बहराइच में बोले PM नरेंद्र मोदी, 'मेरे डर की वजह से रुकी हैं आतंकवाद की घटनाएं'

नरेंद्र मोदी ने कहा 'अब आपको मंदिरों, बाजारों, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन पर बम धमाके की खबरें नहीं सुनाई देती हैं. ये मोदी के डर के कारण बंद हुआ है, लेकिन अभी वो सुधरे नहीं हैं, खतरा अभी टला है, खत्म होना बाकी है.

बहराइच में बोले PM नरेंद्र मोदी, 'मेरे डर की वजह से रुकी हैं आतंकवाद की घटनाएं'
(फोटो साभआार - @BJP4India)

बहराइच: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को दावा किया कि उनके डर से देश में आतंकवाद की घटनाएं रुकी हैं, मगर इस खतरे को पूरी तरह खत्म करने के लिये केन्द्र में उनके नेतृत्व वाली मजबूत सरकार दोबारा बनानी होगी.

पीएम मोदी ने यहां एक चुनावी रैली में कहा कि उनकी सरकार की प्रतिबद्धता की वजह से आतंकवाद सीमित दायरे में हो गया है. उन्होंने कहा 'अब आपको मंदिरों, बाजारों, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन पर बम धमाके की खबरें नहीं सुनाई देती हैं. ये मोदी के डर के कारण बंद हुआ है, लेकिन अभी वो सुधरे नहीं हैं, खतरा अभी टला है, खत्म होना बाकी है. आज भी हमारे आसपास आतंकी नर्सरी चल रही है.'

उन्होंने कहा 'इस क्षेत्र को रामायण सर्किट और बुद्ध सर्किट के जरिए पूरे देश से जोड़ा जा रहा है, लेकिन याद रखिये जब आतंकवाद बढ़ता है तो उसका पहला शिकार आस्था के ऐसे ही केन्द्र होते हैं, इसलिए देश को ऐसी ही मजबूत सरकार की जरूरत होगी. कमल पर पड़ने वाला वोट राष्ट्ररक्षा के लिये होगा.'

पीएम ने साधा विपक्ष पर निशाना
मोदी ने पूछा कि क्या आतंक की इस नर्सरी को एसपी और बीएसपी बंद कर सकती हैं? इसके अलावा आतंकवाद से लड़ने वाले सैनिकों का विशेषाधिकार हटा देने की बात करने वाली कांग्रेस क्या आतंक से लड़ सकती है? पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जब 130 करोड़ देशवासियों की सुरक्षा की बात होगी तो हम घर में घुसकर मार सकते हैं. हम इसके लिये किसी से पूछेंगे नहीं.

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि देश की सबसे पुरानी पार्टी की आज हालत ऐसी है कि उसे इस बात का पता ही नहीं है कि उसे प्रतिपक्ष का नेता बनने का मौका मिलेगा भी या नहीं. वर्ष 2014 में तो मौका मिला नहीं था. इस बार तो जनता इतने गुस्से में है कि 2019 में भी उन्हें कुछ नसीब नहीं होगा.

उन्होंने कहा 'जो लोग 50—55 सीट लेकर विपक्ष का नेता बनने तक की स्थिति में नहीं हैं, वो प्रधानमंत्री बनने के लिए दर्जी के पास कपड़े सिला रहे हैं. ये लोग चाहते हैं कि किसी भी तरह खिचड़ी सरकार बन जाए. कमजोर सरकार बन जाए. तब तीन महीने कोई प्रधानमंत्री बनेगा और तीन महीने कोई और. आपको क्या ऐसी बात मंजूर है. ऐसे लोगों को क्या वाकई देश और उसकी जनता के भविष्य की चिंता है?'

पीएम मोदी ने कहा कि बुलंद हौसले वाली सरकार ही गरीब, दलित, वंचित, पिछड़े और आदिवासियों के हित में बिना किसी भेदभाव के काम कर सकती है. सबका साथ, सबका विकास हमारा मंत्र है और सबको सुरक्षा तथा सबको सम्मान देना हमारा प्रण है. बीते पांच वर्ष हमने इसी के लिए काम किया है और आने वाले पांच वर्षों में भी हम इसी रास्ते पर चलने वाले हैं.

पीएम ने किया आयुष्मान भारत योजना का जिक्र
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के जरिए पांच लाख रुपये तक का इलाज मुफ्त कराने की सुविधा दी है. उज्ज्वला योजना ने सभी माताओं और बहनों को गम्भीर बीमारियों से बचाने का रास्ता निकाला है. साल 2022 तक हर गरीब को अपना पक्का घर मिलेगा, यह भी मोदी का वादा है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि याद करिये, जब मोदी सरकार में नहीं आया था, तब देश की बड़ी आबादी के घर में ना तो शौचालय था, ना गैस कनेक्शन और ना ही बैंकों में खाता था. जब खाता नहीं था तो बैंक से कर्ज कैसे मिलता और गरीब अपना कामकाज कैसे शुरू कर पाता. हमने इस खाई को पाटने का काम किया है.

उन्होंने महागठबंधन करके चुनाव लड़ रहे सपा और बसपा पर निशाना साधते हुए कहा कि 'महामिलावटी' लोगों को सिर्फ अपने वोट बैंक की चिंता है. इसी राजनीति के लिये इन लोगों ने प्रदेश के साथ बहुत भेदभाव और अन्याय किया है.

प्रधानमंत्री ने कहा 'याद करिये. जहां सपा का वोट बैंक नहीं है, क्या वहां सपा की सरकार बिजली देती थी? जहां बसपा का वोट बैंक नहीं है, क्या वहां बसपा सरकार बिजली देती थी. अकेले हम ही हैं, जो सबका साथ, सबका विकास करते हैं.' मोदी ने कहा कि उनकी सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ देश के हर वर्ग को सामाजिक सुरक्षा देने में जुटी है.