2 साल पहले आज ही के दिन जम्मू कश्मीर को काले प्रावधानों से मुक्त किया गया था. 370 और 35ए की बेड़ियों से आजाद किया गया था. 2 साल बाद वही जम्मू कश्मीर नई कहानी लिख रहा है, तो उसका जश्न पूरा हिंदुस्तान मना रहा है. लेकिन सियासी ठेकेदारों का दर्द अब तक कम नहीं हुआ है. इसकी वजह हर किसी को मालूम है कि इनकी दुकानदारी बंद हो गई है.
370 और 35A का महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने फिर राग छेड़ा है. साथ ही 'दरबार मूव' को लेकर भी टीस दिखी है. मुफ्ती ने एक बार फिर आतंकी सलाहुद्दीन के बच्चों का सपोर्ट किया है.
प्रधान मंत्री Narendra Modi की लिस्ट में Kashmir का मुद्दा सबसे ऊपर है, पहली बार इतने बड़े स्तर पर कश्मीर को लेकर राजधानी Delhi में न केवल कश्मीर के नेताओं को लेकर बल्कि विपक्ष को भी जोड़ कर एक बैठक हुई. इस बैठक के बाद सभी के मन में सवाल है कि क्या जो 70 साल से बकाया है वो मोदी के हिस्से आया है.
हर किसी की निगाहें Jammu & Kashmir को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) की बैठक पर टिकी हैं. इस मीटिंग में वहां के क्षेत्रीय दल के लगभग सारे बड़े नेता पहुंचने वाले हैं.
सऊदी रवाना होने से पहले कुरैशी ने मीडिया इंटरव्यू दिया. कश्मीर मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा- हम मानते हैं कि आर्टिकल 370 को हटाना भारत का अंदरूनी मामला है और इसे वे ही जानें. इस मामले पर वहां का सुप्रीम कोर्ट सुनवाई भी कर रहा है.
राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच के प्रांत संयोजक अरुण कुमार सिंह ने फारूक अब्दुल्ला पर यह मुकदमा उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के दीवानी कोर्ट में दायर किया है. कोर्ट ने इस मामले में सुनवाई के लिए 5 दिसंबर की तारीख निर्धारित की है.
जानने के लिए वीडियो देखें कि कैसे कश्मीर में अब अलगाववाद का चैपटर बंद हो गया है और राष्ट्रवाद का अध्याय शुरू कर दिया गया है.
यह निवास प्रमाण पत्र बिहार के रहने वाले आईएएस (IAS) अधिकारी नवीन चौधरी को जारी किया गया है. नवीन चौधरी को नए नियम के मुताबिक, प्रमाण पत्र मिला है.
कश्मीर दौरे पर गए केव्द्र के मंत्रियों में शामिल मुख्तार अब्बास नकवी लाल चौक पहुंचे। यहां पहुंचने के बाद उन्होंने यहां रहने वाले लोगों से बात की और उनकी समस्याएं समझने की कोशिश की
कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 351 हटाए जाने के बाद देश में पहला दशहरा धूमधाम से मनाया गया.
अनुच्छेद 370 से जुड़े मामले में अब तक कुल 12 याचिकाएं दायर हो चुकी है.
जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 और 35A निष्क्रिय जाने के बाद से पाकिस्तान और भारत के बीच तनाव पूर्ण हालात बने हुए हैं. इन तनावपूर्ण हालात में दोनों देशों के बीच चलने वाली 'समझौता एक्सप्रेस' ट्रेन भी रद्द है.
प्रस्तावित केंद्र शासित प्रदेश में 114 सीटें होंगी. इनमें से 24 सीटें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (POK) के लिए होंगी, जो कि फिलहाल खाली रहेंगी. वहीं 90 सीटें जम्मू-कश्मीर के लिए होंगी.
जम्मू-कश्मीर के लोग अब केंद्र सरकार से यही उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द से जल्द घाटी का विकास शुरू कर उनके लिए नौकरी के अवसर पैदा किए जाएं.
जम्मू ओर कश्मीर के लोगों का कहना है कि उन्हें रोजगार और रोटी चाहिए. सरकार को इन्हीं दो बातों पर अब खास ध्यान देना चाहिए.
चीन ने बुधवार को परिषद की अनौपचारिक परामर्श के दौरान इस संबंध में आग्रह किया. राजनयिक ने बताया कि बैठक का प्रारूप क्लोज्ड-डोर कंसल्टेशन (समूह के सदस्यों के बीच मंत्रणा) होगा, जिसमें पाकिस्तान का शामिल होना नामुमकिन है.
जम्मू कश्मीर के मुख्य सचिव रोहित कंसल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि घाटी में सभी जगह पर शान्ति से 15 अगस्त का सेलिब्रेशन हुआ.
खुले मैदान में हजारों की संख्या में नमाज अता करने की अनुमति देने के संबंध में अभी तक कोई घोषणा नहीं की गई है. सुरक्षा एजेंसियों ने राष्ट्र विरोधी तत्वों से प्रभावित दक्षिण कश्मीर में कम से कम चार प्रमुख स्थानों की पहचान की है.
पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच बस सेवा को बंद कर दिया है. शुक्रवार शाम को पाकिस्तान की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि वह दिल्ली-लाहौर बस सेवा (Delhi-Lahore Bus Service) बंद कर रहे हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राष्ट्र के नाम संबोधन में कहा था जम्मू कश्मीर व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार हर संभव कोशिश करेगी. यहां निवेश बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे. शुक्रवार को वित्त मंत्रालय के साथ देश के तमाम कारोबारियों की हुई बैठक में जम्मू कश्मीर निवेश के मसले पर चर्चा हुई.
कठुआ में गुरुवार को सभी स्कूल कॉलेज खुल गए हैं. वहीं जम्मू के सांबा मे शुक्रवार से सभी स्कूल कॉलेज खुल जाएंगे. जम्मू रीजन के कुल 10 जिले हैं. इसके अलावा डोडा में भी हालात तेजी से सुधर रहे हैं.
इमरान ने लिखा है, 'पूरी दुनिया इंतजार कर रही है कि जम्मू कश्मीर से कर्फ्यू हटने के बाद वहां क्या हालात बनते हैं. बीजेपी की सरकार क्या सोचती है कि वह सैन्य बल की ताकत से उत्पीड़ित कश्मीरियों के स्वंतत्रता आंदोलन को कुचल देगी? मुझे पूरा भरोसा है कि यह आंदोलन फिर से गति पकड़ेगा.'