Bombay High Court News: परिवार में दादी की अहमियत अलग ही होती है. बच्चों का उनसे अलग स्नेह होता है. सुबह से लेकर रात तक बच्चे दादी के करीब रहते हैं लेकिन बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक फैसले में बड़ा आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा है कि दादी को पोते की कस्टडी का अधिकार नहीं है.
Pushpa Ganediwala यह नाम आपक शायद हो. हाई कोर्ट की पूर्व जज अपने कई विवादित फैसलों को लेकर राष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में आई थीं. अब एक बार फिर वह चर्चा में हैं. इस बार वजह दूसरी है.
बॉम्बे हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की गई जिसमें मांग की गई कि असुरक्षित जल निकायों पर होने वाली मौतों को रोका जाए. इस पर न्यायाधीश ने सुनवाई करने से इंकार कर दिया कि सोशल मीडिया से ली गई जानकारी के आधार पर याचिका नहीं दायर कर सकते.
महाराष्ट्र के उमरेड इलाके में कुछ औरतें छोटे कपड़े पहन कर अश्लील डांस कर रही थीं. उन्हें कुछ पुरुष देख रहे थे. ऐसे में उन्हें पुलिस ने पकड़ लिया लेकिन अदालत ने उन्हें छोड़ दिया.
Objectionable Whatsapp Status: बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस बात पर रौशनी डाली है कि व्हाट्सएप स्टेटस लगाते समय लोगों को जिम्मेदार होना चाहिए, क्योंकि यह संचार का एक रूप है, जिसे समय-समय पर दूसरों द्वारा चैक किया जाता है.
बकरीद में मुसलमान बड़े पैमाने पर पशु बलि देते हैं. ऐसे में बंबई हाई कोर्ट का बशु बलि पर आदेश मुसलमानों के लिए परेशानी पैदा कर सकता है.
Bombay High Court on Abortion: ମା' ହେବାର ସୌଭାଗ୍ୟ ସମସ୍ତଙ୍କ ପାଖରେ ନଥାଏ । ଜଣେ ନାରୀ ସେତେବେଳେ ନିଜକୁ ସମ୍ପୂର୍ଣ୍ଣ ବୋଲି ଭାବେ ଯେତେବେଳେ ସେ ମାତୃତ୍ୱ ଲାଭ କରେ । ଆଉ ଏହାକୁ ନେଇ ବମ୍ବେ ହାଇକୋର୍ଟ ଏକ ବଡ଼ ରାୟ ଦେଇଛନ୍ତି । ଯଦି ଗର୍ଭରେ ଥିବା ଶିଶୁ ଗୁରୁତର ହୋଇଥାଏ ତେବେ ମା ହିଁ ନିଷ୍ପତ୍ତି ନେବ ସେ ଶିଶୁକୁ ଜନ୍ମ ଦେବ ନା ନାହିଁ।
जमीयत उलमा ए हिंद के जनरल सेक्रेटरी मौलाना महमूद मदनी ने तब्लीगी जमात से मुतअल्लिक मुंबई हाईकोर्ट के फैसले का इस्तकबाल किया
अदालत ने कहा कि, "हिंदुस्तान में कोरोना वायरस के ताज़ा आंकड़ें बताते हैं कि इन लोगों (तब्लीगी जमातियों) के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए थी.