राहुल गांधी ने कहा, 'मैं वायनाड से ऐसा रिश्ता चाहता हूं जो हमेशा रहे'

राहुल गांधी ने कहा, 'मैं यहां राजनेता के रूप में खड़ा नहीं हूं, बल्कि एक बेटा, भाई और एक दोस्त के रूप में खड़ा हूं.

राहुल गांधी ने कहा, 'मैं वायनाड से ऐसा रिश्ता चाहता हूं जो हमेशा रहे'
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (फोटो साभार - @INCIndia)

वायनाड (केरल): कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को यहां के लोगों को आश्वस्त किया कि वह हमेशा उनके साथ रहेंगे. अपनी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा के साथ यहां चार अप्रैल को नामांकन भरने के लिए आने के बाद, वह पहली बार यहां आए थे. उन्होंने इससे पहले अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की स्मृति में यहां थिरुनेली मंदिर में 'बेलि तर्पणम' किया.

पूर्व मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने कहा कि केरल के अपने पिछले दौरे के दौरान राहुल ने मंदिर आने और पूजा करने की इच्छा जाहिर की थी. हालांकि, विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) ने सुरक्षा कारणों से ऐसा नहीं करने दिया था. सफेद धोती और अंगवस्त्रम पहने राहुल सुबह देवासम गेस्ट हाउस से मंदिर गए.

राहुल ने की मंदिरों में पूजा-अर्चना
उन्होंने मंदिर के पुजारियों के निर्देशन में पूरे विधि-विधान से पूजा-अर्चना की. वह पुजारियों के साथ बाद में करीब 700 मीटर की दूरी पर उस स्थान पर भी गए, जहां उनके पिता की अस्थियां 30 मई, 1991 को विसर्जित की गई थीं. कांग्रेस अध्यक्ष ने इसके बाद तीन राजनैतिक रैलियों को संबोधित किया.

राहुल ने सुल्तार बैटरी में तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा, 'मैं यहां राजनेता के रूप में खड़ा नहीं हूं, बल्कि एक बेटा, भाई और एक दोस्त के रूप में खड़ा हूं. मैंने यहां से लड़ने का फैसला किया ताकि यह बताया जा सके कि दक्षिण भारत भी अन्य जगहों जितना महत्वपूर्ण है. मैं वायनाड से ऐसा रिश्ता चाहता हूं जो हमेशा रहे.' 

'मुझे आपकी सभी परेशानियों के बारे में पता है'
उन्होंने कहा, 'मुझे आपकी सभी परेशानियों के बारे में पता है और मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसा नहीं हूं और कभी भी झूठे वादे नहीं करता हूं. मैं उनसभी का धन्यवाद करना चाहता हूं जिन्होंने मुझे यहां से चुनाव लड़ने का मौका दिया.'

इस बीच उन्होंने 25 वर्षीया श्रीधन्य सुरेश से मुलाकात की, जो इस माह की शुरुआत में सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल करने वाली राज्य की पहली अनुसूचित जनजाति समुदाय की सदस्य बनीं. वंडूर में लोग भारी बारिश के बाद भी उन्हें सुनने के लिए इकट्ठे हुए थे.

कुछ लोगों ने सुरक्षा अधिकारियों के साथ तीखी बहस की, लेकिन जैसे ही राहुल यहां पहुंचे और बोलना शुरू किया, लोग शांत हो गए. अपनी रैलियों के बाद, राहुल कोझिकोड हवाईअड्डे के लिए रवाना हो गया. इसके बाद अब प्रियंका गांधी राज्य का दौरा करेंगी.