Chandrababu Naidu Propery: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) की नवीनतम रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की घोषित संपत्ति 931 करोड़ रुपये है और देश के मौजूदा सभी 30 मुख्यमंत्रियों की कुल संपत्ति में आधे से ज्यादा यानी करीब 57 प्रतिशत हिस्सा चंद्रबाबू नायडू का है.
यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब केंद्र सरकार 3 नए विधेयक लेकर आई है, जिनमें यह प्रावधान किया गया है कि यदि प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मंत्री किसी गंभीर आपराधिक मामले में 30 दिनों के लिए गिरफ्तार होते हैं, तो उन्हें उनके पद से हटाया जा सकता है.
क्या हो अगर अगले चुनाव में आपका वोट देने का अधिकार ही छीन लिया जाए? बिहार में 65 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं, और अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है. इस गंभीर मुद्दे की हर परत जानिए कि 65 लाख वोटर्स कहां गए?- चुनाव आयोग ने क्या सफाई दी? यह एक रूटीन प्रक्रिया से कहीं ज़्यादा क्यों है? ADR ने सुप्रीम कोर्ट में क्यों चुनौती दी? पारदर्शिता और कानूनी अधिकारों का सवाल खड़े हो रहे हैं. सबसे बड़ा पेंच- क्यों चुनाव आयोग ने यह नहीं बताया कि किसका नाम किस वजह से काटा गया? सुप्रीम कोर्ट का सख्त रुख देखने को मिला, चुनाव आयोग को 12 अगस्त तक जवाब देने का आदेश दिया है.
ADR Report: ਐਸੋਸੀਏਸ਼ਨ ਆਫ ਡੈਮੋਕਰੇਟਿਕ ਦੀ ਰਿਪੋਰਟ ਦੇ ਵਿੱਚ ਦਾ ਖੁਲਾਸਾ ਹੋਇਆ ਕੁੱਲ 151 ਆਗੂਆਂ 'ਤੇ ਮਹਿਲਾਵਾਂ ਦੇ ਨਾਲ ਅਪਰਾਧ ਦੇ ਮਾਮਲੇ ਦਰਜ ਹਨ। ਜੋ ਕਿ ਇਸ ਸਮੇਂ ਦੇਸ਼ ਦੇ ਵਿੱਚ ਮੈਂਬਰ ਪਾਰਲੀਮੈਂਟ ਜਾਂ ਫਿਰ ਵੱਖ-ਵੱਖ ਸੂਬਿਆਂ ਦੇ ਵਿੱਚ ਬਤੌਰ ਵਿਧਾਇਕ ਕਮਾਨ ਸੰਭਾਲ ਰਹੇ ਹਨ।
लोकसभा चुनाव के दौरान डाले गए वोट और मतगणना को लेकर ADR यानी एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स ने बड़ा दावा किया. एडीआर के मुताबिक लोकसभा चुनाव में 538 निर्वाचन क्षेत्रों में डाले गए वोटों की संख्या और गिने गए वोटों की संख्या में भारी अंतर है.
ADR Report: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने दावा किया है कि लोकसभा चुनाव में 538 संसदीय सीटों में डाले गए वोटों की संख्या और गिने गए वोटों की संख्या में भारी अंतर है. हालांकि, अब तक मामले में चुनाव आयोग (Election Commission of India) का कोई बयान नहीं आया है.
ADR Report On Assets Of Political Parties: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कौन सी पार्टी देश की सबसे अमीर पार्टी है और किस दल की संपत्ति में गिरावट आई है. दरअसल एडीआर की रिपोर्ट में राजनीतिक पार्टियों की घोषित संपत्ति और देनदारियों का विश्लेषण किया गया है.
Rajya Sabha: एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और नेशनल इलेक्शन वॉच (NEW) के रिपोर्ट में मौजूदा राज्यसभा सांसदों के संपत्ति का ब्यौरा दिया गया है. रिपोर्ट की मानें तो राज्यसभा के मौजूदा सांसदों की कुल संपत्ति 18,210 करोड़ रुपये है.
Richest MLA in Gujarat: एडीआर की रिपोर्ट में कहा गया है कि विश्लेषण किए गए 17 मंत्रियों में से 16 या 94 प्रतिशत करोड़पति हैं. विश्लेषण किए गए 17 मंत्रियों की औसत संपत्ति 32.70 करोड़ रुपए है. सिद्धपुर निर्वाचन क्षेत्र से बलवंतसिंह चंदनसिंह राजपूत 372.65 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ सबसे अमीर मंत्री हैं.
Electoral Bond: ନଦଗ ଅର୍ଥ ବଦଳରେ ବ୍ୟାଙ୍କ ମାଧ୍ୟମରେ ରାଜନୈତିକ ଦଳ ଗୁଡିକୁ ଦିଆଯାଉଥିବା ଚାନ୍ଦାକୁ ନିର୍ବାଚନୀ ବଣ୍ଡ କୁହାଯାଏ। କୌଣସି ଏକ ନିର୍ଦ୍ଧିଷ୍ଟ ମାସର ଏକ ତାରିଖରୁ ଦଶ ତାରିଖ ମଧ୍ୟରେ ଏହି ବଣ୍ଡର ବିକ୍ରି ହୋଇଥାଏ। ସୋମବାର ଠାରୁ ୨୪ତମ ନିର୍ବାଚନୀ ବଣ୍ଡ ବିକ୍ରି ଆରମ୍ଭ ହୋଇଛି।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) रिपोर्ट में ये जानकारी साझा की गई है कि राष्ट्रपति चुनाव में वोट देने के पात्र 4,700 से अधिक सांसदों, विधायकों में 477 महिलाएं हैं.
୨୦୨୧ ଅକ୍ଟୋବର ଶେଷ ସୁଦ୍ଧା ତଥ୍ୟ ଦେବାକୁ ଆଞ୍ଚଳିକ ରାଜନୈତିକ ଦଳ ଗୁଡିକୁ ଡେଡ୍ ଲାଇନ୍ ଦିଆଯାଇଥିଲା। ବାର୍ଷିକ ଅଡିଟ୍ ରିପୋର୍ଟ ଉପଲବ୍ଧ ନଥିବା ଦଳ ଗୁଡିକ ମଧ୍ୟରେ ଲାଲୁ ପ୍ରସାଦଙ୍କ ରାଷ୍ଟ୍ରିୟ ଜନତା ଦଳ, ଅଖିଳେଶ ଯାଦବଙ୍କ ସମାଜବାଦୀ ପାର୍ଟି ଏବଂ ଫାରୁଖ ଅବଦ୍ଦୁଲାଙ୍କ ଜାମ୍ମୁ କାଶ୍ମୀର ନ୍ୟାସନାଲ କଫରେନ୍ସ ଦଳ ଅଛନ୍ତି। ତେବେ ୩୧ଟି ଆଞ୍ଚଳିକ ଦଳର ବାର୍ଷିକ ଅଡିଟ୍ ରିପୋର୍ଟରେ ଅନେକ ଚାଞ୍ଚଲ୍ୟକର ତଥ୍ୟ ସାମନାକୁ ଆସିଛି।
ଜିଲ୍ଲା ପରିଷଦ ସଭ୍ୟଙ୍କ ସମ୍ପତ୍ତି, ଶିକ୍ଷାଗତ ଯୋଗ୍ୟତା, ଅପରାଧିକ ପୃଷ୍ଠଭୂମିକୁ ନେଇ ଏଡିଆର ରିପୋର୍ଟ ପ୍ରକାଶ ପାଇଛି। ମୋଟ ୮୫୧ ଜଣ ନିର୍ବାଚିତ ଜିଲ୍ଲା ପରିଷଦ ସଭ୍ୟଙ୍କ ମଧ୍ୟରୁ ୭୨୬ ସଭ୍ୟଙ୍କ ସତ୍ୟପାଠକୁ ଏଡିଆର ଅନୁଧ୍ୟାନ କରିଛି।
2022 के विधानसभा चुनावों के दौरान पार्टी बदलने वाले 276 उम्मीदवारों में से अन्य राजनीतिक दलों के लिए 27 प्रतिशत ने बहुजन समाज पार्टी (बसपा) और 13 प्रतिशत ने कांग्रेस छोड़ दी.
राजनीतिक दलों को हर साल कॉरपोरेट जगत से करोड़ों रुपये का चंदा (Political Donations) मिलता है. सभी दिग्गज कंपनियां विभिन्न पार्टियों को पॉलिटिकल चंदा देती हैं. रिपोर्ट के अनुसार भाजपा को अकेले 78% का चंदा मिला है.
ନବାବ କାଜିମ ଅଲିଙ୍କ ନିର୍ବାଚନ ଆଫିଡେଭିଟରେ ସେ ତାଙ୍କର ମୋଟ ସ୍ଥାବର ଏବଂ ଅସ୍ଥାବର ସମ୍ପତ୍ତିର ମୂଲ୍ୟ ୨୯୬ କୋଟି ଟଙ୍କା ବୋଲି ଘୋଷଣା କରିଛନ୍ତି। ଏହା ପରେ ବରେଲି କ୍ୟାଣ୍ଟର ଏସପି ପ୍ରାର୍ଥୀ ସୁପ୍ରିୟା ଆରୋନଙ୍କ ନମ୍ବର ଆସିଛି, ଯାହାଙ୍କର ୧୫୭ କୋଟି ଟଙ୍କା ମୂଲ୍ୟର ସମ୍ପତ୍ତି ଅଛି।
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) से ये जानकारी सामने आई है कि शीर्ष 7 राजनीतिक पार्टियों में भाजपा के पास सबसे ज्यादा संपत्ति है.
साल 2021 में हुए पांच राज्यों के विधान सभा चुनाव के दौरान बीजेपी को सबसे ज्यादा 611.69 करोड़ रुपये मिले और उसने 252 करोड़ रुपये खर्च किए. इसके बाद कांग्रेस का नंबर आता है जिसने 193.77 करोड़ रुपये की राशि हासिल की और 85.62 करोड़ रुपये खर्च किए.
भाजपा के चार, जदयू के दो, हम के एक और वीआईपी के एक मंत्री के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित हैं.
इलेक्शन वॉचडॉग ने कहा है कि ये निष्कर्ष अक्टूबर-नवंबर के विधानसभा चुनावों से पहले उन्हीं के द्वारा पेश किए गए शपथपत्रों के विश्लेषण पर आधारित हैं.
ଚମକାଇ ଦେଲା ଆସୋସିଏସନ ଫର ଡେମୋକ୍ରାଟିକ୍ ରିଫର୍ମସ୍ (ଏଡିଆର)ରିପୋର୍ଟ। ବିହାରରେ ବଢିଛନ୍ତି ଦାଗି ବିଧାୟକ। ୨୦୧୫ ଅପେକ୍ଷା ୨୦୨୦ରେ ବୃଦ୍ଧି ହୋଇଛି ୧୦ ପ୍ରତିଶତ।
बिहार विधानसभा चुनाव में 241 विजयी उम्मीदवारों के हलफनामों के विस्तृत विश्लेषण से पता चलता है कि इनमें से 194 (81 प्रतिशत) के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति है.