NDA-2: PM मोदी ने अधिकारियों के साथ की बैठक, 100 दिन का एजेंडा तैयार करने को कहा
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NDA-2: PM मोदी ने अधिकारियों के साथ की बैठक, 100 दिन का एजेंडा तैयार करने को कहा

सूत्रों के अनुसार समझा जाता है कि प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से अर्थव्यवस्था की स्थिति सहित विभिन्न मुद्दों पर जानकारी ली. मार्च में आम चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद संभवत: मोदी की यह शीर्ष अधिकारियों के साथ पहली बैठक थी. सूत्रों ने बताया सरकार ने पहले ही सभी मंत्रालयों तथा विभागों से 100 दिन का एजेंडा तैयार करने को कहा है.

NDA-2: PM मोदी ने अधिकारियों के साथ की बैठक, 100 दिन का एजेंडा तैयार करने को कहा

नई दिल्‍ली: एग्जिट पोल (Exit Polls 2019) में एनडीए को बहुमत मिलने के अनुमान के बीच बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह ने डिनर डिप्‍लोमेसी के तहत सभी सहयोगी दलों के नेताओं को आमंत्रित किया. इसमें एनडीए के 36 घटक दलों ने शिरकत की. इसमें शामिल होने के साथ ही पीएम नरेंद्र मोदी ने मंगलवार रात को कुछ प्रमुख मंत्रालयों के खास अधिकारियों के साथ बैठक की. सूत्रों ने यह जानकारी दी. बैठक के एजेंडा पर आधिकारिक रूप से कोई जानकारी नहीं दी गई है. यह बैठक लोकसभा चुनाव के 23 मई को आने वाले नतीजों से पहले हुई है.

सूत्रों के अनुसार समझा जाता है कि प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से अर्थव्यवस्था की स्थिति सहित विभिन्न मुद्दों पर जानकारी ली. मार्च में आम चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद संभवत: मोदी की यह शीर्ष अधिकारियों के साथ पहली बैठक थी. सूत्रों ने बताया सरकार ने पहले ही सभी मंत्रालयों तथा विभागों से 100 दिन का एजेंडा तैयार करने को कहा है.

लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजों से पहले PM नरेंद्र मोदी ने सहयोगी दलों के नेताओं से क्‍या कहा?

इससे पहले दिन में पीएम मोदी ने कैबिनेट मंत्रियों के साथ बैठक की. इस बैठक में प्रधानमंत्री के अलावा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित राजग सरकार में घटक दलों के मंत्री भी शामिल हुए. बैठक का नाम ‘स्वागत एवं आभार मिलन समारोह’ रखा गया. इसमें केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, रामविलास पासवान, स्मृति ईरानी, पीयूष गोयल, मुख्तार अब्बास नकवी, राधामोहन सिंह, हरसिमरत कौर बादल और अनुप्रिया पटेल आदि शामिल हुए. बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को पिछले पांच वर्षों में उनके कामकाज और सरकार की कल्याण योजनाओं को जमीन पर उतारने के लिये एक टीम की तरह से काम करने के लिए आभार प्रकट किया.

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लोकसभा चुनाव अभियान 'तीर्थयात्रा' की तरह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लोकसभा चुनाव प्रचार अभियान की तुलना ‘तीर्थयात्रा’ से करते हुए मंगलवार को कहा कि ऐसा महसूस हुआ जैसे जनता देश के पुनर्जागरण और राष्ट्रीय उत्थान के अभियान में योगदान देने के लिए कृत संकल्पित थी. यह चुनाव केवल पार्टी ने नहीं बल्कि जनता ने भी लड़ा. मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद अशोका होटल में राजग के घटक दलों के नेताओं की भी बैठक हुई जिसमें एक प्रस्ताव पारित किया गया. इस प्रस्ताव में कहा गया कि राजग सच्चे अर्थों में भारत की विविधता और गतिशीलता का प्रतिनिधित्व करता है. यह भारत के 130 करोड़ लोगों के सपनों और आकांक्षाओं का गठबंधन है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मोदी के नेतृत्व में राजग सरकार की कार्यशैली में यह स्पष्ट रूप से दिखता है.

प्रस्ताव में कहा गया कि आज राजग भारतीय राजनीति का प्रमुख स्‍तंभ बन चुका है. राजग के घटक दलों के प्रस्ताव में उज्ज्वला योजना, जनधन योजना, आयुष्मान योजना, 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने समेत अन्य कल्याण योजनाओं का जिक्र करते हुए इसकी सरहना की गई. इसमें वोट बैंक की राजनीति के खिलाफ संकल्प व्यक्त किया गया. इसमें कहा गया कि सरकार की जन कल्याण योजनाओं ने लोगों को सशक्त बनाया है. इसमें संस्थाओं पर विपक्ष के हमलों तथा पश्चिम बंगाल में हिंसा की निंदा की गई है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि मैंने कई चुनाव देखे हैं लेकिन यह चुनाव राजनीति से परे है. इस चुनाव को जनता तमाम तरह की दीवारों को लांघ कर लड़ रही थी. मैंने कई विधानसभा चुनाव और पिछले लोक सभा चुनाव में प्रचार अभियान में हिस्सा लिया है. इस दौरान देशभर का दौरा भी किया, इस बार का चुनाव प्रचार मुझे ऐसा लगा कि जैसे तीर्थयात्रा हो. उन्होंने राष्ट्र निर्माण के लिए राजग के एकजुट होकर काम करने पर जोर दिया.

बाद में भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने ट्वीट में कहा, ‘मैंने टीम मोदी सरकार को पिछले पांच वर्षो के दौरान उनके कठिन परिश्रम और उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए बधाई दी. हम नए भारत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस गति को बनाए रखें. इस बैठक में प्रधानमंत्री के अलावा भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित राजग सरकार में घटक दलों के मंत्री भी शामिल हुए. इसमें केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, रामविलास पासवान, स्मृति ईरानी, पीयूष गोयल, मुख्तार अब्बास नकवी, रविशंकर प्रसाद, राधामोहन सिंह, हरसिमरत कौर बादल और अनुप्रिया पटेल भी शामिल थे.

डिनर डिप्‍लोमेसी
रात्रिभोज की बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीसामी तथा लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान, शिवसेना के उद्धव ठाकरे शामिल हुए. बैठक में शिरोमणि अकाली दल का प्रतिनिधित्व पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और पार्टी नेता सुखबीर सिंह बादल ने किया. राजग नेताओं ने उम्मीद जाहिर की कि एक्जिट पोल की तरह ही 23 मई को मतगणना के बाद केंद्र में भाजपा के नेतृत्व में मजबूत सरकार बनेगी. राजग के घटक दलों की बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरकार की विभिन्न योजनाओं के समर्थन में आज एनडीए ने एक प्रस्ताव पास किया है.

इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के अलावा अमित शाह, नीतीश कुमार, उद्धव ठाकरे आदि ने भी लोगों को संबोधित किया. बैठक में इस बात पर चिंता व्यक्त की गई कि ईवीएम को लेकर अनावश्यक मुद्दा उठाया जा रहा है. मोदी ने इस बैठक में कई विमर्श (नैरेटिव) बदलने की बात कही. उन्होंने कहा कि गरीबी ही सबसे बड़ी समस्या है. राजग के सभी नेताओं ने इस बैठक में प्रधानमंत्री के विजन और उनके नेतृत्व की तारीफ की. बैठक में एनडीए घटक दलों के नेता उपस्थित थे. बैठक में तीन दल के नेताओं ने पत्र लिखकर अपना समर्थन दिया है.

(इनपुट: एजेंसी भाषा से)

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