Muzaffarpur Latest News: मुजफ्फरपुर में AES को लेकर कंट्रोल रूम तैयार किया गया है. यहां पर एक कॉल पर पूरी जानकारी मिलेगी. रात हो या दिन हर समय स्वस्थ विभाग की ओर से जारी टेलिफोन नंबरों पर कॉल कर जानकारी ले सकते हैं. ईलाज से लेकर एंबुलेंस तक की जानकारी मिलेगी.
Muzaffarpur News: बढ़ती गर्मी के साथ मुजफ्फरपुर में एक्यूट एन्सेफलाइटिस सिंड्रोम (AES) के मामलो में भी बढ़ोतरी होने लगी हैं, जिले में चमकी बुखार के करीब आधा दर्जन मरीज मिल चुके हैं.
Chamki Fever: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में चमकी बुखार से निपटने के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है. इस बार चमकी बुखार से पीड़ित बच्चे को कोई बाइक से अस्पताल पहुंचाते हैं तो उस बाइक के ओनर के लिए 4 से 6 सौ रुपये देने का प्रावधान किया गया है.
बिहार में गर्मी की तपिश शुरू होते ही मुजफ्फरपुर में एक्यूट इंसेफलाइटिस (एईएस) के मरीज सामने आने लगे. पिछले सप्ताह दो मरीज मुजफ्फरपुर के श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एसकेएमसीएच) में भर्ती हुए, जिसमे एईएस की पुष्टि हुई है.
मुजफ्फरपुर डीएम प्रणव कुमार ने आज एक नुक्कड़ नाटक के लिए जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया गया है. इसको लेकर जिला प्रशासन की टीम ने नुक्कड़ नाटक टीम को चमकी बुखार से प्रभावित क्षेत्र जिले के पांच प्रखंड के 51 गांव में जाकर जागरूकता पैदा करने का काम करेगी.
मुजफ्फरपुरः बिहार में चमकी बुखार का कहर जारी है. इस बुखार ने नोनीहालों के भविष्य को चौपट कर रखा है. कई बच्चे इस बीमारी की चपेट में आकर अपनी जान तक गंवा चुके हैं.
AES in Bihar: मुजफ्फरपुर और आसपास के इलाके में जैसे ही गर्मी और उमस बढ़ती है, वैसे ही इस बीमारी से बच्चे ग्रसित होने लगते हैं. प्रतिवर्ष इस बीमारी से बच्चों की मौत होती है.
Bihar News: सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार में कोरोना जांच और टीकाकरण को लेकर तेजी से काम किये जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रतिदिन कोरोना जांच की संख्या को और बढ़ायें.
Muzaffarpur News: जांच के बाद बीमारी की पुष्टि होने पर पीकू वार्ड में बच्ची का इलाज किया जा रहा है.
बिहार (Bihar) में चमकी बुखार एक बार फिर धीरे-धीरे पांव पसारने लगा है.
कोरोना के बीच जिले और उसके आसपास के जिलों में तापमान बढ़ने के साथ एक बार फिर चमकी बुखार से पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ने लगी है.
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने वीसी से एईएस, जेई, लू व कालाजार की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की.
पूरे मामले पर पूछे जाने पर एसकेएमसीएच (SKMCH) के अधीक्षक डॉ बीएस झा ने कहा कि शिशु रोग विभाग द्वारा एक बच्चे में इसकी पुष्टि की गई है जो पीआईसीयू (PISU) वार्ड में भर्ती है .
यूपी सरकार (UP Govt) ने दावा किया है कि अगले दो साल के भीतर बच्चों को दिमागी बुखार (Encephalitis) से निजात दिला दी जाएगी. बताते चलें कि गोरखपुर-बस्ती मंडल में दिमागी बुखार एक बड़ी चुनौती बनी रही है.
स्वास्थ्य विभाग की ओर से मुजफ्फरपुर में शिशु गहन चिकित्सा इकाई (PIKU)सह अनुसंधान केंद्र का जल्द से जल्द तैयार करने का लक्ष्य रखा गया था जिसे पूरा कर लिया गया. अब यह फंक्शनल भी हो गया है और इसका उपयोग भी शुरू हो गया है.
चमकी बुखार (एईएस) एवं जापानी इंसेफ्लाइटिस (जेई) से पीड़ित रोगियों के लिए एसकेएमसीएच, मुजफ्फरपुर में 72 करोड़ की लागत से बना देश का पहला सौ बेड के पीकू (शिशु गहन चिकित्सा यूनिट) एवं 60 बेड का इंसेफ्लाइटिस वार्ड तैयार कर लिय गया है.
vइस संबंध में मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि कंपोजिट स्टील स्ट्रक्चर के रूप में पूरी तरह से वातानुकुलित पीकू अस्पताल को बीएमएसआईसीएल ने रिकॉर्ड आठ महीने में पूरा कर लिया गया है.
बिहार में तापमान में वृद्धि के साथ ही मुजफ्फरपुर सहित कई जिलों में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) के कारण बच्चे मरने लगे हैं. मौसम की तल्खी और हवा में नमी की अधिकता के कारण एईएस नामक बीमारी से इस वर्ष अब तक सात बच्चों की मौत हो चुकी है.
चिकित्सक ने शुक्रवार को बताया कि, गुरुवार को एईएस से जिले के औराई प्रखंड के कल्याणपुर की आठ वर्षीय चांदनी कुमारी की मौत हुई. तेज बुखार के बाद, उसे तीन दिन पहले यहां भर्ती कराया गया था.
कोरोना जांच के लिए केंद्र सरकार से एक हफ्ते में ट्रू नेट मशीन राज्य सरकार के हाथों में होगा. कुल 40 मशीन फिलहाल के लिए मंगाए गए हैं जिसमें से 30 भारत सरकार और 10 बिहार सरकार के खर्च पर खरीदा जा रहा है.
मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्ण मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसकेएमसीएच) में जिले के मुसहरी प्रखंड की रजवाड़ा पंचायत के सुखलाल सहनी की जुड़वा पुत्री सुक्की कुमारी और मौसमी कुमारी को भर्ती कराया गया था.
इसके अलावा 30 और नए मरीजों की पहली रिपोर्ट भी निगेटिव आई है, जिनमें अधिकतर को रिकवरी वार्ड में भेजा गया है. इसके अतिरिक्त दूसरी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद इन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी.