Team India: इन वजहों से संजू सैमसन को नहीं मिलती Playing 11 में जगह? पंत की खुल जाती है किस्मत!
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Team India: इन वजहों से संजू सैमसन को नहीं मिलती Playing 11 में जगह? पंत की खुल जाती है किस्मत!

IND vs NZ Odi Series: संजू सैमसन को ज्यादा मौकों पर कोच और कप्तान बेंच पर बिठाए रखते हैं. संजू की जगह टीम मैनेजमेंट ऋषभ पंत पर भरोसा करता है. इसकी कई वजहें हैं. 

Team India: इन वजहों से संजू सैमसन को नहीं मिलती Playing 11 में जगह? पंत की खुल जाती है किस्मत!

Indian Team: भारतीय क्रिकेट टीम इस समय न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज खेल रही है. इस सीरीज में संजू सैमसन को प्लेइंग इलेवन में जगह ना मिलने पर सवाल उठाए जा रहे हैं. वहीं, इससे पहले टी20 वर्ल्ड कप 2022 में भी उन्हें मौका नहीं मिला था. स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज संजू को सेलेक्टर्स ने उतने मौके नहीं दिए हैं, जितने ऋषभ पंत को मिले हैं. पहले तो संजू को टीम में नहीं चुना जाता है, अगर टीम में ले लिया गया, तो प्लेइंग इलेवन में मौका मिलना मुश्किल हो जाता है. संजू सैमसन की जगह कोच और कप्तान ऋषभ पंत को तरजीह देते हैं, तो आइए जानते हैं, उन कारणों के बारे में, जिनकी वजह से पंत को मौका मिलता है. 

लेफ्ट हैंड के विस्फोटक बल्लेबाज 

भारतीय बैटिंग ऑर्डर में रोहित शर्मा, विराट कोहली, केएल राहुल, हार्दिक पांड्या और सूर्यकुमार यादव जैसे ज्यादातर बल्लेबाज राइट हैंड से बल्लेबाजी करते हैं. ऐसे में कप्तान सही टीम संयोजन तलाशने के लिए प्लेइंग इलेवन में ऋषभ पंत को मौका देते हैं, जो लेफ्ट हैंड से बैटिंग करते हैं, जिसमें संजू पीछे छूटते हुए नजर आते हैं. टीम मैनेजमेंट की सोच ये रहती है कि जब लेफ्ट और राइट हैंड के बल्लेबाज क्रीज पर होंगे, तो विरोधी गेंदबाजों को बॉलिंग करने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है. 

विस्फोटक बल्लेबाजी में माहिर 

ऋषभ पंत ने साल 2017 में भारतीय टीम में अपना डेब्यू किया. इसके बाद उनकी छवि एक विस्फोटक बल्लेबाज की बन गई. पंत ने ऑस्ट्रेलिया दौरे पर इस बात को साबित भी किया. उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ गाबा टेस्ट मैच में 89 रनों की पारी खेली और टीम इंडिया को अपने दम पर टेस्ट मैच जिता दिया. इसके बाद वह भारतीय फैंस के लिए हीरो बन गए. उन्होंने साउथ अफ्रीका दौरे पर वनडे सीरीज में शानदार शतक भी जमाया था. पंत को शुरुआत में जितने भी मौके मिले, उन्होंने उसे दोनों ही हाथों से लपका. जब भी टीम इंडिया मुश्किल परिस्थितियों में फंसी पंत ने आकर ताबड़तोड़ अंदाज में बैटिंग की. 

दूसरी तरफ संजू सैमसन ने भारतीय टीम के लिए अपना डेब्यू साल 2015 में किया, लेकिन अपने खराब प्रदर्शन की वजह से वह टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए. वह टीम से अंदर-बाहर होते रहे. 

पंत को माना गया एक्स फैक्टर 

भले ही कैसी भी परिस्थिति रही हो? ऋषभ पंत ने अपनी आक्रामक बैटिंग से समझौता नहीं किया. वह क्रीज पर आते ही विस्फोटक बल्लेबाजी के लिए फेमस रहे हैं. उनकी तूफानी तरीके से बैटिंग करने की वजह से कोच और कप्तान प्रभावित हुए हैं. उन्हें हमेशा से ही टीम इंडिया का एक्स फैक्टर माना गया है. पंत ने भारत के लिए 31 टेस्ट मैचों में 2123 रन बनाए हैं, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 72.65 रहा है. वहीं, 29 वनडे मैचों में 855 रन बनाए हैं, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 107.54 रहा है. सफेद गेंद के क्रिकेट में वह बहुत ही खतरनाक नजर आते हैं. उन्होंने टीम इंडिया के लिए 66 टी20 मैचों में 987 रन हैं, जिसमें उनका स्ट्राइक रेट 126 के करीब रहा है. 

संजू सैमसन विकेट पर टिककर बैटिंग करने के लिए जाने जाते हैं. जब वह क्रीज पर सेट हो जाते हैं, तब वह आक्रामक रुख अपनाते हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे मैच में संजू सैमसन ने 36 गेंदों में 38 रनों की पारी खेली, लेकिन शानदार शुरुआत के बाद भी वह बड़ी पारी नहीं खेल पाए. संजू सैमसन ने भारत के लिए 11 वनडे मैचों में 330 रन बनाए. वहीं, 16 टी20 मैचों में 296 रन बनाए हैं. 

कमाल की है विकेटकीपिंग स्किल

ऋषभ पंत अभी सिर्फ 25 साल के ही हैं. वह भारत के लिए तीनों ही फॉर्मेट में क्रिकेट खेलते हैं. उनकी विकेटकीपिंग स्किल भी कमाल की है. सेलेक्टर्स उनमें भारत का भविष्य देखते हैं. आईपीएल में दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान हैं. वहीं, दूसरी तरफ से संजू सैमसन की उम्र 28 साल है और उन्होंने अभी तक टीम इंडिया के लिए टेस्ट मैचों में अपने डेब्यू नहीं किया है. 

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