अशोक चावला ने NSE के चेयरमैन पद से दिया इस्तीफा, सामने आई ये वजह

अशोक चावला ने NSE के चेयरमैन पद से दिया इस्तीफा, सामने आई ये वजह

पूर्व वित्त सचिव चावला 28 मार्च, 2016 को एनएसई के चेयरमैन बने थे. वह नागर विमानन सचिव और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के चेयरमैन भी रह चुके हैं.

अशोक चावला ने NSE के चेयरमैन पद से दिया इस्तीफा, सामने आई ये वजह

नई दिल्ली: नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के चेयरमैन अशोक चावला ने तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. इससे कुछ घंटे पहले ही केंद्र की ओर से सीबीआई को एयरसेल-मैक्सिस मामले में चावला के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई शुरू करने की अनुमति मिली थी. इसके तुरंत बाद चावला ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. हालांकि, एक्सचेंज ने शुक्रवार रात को इस बारे में घोषणा करते हुए कोई विशेष ब्योरा नहीं दिया.

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) एनएसई की को-लोकेशन सुविधा में कथित खामियों की जांच कर रहा है. नियामक यह भी पता लगा रहा है कि क्या कुछ ब्रोकरों को एक्सचेंज द्वारा इस तीव्र फ्रिक्वेंसी कारोबार सुविधा में किसी तरह की अनुचित पहुंच उपलब्ध कराई गई.

एक्सचेंज ने एक बयान में कहा कि हालिया कानूनी घटनाक्रमों के मद्देनजर चावला ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज आफ इंडिया लिमिटेड के निदेशक मंडल के लोक हित निदेशक-चेयरमैन के तौर पर तत्काल प्रभाव से इस्तीफा दे दिया है.

पूर्व वित्त सचिव चावला 28 मार्च, 2016 को एनएसई के चेयरमैन बने थे. वह नागर विमानन सचिव और भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) के चेयरमैन भी रह चुके हैं. चावला ने पिछले साल नवंबर में यस बैंक के चेयरमैन पद से इस्तीफा दिया था.

इससे पहले सीबीआई ने दिल्ली की एक अदालत को बताया कि केंद्र ने पांच लोगों के खिलाफ अभियोजन की अनुमति दे दी है. इनमें मौजूदा और पूर्व अधिकारी हैं. ये लोग कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम और उनके पुत्र कार्ति से संबंधित एयरसेल मैक्सिस मामले में आरोपी हैं.

उस समय विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड (एफआईपीबी) के सदस्य जिनके खिलाफ अभियोजन की अनुमति मिली है उनमें तत्कालीन आर्थिक मामलों के सचिव अशोक झा, तत्कालीन संयुक्त सचिव अशोक चावला, वित्त मंत्रालय में तत्कालीन सचिव कुमार संजय कृष्ण और मंत्रालय में तत्कालीन निदेशक दीपक कुमार सिंह और मंत्रालय में तत्कालीन अवर सचिव राम शरण शामिल हैं.

इन पांच में से तीन विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत हैं जबकि दो सेवानिवृत्त हो चुके हैं. इनमें से तीन विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत हैं जबकि दो सेवानिवृत हो चुके हैं.

(इनपुट-भाषा)

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