SEBI के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 में भारतीय बाजारों को मजबूत घरेलू अर्थव्यवस्था, बढ़ती खपत, सरकारी पूंजीगत खर्च और घरेलू निवेश से सहारा मिलने की उम्मीद है.
SEBI: सेबी ने डीमैट अकाउंट में रखे गए म्यूचुअल फंड निवेशकों को SWP और STP की ऑटोमेटिक सुविधा देने का फैसला किया है. इसके अलावा एम्फी (AMFI) ने नॉमिनी को यूनिट ट्रांसफर करने के नियम भी पहले के मुकाबले आसान कर दिये हैं.
16 जून 2026 को जारी आदेश में SEBI ने बताया कि मार्च 2024 में किए गए औचक निरीक्षण के दौरान कंपनी की कार्यप्रणाली में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. निरीक्षण में पाया गया कि कंपनी लगभग 6,730 ग्राहकों को सेवाएं दे रही थी, जबकि उसके पास केवल दो पंजीकृत रिसर्च एनालिस्ट थे.
Sebi Action on Rajesh Export: सेबी की तरफ से की गई शुरुआती जांच से यह खुलासा हुआ है कि एक्सपोर्ट लिमिटेड ने जिस विदेशी सब्सिडियरी कंपनी वैलकैम्बी के दम पर खुद को चमकाया था, उसी के आंकड़ों में झोल था. कंपनी की तरफ से दावा किया गया था कि उसके टोटल रेवेन्यू का 97% से 99% हिस्सा विदेशी सहायक कंपनियों से आता है.
Share Market Fraud: शेयर बाजार में कुछ स्टॉक्स से जुड़े फ्रॉड के मामले सामने आते हैं. जब किसी शेयर में अचानक तेजी आती है तो इस पर नजर जाना लाजिमी है. अब ऐसे ही एक शेयर से जुड़ा मामला सामने आया है. जिस कंपनी का यह शेयर है उसका नाम आरआरपी सेमीकंडक्टर लिमिटेड है.
Sebi Debit Freeze Feature: सेबी ने म्यूचुअल फंड निवेशकों की सेफ्टी को ध्यान में रखते हुए डेबिट फ्रीज फीचर को शुरू किया है. इसके माध्यम से आप अपनी पैसे को खुद 'लॉक' और 'अनलॉक' कर सकेंगे. यह कदम निवेशकों को साइबर फ्रॉड से बचा सकेगा.
SEBI BER New Rules: सेबी की तरफ से म्यूचुअल फंड से जुड़े नियमों में पूरी तरह बदलाव किया गया है. नए फ्रेमवर्क को 1 अप्रैल 2026 से लागू किया जाएगा. इसका मकसद निवेशकों को खर्च से जुड़ी पूरी जानकारी देना, चार्ज में कमी लाना और ट्रांसपेरेंसी बढ़ाना है.
SEBI: सेबी की तरफ से बयान में कहा गया कि करीब 54 नियमों में बदलाव की सिफारिश की गई है. इसमें इक्विटी और कमोडिटी सेगमेंट दोनों को सिंगल स्ट्रक्चर में कवर करने वाले नियम शामिल हैं.
Sebi Rules: पहले 5 लाख रुपये तक की वैल्यू वाले खोए शेयरों पर सिम्पलीफाइड रूल थे. अब यह लिमिट बढ़कर 10 लाख रुपये हो गई है. सेबी का कहना है कि मार्केट बढ़ने के साथ पुरानी लिमिट भी अपर्याप्त हो गई थी.
What is Securities Markets Code Bill 2025: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सिक्योरिटीज़ मार्केट्स कोड बिल, 2025 को लोकसभा में पेश किया. इस बिल के जरिए सरकार भारत के शेयर बाजार में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की कोशिश कर रही है.
SEBI New Rules: मार्केट रेग्युलेटर सेबी की तरफ से आम आदमी की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शेर बाजार और म्यूचुअल फंड से जुड़े कई नियमों में बदलाव किया गया है. अब पहले के मुकाबले म्यूचुअल फंड में इनवेस्ट करने का खर्च कम हो जाएगा.
Avadhut Sathe : देश के एक मशहूर फिनइन्फ्लुएंसर अवधूत साठे, अवधूत साठे ट्रेडिंग एकेडमी (ASTA) के फाउंडर हैं. वो ट्रेडिंग और इन्वेस्टिंग से जुड़े कोर्स बेचते हैं.
SEBI के मुताबिक, गोल्ड ETF एक अधिक सुरक्षित निवेश ऑप्शन है क्योंकि ये रेगुलेटर के फ्रेमवर्क के अंतर्गत आता है, साथ ही ये निवेशकों के हितों की सुरक्षा करता है.
Sebi on Digital Gold: आजकल तमाम ज्वैलर और संस्थाओं की तरफ से डिजिटल गोल्ड में निवेश कराया जा रहा है. निवेशक भी अच्छे रिटर्न के लालच में जमकर पैसा लगा रहे हैं. लेकिन इस तरह के निवेश को लेकर सेबी ने आगाह किया है.
Share Market Update: इन दिनों लोग म्यूचुअल फंड में तेजी से इनवेस्टमेंट कर रहे हैं. मार्केट रेग्युलेटर सेबी की तरफ से म्यूचुअल फंड से जुड़े नियमों में बदलाव की तैयारी की जा रही है. बदलाव होने के बाद निवेशकों को सबसे ज्यादा फायदा होगा और इसमें निवेश करना पहले से सस्ता हो जाएगा.
स्टरलाइट इलेक्ट्रिक ने अक्टूबर की शुरुआत में अपने IPO के लिए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) दाखिल किया था. इस पेशकश में 7.8 मिलियन नई इक्विटी शेयरों का फ्रेश इश्यू और उतने ही शेयरों की बिक्री मौजूदा शेयरधारकों द्वारा (Offer for Sale) शामिल थी.
SEBI ने कहा कि म्यूचुअल फंड अब केवल एंकर इनवेस्टर वाले हिस्से या IPO के पब्लिक इश्यू में ही निवेश कर सकेंगे.
NSE: एनएसई इंडिया के ऑफिशियल यूट्यूब चैनल पर शेयर किये गए 36 सेकेंड के वीडियो में कहा गया कि निवेशकों को नकली ऐप्स असली जैसे ही लग सकते हैं लेकिन इन नकली ऐप्स पर रिस्क असली होता है.
कंपनी के प्रमोटर्स की तरफ से पैसों के हेरफेर को यह कहकर सही ठहराने की कोशिश की गई कि यह रकम कथित फिरौती चुकाने में गई, जब प्रमोटर मनीष शाह के बेटे का अपहरण हुआ था.
SEBI ଆଦାନୀ ଗ୍ରୁପକୁ କ୍ଲିନ୍ ଚିଟ୍ ଦେଇଛି। ହିଣ୍ଡେନବର୍ଗ ମାମଲାରେ SEBI ଆଦାନୀ ଗ୍ରୁପକୁ କ୍ଲିନ୍ ଚିଟ୍ ଦେଇଛି। SEBI କହିଛି ଯେ ଆଦାନୀ ଗ୍ରୁପ୍ ବିରୋଧରେ ଅଭିଯୋଗ ପ୍ରମାଣିତ ହୋଇନାହିଁ।
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अगर आप म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करते हैं तो आपके लिए एक बड़ी खुशखबरी है. अब म्यूचुअल फंड से पैसा निकालना पहले की तुलना में आसान और किफायती हो जाएगा.