प्रियंका चतुर्वेदी ने कांग्रेस पर ही साधा निशाना, बोलीं- गुंडों को मिल रही है वरीयता

प्रियंका चतुर्वेदी के राफेल डील को लेकर की गई पत्रकार वार्ता में अशोक सिंह, उमेश पंडित, प्रताप सिंह, अब्दुल जब्बार, गिराधारी लाल पाठक, भूरी सिंह जायस, प्रवीण ठाकुर और यतीन्द्र मुकद्दम को अमर्यादित व्यवहार के चलते अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई थी. 

प्रियंका चतुर्वेदी ने कांग्रेस पर ही साधा निशाना, बोलीं- गुंडों को मिल रही है वरीयता
कांग्रेस महासचिव और पश्चिमी यूपी के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया की संस्तुति पर इन लोगों की फिर से बहाली की गई है.

नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2019 (Lok Sabha Elections 2019) का सियासी रण अपने चरम पर है. इस बीच कांग्रेस प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने अपनी ही पार्टी के खिलाफ रोष जताया है. दरअसल, प्रियंका चतुर्वेदी के साथ कुछ दिनों पहले मथुरा के कुछ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अमर्यादित व्यवहार किया था. इसके चलते कांग्रेस ने इन कार्यकर्ताओं पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए पहले पार्टी से निष्कासित कर दिया था. वहीं, अब इन कार्यकर्ताओं का वापस पार्टी में शामिल कर लिया गया है. प्रियंका चतुर्वेदी इसी बात से नाराज हैं.

 

 

गुंडों को प्राथमिकता देना दुर्भाग्यपूर्ण- प्रियंका चतुर्वेदी
प्रियंका चतुर्वेदी ने ट्वीट कर लिखा है कि कांग्रेस में उत्पाती गुंडों को उन लोगों पर वरीयता दी जा रही है, जिन्होंने पार्टी के लिए अपना खून-पसीना दिया है. कांग्रेस के इस व्यवहार से मुझे गहरा दुख हुआ है. उन्होंने ट्वीट में आगे कहा कि मैंने कांग्रेस के लिए आलोचना और गालियां झेली हैं. बावजूद इसके जिन लोगों ने मुझे धमकाया, उन लोगों पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं किया जाना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. प्रियंका चतुर्वेदी ने कांग्रेस द्वारा जारी पत्र को भी शेयर किया है.

सिंधिया के कहने पर हुई कार्यकर्ताओं की बहाली
इस पत्र में लिखा है कि प्रियंका चतुर्वेदी के राफेल डील को लेकर की गई पत्रकार वार्ता में अशोक सिंह, उमेश पंडित, प्रताप सिंह, अब्दुल जब्बार, गिराधारी लाल पाठक, भूरी सिंह जायस, प्रवीण ठाकुर और यतीन्द्र मुकद्दम को अमर्यादित व्यवहार के चलते अनुशासनात्मक कार्यवाही की गई थी. आप लोगों ने उक्त घटना पर खेद प्रकट कर अपनी बहाली का निवेदन किया है. कांग्रेस महासचिव और पश्चिमी यूपी के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया की संस्तुति पर आप पर की गई कार्यवाही को स्थगित किया जाता है.