धोनी के इस कदम से बाल-बाल बचे थे कोहली, नहीं तो खत्म हो जाता करियर
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धोनी के इस कदम से बाल-बाल बचे थे कोहली, नहीं तो खत्म हो जाता करियर

महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) अगर विराट कोहली जैसे खिलाड़ी पर भरोसा नहीं दिखाते तो टीम इंडिया (Team India) को बड़ा नुकसान होता. महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni)  की कप्तानी में रोहित शर्मा (Rohit Sharma) और विराट कोहली (Virat Kohli) जैसे स्टार भारत को मिले हैं. 

धोनी के इस कदम से बाल-बाल बचे थे कोहली, नहीं तो खत्म हो जाता करियर

नई दिल्ली: इंटरनेशनल क्रिकेट में रनों और शतकों की झड़ी लगाने वाले विराट कोहली (Virat Kohli) का करियर पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS dhoni) की वजह से बाल-बाल बचा था. सिलेक्टर्स विराट कोहली (Virat Kohli) को टीम इंडिया (Team India) से ड्रॉप करना चाहते थे, लेकिन धोनी के एक दांव ने उनका करियर बचा लिया. 

कोहली को ड्रॉप करना चाहते थे सिलेक्टर्स

महेंद्र सिंह धोनी (MS dhoni) अपनी कप्तानी में टीम के खिलाड़ियों को बहुत मौके देते थे, चाहे वह रोहित शर्मा हों या विराट कोहली. साल 2012 के ऑस्ट्रेलियाई दौरे पर खराब फॉर्म के कारण सिलेक्टर्स विराट कोहली (Virat Kohli) को टीम इंडिया (Team India) से ड्रॉप करना चाहते थे, लेकिन धोनी ने विराट कोहली (Virat Kohli) पर भरोसा दिखाया और उन्हें टीम से ड्रॉप नहीं होने दिया.

बेहद खराब था कोहली का प्रदर्शन 

टीम इंडिया के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने इस बात का खुलासा किया. सहवाग ने बताया कि अगर 2012 में चयनकर्ताओं की चलती तो कोहली को भारत के लिए कभी टेस्ट मैच खेलने का मौका नहीं मिलता. भारतीय चयनकर्ता ऑस्ट्रेलिया में कुछ खराब पारियों के बाद कोहली को ड्रॉप करना चाहते थे. पहले दो टेस्ट में कोहली ने सिर्फ 10.75 की औसत से रन बनाए थे. सहवाग उस टीम के उपकप्तान थे व धोनी कप्तान थे.

धोनी के इस दांव ने बचा लिया करियर

वीरेंद्र सहवाग ने कहा कि साल 2012 में कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और उन्होंने (सहवाग) ने मिलकर कोहली की जगह बचाई थी. सहवाग ने बताया, 'ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले जाने वाले तीसरे टेस्ट में चयनकर्ताओं ने विराट कोहली की जगह रोहित शर्मा को खिलाने का फैसला किया, लेकिन उन्होंने और कप्तान धोनी ने मिलकर इस बात का फैसला किया कि वह कोहली को ही खिलाएंगे'.

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धोनी की वजह से बचा कोहली का करियर 

सहवाग ने आगे बताया, 'उस वक्त मैं टीम का उपकप्तान था और महेंद्र सिंह धोनी टीम की कप्तानी कर रहे थे, हम दोनों ने विराट कोहली को पर्थ टेस्ट के लिए प्लेइंग इलेवन में शामिल कराया और आगे जो हुआ वो इतिहास है. उस मैच में कोहली ने पहली पारी में 44 और दूसरी पारी में 75 रन की पारी खेली.' बता दें कि विराट कोहली के नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में 70 शतक हैं. धोनी ने भरोसा नहीं दिखाया होता तो टीम इंडिया इस बेहतरीन खिलाड़ी को खो देती.

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