रणजी ट्रॉफी: तिहरा शतक लगाने के बाद बोला क्रिकेटर, पता ही नहीं आगे क्या होगा

बंगाल के मनोज तिवारी ने हैदराबाद के खिलाफ तिहरा शतक लगाया. वे 4 साल से टीम इंडिया से बाहर हैं. 

रणजी ट्रॉफी: तिहरा शतक लगाने के बाद बोला क्रिकेटर, पता ही नहीं आगे क्या होगा

कोलकाता: क्रिकेट का कोई भी फॉर्मेट हो, तिहरा शतक हमेशा खास होता है. यदि कोई ऐसा क्रिकेटर तिहरा शतक जमाए, जो राष्ट्रीय टीम (Team India) में वापसी की कोशिश कर रहा हो तो यह और अहम हो जाता है. बंगाल के मनोज तिवारी ने रणजी ट्रॉफी ((Ranji Trophy) में यही कारनामा किया है. उन्होंने यहां बंगाल क्रिकेट एकेडमी ग्राउंड पर हैदराबाद के खिलाफ सोमवार को 303 रन की पारी खेली. मनोज तिवारी (Manoj Tiwary) ने भारत के लिए अपना आखिरी वनडे मैच 2015 में जिम्बाब्वे दौरे पर खेला था. 

मनोज तिवारी की इस पारी की बदौलत बंगाल (Bengal) ने अपनी पहली पारी सात विकेट के नुकसान पर 635 रन पर घोषित कर दी. मनोज तिवारी ने 414 गेंद पर नाबाद 303 रन की नाबाद पारी खेली. उन्होंने अपनी पारी में 30 चौके और पांच छक्के लगाए. उनके साथ अर्नब नंदी 65 रन बनाकर नाबाद लौटे. इन दोनों के अलावा श्रीवत्स गोस्वामी ने 95 और अनूस्तूप मजूमदार ने 59 रन की पारी खेली. 

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बंगाल ने रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy 2019-20) दूसरे दिन की शुरुआत पांच विकेट के नुकसान पर 366 रनों के साथ की थी. उसने दूसरे दिन के तीसरे सत्र में पारी घोषित की. इसके जवाब में दिन का खेल खत्म होने तक हैदराबाद ने अपने पांच विकेट महज 83 रन पर ही खो दिए हैं. जावेद अली 19 और कप्तान तन्मय अग्रवाल 10 रन बनाकर खेल रहे हैं. बंगाल के लिए अभी तक अक्षदीप ने तीन और मुकेश कुमार ने दो विकेट लिए हैं. 

मनोज तिवारी ने मैच के बाद टीम इंडिया में वापसी से जुड़े सवालों के जवाब दिए. उन्होंने कहा, ‘भारतीय टीम में जगह बनाना अब काफी मुश्किल हो गया है. हालांकि कुछ भी असंभव नहीं है. इस दुनिया में कुछ भी संभव है. मेरा विश्वास हमेशा मजबूत रहता है चाहे मैं जीरो रन बनाऊं या फिर शतक लगाऊं. मैंने हमेशा अपनी क्षमता और कड़ी मेहनत पर विश्वास किया है.’ तिवारी के इस प्रदर्शन पर महिला क्रिकेटर झूलन गोस्वामी ने ट्वीट कर बधाई दी है. उन्होंने लिखा, शाबाश मनोज तिवारी!

34 साल के तिवारी के करियर का यह पहला तिहरा शतक है. उन्होंने कहा, ‘इसके लिए मैं अपने निजी कोच मनबेंद्र घोष को धन्यवाद देना चाहता हूं. उन्होंने मुझे बेहतर बनने में मदद की है. अगर आपको खुद पर विश्वास हो तो आत्मविश्वास आ ही जाता है. पता नहीं आगे क्या होगा. इस समय भारतीय टीम शानदार प्रदर्शन कर रही है और इसमें जगह बनाना मुश्किल है.’