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तेल का बड़ा भंडार खोजने निकला था पाकिस्तान, 700 करोड़ फूंकने के बाद मिला 'ठेंगा'

इस परियोजना में करीब 10 करोड़ डालर (भारतीय रुपये के हिसाब से 700 करोड़ रुपये और पाकिस्तान की मुद्रा के हिसाब से करीब 1500 करोड़ रुपये) खर्च किए जा चुके हैं.

तेल का बड़ा भंडार खोजने निकला था पाकिस्तान, 700 करोड़ फूंकने के बाद मिला 'ठेंगा'

इस्लामाबादः आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को अब अरब सागर से तेल ना मिलने से एक और बड़ा झटका लगा है. पाकिस्तान को कराची तट के पास अरब सागर में गैस भंडार और खनिज तेल के बड़े भंडार मिलने का अनुमान था. इस काम के लिए पाकिस्तान ने बड़े धूम धाम से खुदाई शुरू की थी, लेकिन जो भी कुएं खोदे गए उनमें कोई खनिज ईंधन हासिल नहीं हुआ. पाकिस्तानी मीडिया के हवाले से खबर है कि कंगाली के कगार पर खड़े देश ने इस काम में करोड़ों रुपया बर्बाद करने के बाद अब उसे बंद करने का फैसला कर लिया है.

प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस साल के शुरू में कहा था कि देश को कराची तट के निकट समुद्री इलाके में तेल विशाल स्रोत होने का पता चाला है. उन्होंने कहा था, ‘इन्सा अल्लाह यह स्रोत इतना बड़ा निकलेगा कि हमें आगे कोई तेल बाहर से नहीं खरीदना पड़ेगा.’’ लेकिन अब अंग्रेजी अखबार ‘डान’ की एक रिपोर्ट में पेट्रोलियम मामलों पर प्रधानमंत्री के विशेष सहायक नदीम बाबर के वक्तव्य का हवाला देते हुए कहा गया है कि केकड़ा-1 तेल उत्खनन क्षेत्र में खुदाई में कोई अपेक्षित सफलता हाथ नहीं लगी है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि इस क्षेत्र में तेल उत्खनन कुएं का परिचालन करने वाली कंपनी ने काम बंद करने का फैसला किया है. रिपोर्ट के अनुसार 17 बार की कोशिश के बावजूद सफलता नहीं मिली है.इस परियोजना में करीब 10 करोड़ डालर (भारतीय रुपये के हिसाब से 700 करोड़ रुपये और पाकिस्तान की मुद्रा के हिसाब से करीब 1500 करोड़ रुपये) खर्च किए जा चुके हैं.

केकड़ा-1 में खुदाई का ताजा काम करीब चार माह पहले इतालवी कंपनी ईएनआई ने शुरू किया था. इसमें अमेरिका की एक्सानमोबिल, पाकिस्तान पेट्रोलियम लिमिटेड और आयल एंड गैस डवलपमेंट कंपनी लि. (ओजीडीसीएल) की भी हिस्सेदारी है. 

पाकिस्तान में तेल गैस का पहला कुआं 1963 में अमेरिका की एक कंपनी ने खोदा था जो सूखा निकला. ताजा विफलता से पहले 2005 में नीदरलैंड की शेल कंपनी के प्रयास में भी कुछ नहीं निकला था.

(इनपुट एजेंसी भाषा से भी)