मिस्र के 3 शहरों में आपातकाल, हिंसा में 50 मरे

मिस्र में हिंसा के बाद राष्ट्रपति मुहम्मद मुरसी ने स्वेज नहर के इर्दगिर्द के दंगा प्रभावित तीन शहरों में एक महीने के लिए आपातकाल घोषित कर दिया है। कई स्थानों पर अब भी हिंसा जारी है। मरने वालों की संख्या करीब 50 हो गई है और 700 से ज्यादा घायल हुए हैं।

काहिरा : मिस्र में हिंसा के बाद राष्ट्रपति मुहम्मद मुरसी ने स्वेज नहर के इर्दगिर्द के दंगा प्रभावित तीन शहरों में एक महीने के लिए आपातकाल घोषित कर दिया है। कई स्थानों पर अब भी हिंसा जारी है। मरने वालों की संख्या करीब 50 हो गई है और 700 से ज्यादा घायल हुए हैं।
आधिकारिक मीना समाचार एजेंसी के मुताबिक विपक्षी गठबंधन ‘नेशनल कोएलिशन फ्रंट’ की बैठक में नोबेल पुरस्कार विजेता मोहम्मद अलबरदई ने कहा, ‘‘सरकार के साथ संवाद में हिस्सा नहीं लिया जाएगा। संवाद के लिए निमंत्रण देना समय की बर्बादी थी। सरकार हिंसा रोकने में नाकाम रही है।’’ मुरसी ने विपक्षी नेताओं को बातचीत के लिए आमंत्रित किया था ताकि मौजूदा संकट का समाधान निकाला जा सके।
हिंसा को देखते हुए तीन शहरों पोर्ट सईद, सुएज और इस्लमाइलिया में 30 दिनों के लिए आपातकाल लगाया गया है। ताजा हिंसा आज काहिरा के ऐतिहासिक तहरीर चौक पर हुई, जिसमें एक व्यक्ति मारा गया। इसके साथ ही पिछले कुछ दिनों की हिंसा में मरने वालों की संख्या 48 हो गई। हिंसा में 700 से अधिक लोग घायल हुए हैं।
काहिरा का तहरीर चौक दो साल पहले तानाशाह हुस्नी मुबारक के खिलाफ क्रांति का केंद्र बना था। मुरसी ने कहा, ‘‘मैंने कहा है कि मैं आपातकाल के किसी भी कदम के खिलाफ हूं, लेकिन मैंने यह भी कहा है कि रक्तपात को रोकने और लोगों की हिफाजत के लिए कदम उठाउंगा।’’ सरकारी चैनल के जरिए बीती रात दिए संबोधन में उन्होंने कहा कि आपातकाल का फैसला संविधान की समीक्षा के बाद उठाया गया है। मुरसी ने कहा कि वह यह कदम उठाने पर विवश हुए हैं।
मुरसी के राष्ट्रपति बनने के बाद यह पहला मौका है जब मिस्र में आपातकाल जैसा कठोर कदम उठाया गया है। उन्होंने आगाह किया कि यदि हिंसा इसी तरह जारी रही तो उन्हें देश को बचाने के लिए और कड़ा उपाय करना होगा। मुरसी ने कहा, ‘‘यदि जरूरी हुआ तो मिस्र को बचाने के लिए और कदम उठाउंगा। यह मेरा दायित्व है और इसमें मैं जरा भी नहीं हिचकिचाउंगा।’’ (एजेंसी)

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