close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

हरियाली तीज आज, पहली बार रख रहीं है व्रत तो रखें इन बातों का ध्यान

मान्यता है इसी दिन मां पार्वती ने भगवान शिव को कठिन तपस्या के बाद पाया था. पार्वती के तप से प्रसन्‍न होकर शिव ने उन्‍हें पत्‍नी के रूप में स्‍वीकारा.

हरियाली तीज आज, पहली बार रख रहीं है व्रत तो रखें इन बातों का ध्यान
इस दिन महिलाएं हाथों में नई चूड़ियां, पैरों में अल्ता और मेहंदी लगाकर सजती सवरती हैं.

नई दिल्ली: शिव-पार्वती के अटूट प्रेम को हरियाली तीज का त्यौहार दर्शाता है. आज देशभर में हरियाली तीज का त्यौहार मनाया जा रहा है. हरियाली तीज का त्यौहार हर साल सावन महीने के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को आता है. यह पर्व सावन के महीने में आता है क्योंकि सावन में हर ओर हरियाली छाई होती है. इसलिए इस त्यौहार को हरियाली तीज के नाम से जाना जाता है.

सुहागिन महिलाओं के लिए खास है त्योहार 
इस त्योहार का सुहागिनों के लिए काफी महत्व है. अगर आपकी शादी अभी हुई है या इस साल से ही आप हरियाली तीज का व्रत उठा रही हैं तो, ये जानना आपके लिए जरूरी है कि इस दिन महिलाएं हाथों में नई चूड़ियां, पैरों में अल्ता और मेहंदी लगाकर सजती सवरती हैं. नवविवाहित महिलाएं अपनी पहली हरियाली तीज अपने मायके जाकर मनाती हैं.

लाइव टीवी देखें

इसलिए मनाया जाता है ये पर्व
मान्यता है इसी दिन मां पार्वती ने भगवान शिव को कठिन तपस्या के बाद पाया था. पार्वती के तप से प्रसन्‍न होकर शिव ने उन्‍हें पत्‍नी के रूप में स्‍वीकार कर लिया. तीज पर्व पार्वती को समर्पित है. ऐसा कहा जाता है कि अगर किसी लड़की के विवाह में अड़चन आ रही है, तो इस दिन व्रत तथा पूजा अर्चना करनी चाहिए. वहीं, जिन महिलाओं को विवाह हो चुका है, उन्हें शिव और पार्वती दोनों की उपासना करनी चाहिए. 

इन 5 बातों को रखें ध्यान
- हरियाली तीज के दिन सबसे पहले महिलाएं नहाकर मां गौरा की प्रतिमा को रेशमी वस्त्र और गहने से सजाती हैं. देवी इस स्वरूप को तीज माता भी कहा जाता है. 
- अर्धगोले आकार की माता की मूर्ति बनाती हैं और उसे पूजा के स्थान में बीच में रखकर पूजा करती हैं. 
- पूजा में कथा का विशेष महत्व है, इसलिए हरियाली तीज व्रत कथा जरूर सुनें. कथा सुनते वक्त अपने पति का ध्यान करें.
- हरियाली तीज व्रत में पानी नहीं पिया जाता. दुल्हन की तरह सजें और हरे कपड़े और जेवर पहनें. इस दिन मेहंदी लगवाना शुभ माना जाता है. 
- दिन के अंत में सभी महिलाएं खुशी-खुशी नाचती और गाती हैं. इसी के साथ ही इस खास अवसर पर कुछ महिलाएं झूला भी झूलती हैं.