close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

प्राइजमनी में कटौती से ‘बागी’ हुए बजरंग और विनेश, कहा- हरियाणा की पॉलिसी से खिलाड़ी परेशान

विश्व के नंबर-1 पहलवान बजरंग पूनिया ने ट्वीट किया, ‘जब आप खिलाड़ी को पुरस्कार देने की बात करते हैं तो आप पैसा नहीं, आप समर्थन देने का वादा करते हैं.’

प्राइजमनी में कटौती से ‘बागी’ हुए बजरंग और विनेश, कहा- हरियाणा की पॉलिसी से खिलाड़ी परेशान
बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट: (फाइल फोटो)

नई दिल्ली: देश में जब भी खेलों की बात आती है तो हरियाणा का नाम सबसे पहले आता है. कुश्ती, बॉक्सिंग से लेकर शूटिंग और हॉकी तक में यहां के अनेक खिलाड़ी देश का नेतृत्व कर रहे हैं. हरियाणा के पक्ष में कहा जाता है कि यहां खिलाड़ियों के लिए अच्छी सुविधाएं हैं. लेकिन लगता है यह पुरानी बात हो गई है. अब यहीं की सुविधाओं को लेकर खिलाड़ी सवाल उठा रहे हैं. कुश्ती में भारत ही नहीं दुनियाभर में अपनी पहचान बनाने वाले बजरंग पूनिया और विनेश फोगाट उन खिलाड़ियों में हैं, जो कह रहे हैं कि हरियाणा की पॉलिसी खिलाड़ियों की परेशानी का सबब बन गई है. 

दरअसल, हरियाणा वह राज्य है, जिसने खिलाड़ियों को नगद इनाम में बड़ी राशि देने की शुरुआत की. लेकिन उसने अब इसमें बदलाव कर दिया है. नई नगद इनाम नीति के मुताबिक अगर कोई खिलाड़ी एक वित्तीय वर्ष में एक से ज्यादा मेडल जीतता है तो उसे उसके द्वारा जीते गए सबसे बड़े मेडल के लिए पूरी नगद राशि दी जाएगी, लेकिन दूसरे व इसके बाद वाले पदकों के लिए उसे सिर्फ 50% राशि ही मिलेगी. खिलाड़ी इसी नीति का विरोध कर रहे हैं. ये खिलाड़ी नई नीति के खिलाफ लगातार ट्वीट कर रहे हैं और अपनी ट्वीट के साथ राज्य के मंत्री अनिल विज (Anil Vij) को टैग भी कर रहे हैं. 

यह भी पढ़ें: World Cup 2019: लक्ष्मण ने कहा- धोनी की स्लो बैटिंग से बिगड़ रहा टीम का खेल, Troll हुए

सरकार की इस नीति का खिलाड़ियों में विरोध हो रहा है. बजरंग पूनिया (Bajrang Punia) ने लिखा, ‘एक तरफ भारत सरकार अपने खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए TOPS, KHELO INDIA जैसे विभिन्न स्किम बना रहे है ताकि भारत का खेल जगत में नाम रोशन हो. दूसरी तरफ हरियाणा में खिलाड़ियों को हतोत्साहित करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है ताकि खिलाड़ी घुटने के बल पर आ जाए. @narendramodi @cmohry.’ 
 

vinesh

 

विनेश फोगाट (Vinesh Phogat) ने इस बारे में लिखा, ‘सर कौनसी पॉलिसी की बात कर रहें हैं आप? 2014 एक ही साल बजरंग पुनिया और मैंने कॉमन्वेल्थ गेम्स और एशियन गेम्स दोनों में मेडल जीता था. तब तो ऐसा नहीं था और हमारे से पहले इतने सालों में जितने भी खिलाड़ियों ने मेडल जीता था मेरे ख्याल से तब भी ऐसा नही था.@DuttYogi @anilvijminister.’ 
 

yogeshwar

ओलंपिक में मेडल जीत चुके पहलवान योगेश्वर दत्त (Yogeshwar Dutt) ने भी सरकार के इस कदम की आलोचना की है. उन्होंने लिखा, ‘खेल मंत्री श्री @anilvijminister जी खिलाड़ियों की प्राइज़मनी में कटौती करना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है. प्राइज़मनी में कटौती करने का कारण खिलाड़ियों को बताओ.  खिलाड़ी हरियाणा व देश का मान बढ़ाते हैं. उनका मनोबल बढ़ाओ, जिसे वो आने वाले ओलंपिक देश के लिए ज़्यादा से ज़्यादा पदक जीत सके.’