोजगारों की संख्या सबसे ज्यादा

राज्य में सबसे ज्यादा 63,043 बेरोजगार जयपुर में रजिस्टर्ड है, जो प्रदेश के कुल बेरोजगारों का 10. 22 फीसदी है. दूसरे स्थान पर राज्य का सीकर जिला आता है. सीकर में 8.84 तो अलवर में बेरोजगारों की संख्या प्रदेशभर के बेरोजगारों की तुलना में 8.40 फीसदी है. वैसे राजस्थान बेरोजगार संघ का दावा है कि प्रदेश में इस वक्त करीब 50 लाख युवा बेरोजगार हैं. वहीं, रोजगार कार्यालय के आंकड़ो के अनुसार 6 लाख 16 हजार 706 बेरोजगार रजिस्टर्ड है.

राज्य सरकार की इस घोषणा के बाद बेरोजगार शिक्षित युवाओं ने सरकार की इस योजना पर हर्ष वयक्त किया है. राज्य के युवाओं का मानना है कि बेरोजगारी भत्ते का ऐलान कर उन्हें सरकार ने भारी राहत देने का काम किया है, 

हालांकि, बेरोजगारी भत्ते की क्राइटेरियों को लेकर कई सवाल खड़े होंगे. इसमें शैक्षणिक योग्यता, उम्र को लेकर एक डेडलाइन तय करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती होगी.