देश में कब आएगा Corona का पीक और कब मिलेगी महामारी से राहत? वैज्ञानिकों ने दिया जवाब

पिछले महीने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सलाह देने वाली एक टीम ने कहा था कि अप्रैल में भारत में कोरोना वायरस का संक्रमण अपने पीक पर होगा. हालांकि यह अनुमान गलत साबित हो गया. अब वैज्ञानिकों ने गणना करके बताया है कि देश को कब कोरोना से राहत मिलेगी.

ज़ी न्यूज़ डेस्क | May 08, 2021, 11:22 AM IST

नई दिल्‍ली: कोरोना संक्रमण और इसके कारण हो रही मौतों से देश बेहाल है. पीएम नरेंद्र मोदी की सलाहकार टीम का भी वो अंदाजा गलत साबित हुआ है कि देश में कोरोना अप्रैल में अपने पीक पर होगा. जबकि देश में अब भी हालात दिन-ब-दिन बदतर ही होते जा रहे हैं. अब वैज्ञानिकों ने कहा है कि भारत में कोरोना का पीक मई के मध्य में आएगा और उसके बाद मामले घटने शुरू होंगे. 

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3 दिन से दर्ज हो रहे कोरोना के 4 लाख से ज्‍यादा मामले

More than 4 lakh corona cases recorded since last 3 days

देश में लगातार 3 दिनों से कोरोना संक्रमण के रोजाना 4 लाख से ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं. वहीं बीते एक दिन में 4,200 से ज्‍यादा लोगों की जान गई हैं. वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि आंकड़ों को कम करके बताया जा रहा है, क्योंकि श्मशान घाटों पर अंतिम संस्कार के लिए लाइनें लग रही हैं. यहां तक कि कई शहरों में सड़कों पर चिताएं जलानी पड़ी हैं.

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राज्‍य स्‍तर पर लग रहे लॉकडाउन

Many State government announced lockdown

वैसे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशव्‍यापी लॉकडाउन लगाने से बच रहे हैं. वहीं महामारी की भयावहता को देखते हुए कई राज्‍यों की सरकारों ने राज्‍यव्‍यापी लॉकडाउन लगा दिए हैं. इसके अलावा कुछ राज्‍यों ने वीकेंड और नाइट कर्फ्यू का सहारा लिया है.

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कुछ दिनों बाद आएगा कोरोना का पीक

Corona peak will come in mid may 2021

ब्लूमबर्ग क्विंट में छपी रिपोर्ट के मुताबिक हैदराबाद में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) के प्रोफेसर माथुकुमल्ली विद्यासागर ने कहा है कि 'हमारे पुर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों में भारत में कोरोना का पीक देखने को मिल सकता है. मौजूदा अनुमान के मुताबिक जून के आखिर तक देश में  रोजाना 20 हजार मामले सामने आ सकते हैं.'

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पहले अप्रैल में पीक आने का था अनुमान

Initially Peak was expected to arrive in April

प्रोफेसर माथुकुमल्ली विद्यासागर ने आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर मनिंद्र अग्रवाल द्वारा तैयार किए गए मॉडल का उल्‍लेख भी किया है, जिसमें प्रो.अग्रवाल की टीम ने भविष्यवाणी की थी कि अप्रैल के मध्य तक कोरोना की लहर अपने चरम पर होगी. यह अनुमान गलत साबित हुआ और मई महीने में भी संक्रमण और मौतों के आंकड़े बढ़ने का सिलसिला जारी है. हालांकि बाद में प्रो. अग्रवाल ने 7 मई को कोरोना पीक आने की बात कही.

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नए वैरिएंट को माना जा रहा जिम्‍मेदार

New variant is believed to be responsible

देश में पिछले 15 दिनों से कोरोना के 3 लाख से ज्‍यादा मामले दर्ज हो रहे हैं. इसके साथ ही देश में अब तक कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके लोगों की कुल संख्‍या 2 करोड़ को पार कर चुकी है. मामलों में बढ़ोतरी के लिए नए वैरिएंट और सुरक्षा उपायों में ढील को जिम्‍मेदार बताया जा रहा है.

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11 जून तक 4 लाख से ज्‍यादा मौतों का अनुमान

Estimates of more than 4 lakh deaths by 11 June

वैज्ञानिकों का मानना है कि आने वाले कुछ सप्ताह भारत के लिए मुश्किल होंगे. वहीं बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान की एक टीम ने एक गणितीय मॉडल का उपयोग करते हुए बताया है कि यदि हालात ऐसे ही रहे तो 11 जून तक देश में 4,04,000 मौतें होने का अनुमान है. जबकि देश में अभी ही 2 लाख से ज्‍यादा मौतें हो चुकी हैं.

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पूरी दुनिया को है खतरा

Whole world is in danger due to India covid

भारत में बिगड़ रहे हालातों से पूरी दुनिया को खतरा है. यूनिसेफ की प्रमुख हेनरीटा फोर ने कहा है कि भारत में कोविड-19 की भयावह स्थिति पूरी दुनिया के लिए खतरे की घंटी है. वैज्ञानिक भी इस बात से चिंतित है कि जैसे ही नए स्ट्रेन दूसरे देशों में पहुंचेंगे यह महामारी पूरी दुनिया में तबाही मचाएगी.