Paush Month 2022: दिसंबर में इस दिन से शुरू होगा पूस का महीना, इन नियमों के पालन से मान-सम्मान में होगी बढ़ोतरी
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Paush Month 2022: दिसंबर में इस दिन से शुरू होगा पूस का महीना, इन नियमों के पालन से मान-सम्मान में होगी बढ़ोतरी

Paush Month Rules: हिंदू कैलेंडर के अनुसार मार्गशीर्ष माह के बाद पौष माह की शुरुआत होती है. हर माह किसी न किसी देवी-देवता को समर्पित होता है. पौष माह सूर्य देव को समर्पित है. इस माह में सूर्य देव की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. 

 

Paush Month 2022: दिसंबर में इस दिन से शुरू होगा पूस का महीना, इन नियमों के पालन से मान-सम्मान में होगी बढ़ोतरी

Paush Month 2022 Start Date: मार्गशीर्ष माह समाप्त होने वाला है. इसके बाद हिंदू कैलेंडर के अनुसार पौष माह की शुरुआत होती है. मार्गशीर्ष माह श्री कृष्ण को समर्पित है. वहीं, पौष माह में सूर्य देव की पूजा का विधान बताया जाता है. इस माह में सूर्य देव की आराधना करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है. इस माह में पिंडदान और श्राद्ध जैसे कार्यों को करना शुभ माना गया है. इस माह में शुभ और मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाती है. शास्त्रों में इस माह को पितृपक्ष के रूप में भी जाना जाता है. 

कहा जाता है कि इस माह में पिंडदान और श्राद्ध करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है. और मृत्यु के बाद व्यक्ति को बैकुंठ की प्राप्ति होती है. इस माह में सूर्य देव को अर्घ्य देने से उनकी कृपा प्राप्त होती है और मान-सम्मान की प्राप्ति होती है. इस माह में सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करते हैं. आइए जानते हैं पौष माह की शुरुआत कब से है और इस माह में किन नियमों का पालन किया जाता है. 

कब से है पौष माह की शुरुआत 2022

हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष माह के बाद पौष माह की शुरुआत होती है. 8 दिसंबर को मार्गशीर्ष पूर्णिमा के बाद 9 दिसंबर को पौष का महीना शुरू हो जाएगा. और 7 जनवरी 2023 को समाप्त होगा. इस दौरान कोई भी शुभ और मांगलिक कार्य नहीं किए जाते. 

जानें पौष माह के नियम

- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार पौष का महीना 9 दिसंबर से शुरू हो रहा है. इसे पूस का महीना भी कहा जाता है. इस माह में शुभ और मांगलिक कार्यों की मनाही होती है. इस समय भगवान सूर्य देव की पूजा से विशेष फलों की प्राप्ति होती है. सूर्य देव की पूजा करने से व्यक्ति को तेज, बल, बुद्धि, विद्या तथा धन की बढ़ोतरी होती है. इस माह में रविवार के उपवास भी रखने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है और व्यक्ति को समाज में मान-सम्मान मिलता है. 

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(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. ZEE NEWS इसकी पुष्टि नहीं करता है.) 

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