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मधेपुरा लोकसभा सीट: कौन होगा महागठबंधन का उम्मीदवार, पप्पू यादव या शरद यादव?

 मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र के लिए पहली बार 1967 में वोट डाले गए थे. इस चुनाव में बीपी मंडल सोशलिस्ट पार्टी से चुनाव जीतने में सफल रहे थे.

मधेपुरा लोकसभा सीट: कौन होगा महागठबंधन का उम्मीदवार, पप्पू यादव या शरद यादव?
शरद यादव और पप्पू यादव देनों ने चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है. (फाइल फोटो)

मधेपुरा : बिहार के कोसी इलाके का मधेपुरा लोकसभा सीट भी हाईप्रोफाइल बनता जा रहा है. 2014 लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की टिकट पर सांसद बने पप्पू यादव और इसी चुनाव में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ने वाले शरद यादव के बीच महागठबंधन में वर्चस्व की लड़ाई चल रही है. दोनों ही नेता अपने तत्कालीन पार्टी से अलग राह अपनाते हुए अपनी-अपनी पार्टी बना ली है. शरद यादव तो घोषित तौर पर महागठबंधन का हिस्सा हैं, वहीं पप्पू यादव भी कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं, ऐसा कयास लगाया जा रहा है.

लोकतांत्रिक जनता दल के अध्यक्ष शरद यादव और स्थानीय सांसद सह जन अधिकार पार्टी (जाप) सुप्रीमो पप्पू यादव, दोनों ने ही यहां से चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है. पप्पू यादव ने कहा है कि वह हर हाल में 2019 में मधेपुरा सीट से ही चुनाव लड़ेंगें. इससे पहले शरद यादव ने भी हर उन अफवाहों को खारिज कर दिया, जिसमें कहा जा रहा था कि वह चुनाव नहीं लड़ेंगे.

सांसद पप्पू यादव का कहना है कि मैं तो सेवक हूं, कुछ लोग राजा हैं. न्याय के लिए सदैव मरने को तैयार रहता हूं. मधेपुरा की जनता जब तक चाहेगी मैं यहां रहूंगा और यहीं से आगामी लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी करूंगा. उन्होंने कहा कि हर घर मेरा परिवार है. अगर यहां की जनता को लगेगा कि हमने सेवा नहीं की है तो मैं खुद मधेपुरा छोड़कर चला जाऊंगा. उन्होंने कहा कि हमने कांग्रेस को भी कह दिया है कि देश और बिहार के हित में आप कोई भी निर्णय लेंगे तो मैं आपके साथ खड़ा हूं.

मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र में कुल छह विधानसभा आते हैं. इनमें आलमनगर, बिहारीगंज, मधेपुरा, सोनबरसा, सहरसा और महिषी शामिल है. मधेपुरा लोकसभा क्षेत्र के लिए पहली बार 1967 में वोट डाले गए थे. इस चुनाव में बिन्देश्वरी प्रसाद मंडल (इन्हें लोग बीपी मंडल के नाम से जानते हैं) सोशलिस्ट पार्टी से चुनाव जीतने में सफल रहे थे. वह तीन बार इस सीट से सांसद रहे. 1971 में पहली बार इस सीट पर कांग्रेस पार्टी को जीत मिली थी. इस चुनाव में चौधरी राजेंद्र कुमार यादव चुनाव लड़े थे. इसके अलावा 1980 और 1984 में भी कांग्रेस को जीत मिली थी.

1989 लोसभा चुनाव में चौधरी राजेंद्र कुमार यादव जनता दल की टिकट पर चुनाव लड़े. 1999 और 2009 में जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की टिकट पर शरद यादव सांसद बनने में सफल रहे थे. मधेपुरा लोकसभा सीट पर आरजेडी ने सबसे अधिक समय तक राज किया है. आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव भी 1998 और 2004 में मधेपुरा से ही सांसद बने थे. इस सीट पर आरजेडी ने कुल सात बार विजयी पताका लहराया है.

2014 के मोदी लहर में भी आरजेडी को इस सीट पर जीत मिली थी. आरजेडी उम्मीदवार पप्पू यादव ने जेडीयू के शरद यादव को 50 हजार से अधिक मतों से पराजित किया था. वहीं, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) उम्मीदवार विजय कुमार सिंह को लगभग दो लाख 50 हजार वोट मिले थे.

(मधेपुरा से शंकर कुमार की रिपोर्ट के साथ)