VIDEO : 2002 के इस रोमांचक मुकाबले में टीम इंडिया ने अफ्रीका के जबड़े से छीन ली थी जीत

 इतिहास के पन्नों को कंगाल कर देखें तो आज से 15 साल पहले भारत ने कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका को चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में 10 रनों से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था. चैंपियंस ट्रॉफी के इस मुकाबले में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर शानदार वापसी की थी. 

VIDEO : 2002 के इस रोमांचक मुकाबले में टीम इंडिया ने अफ्रीका के जबड़े से छीन ली थी जीत
जब दक्षिण अफ्रीका को भारत ने 10 रन से दे दी थी मात (Still grab)

नई दिल्ली :  इतिहास के पन्नों को कंगाल कर देखें तो आज से 15 साल पहले भारत ने कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में दक्षिण अफ्रीका को चैंपियंस ट्रॉफी के सेमीफाइनल में 10 रनों से हराकर फाइनल में प्रवेश किया था. चैंपियंस ट्रॉफी के इस मुकाबले में टीम इंडिया ने दक्षिण अफ्रीका को हराकर शानदार वापसी की थी. 

बता दें कि चैंपियंस ट्रॉफी में भारत और दक्षिण अफ्रीका कुल मिलाकर तीन बार भिड़ चुके हैं और तीनों बार भारत ने दक्षिणअफ्रीका को हराने में कामयाब हुआ है. सबसे बड़ी बात यह है कि तीनों बार दोनों टीम सेमीफाइनल में भिड़ी हैं. तीनों बार दक्षिण अफ्रीका हारकर टूर्नामेंट से बाहर हुआ है. 

25 सितंबर को 2002 को चैंपियंस ट्रॉफी के तहत कोलंबो के प्रेमदासा स्टेडियम पर हुए पहला सेमीफाइनल मैच में सौरव गांगुली के कप्तानी में भारत ने साउथ अफ्रीका को दस रन से हराया था. 

सेमीफाइनल में इन दो मजबूत टीमों का सामना था और भारत ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला लिया था. गांगुली हालांकि जल्दी आउट हो गए लेकिन सहवाग ने 59 रनों की पारी खेली. वीवीएस लक्ष्मण और सचिन तेंदुलकर फ्लॉप रहे और भारत का स्कोर 135/4 हो गया.

यहां से राहुल द्रविड़ ने युवराज के साथ 72 रन जोड़े. द्रविड़ ने 49 और युवराज ने 62 रनों की पारी खेली. निचले क्रम के बल्लेबाज कुछ ख़ास योगदान नहीं दे पाए और भारत ने 50 ओवरों में 261/9 का स्कोर बनाया.

टारगेट के जवाब में दक्षिण अफ्रीका की शुरुआत अच्छी नहीं रही और ग्रेम स्मिथ सिर्फ 4 रन बनाकर आउट हो गए, लेकिन इसके बाद हर्शल गिब्स ने जैक्स कैलिस के साथ दूसरे विकेट के लिए 178 रन जोड़े और भारत के हाथ से मैच को लगभग छीन लिया. गिब्स ने अपना शतक पूरा किया. लेकिन मैच में नाटकीय मोड़ तब आया जब 192 के स्कोर पर गिब्स को 116 रनों पर रिटायर्ड हर्ट होना पड़ा. यहां से मैच दक्षिण अफ्रीका के हाथ से एकदम से फिसल गई. दो रन के अंदर हरभजन सिंह ने जोंटी रोड्स और बोएटा डिपेनार को आउट कर दिया. युवराज ने रोड्स का बेहतरीन कैच लपका.

इसके थोड़ी देर बाद मार्क बाउचर को सहवाग ने आउट कर दिया. लेकिन उस समय भी मैच दक्षिण अफ्रीका के पक्ष में ही था और उन्हें जीत के लिए 39 गेंदों में 48 रन बनाने थे. यहां से जैक्स कैलिस के ऊपर जिम्मेदारी थी लेकिन उन्होंने 97 रन बनाने के लिए 133 गेंद ले लिए और मैच भारत की झोली में चला गया. 

आखिरी ओवर में दक्षिण अफ्रीका को 21 रन बनाने थे लेकिन पहली गेंद पर छक्का लगाने के बाद कैलिस अगली गेंद पर सहवाग के हाथों आउट हो गए. आखिरी गेंद पर सहवाग ने लांस क्लूजनर को भी चलता किया और भारत ने मैच 10 रनों से जीत लिया. सहवाग को उनके अर्धशतक और तीन विकेटों के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया.