Karachi news: भारत के सिंधु जल समझौते को रद्द करने का असर पाकिस्तान को मई खत्म होते ही महसूस होने लगा है, जून की गर्मी बाकी है. पाकिस्तान के कराची में रहने वाले करीब दो करोड़ लोग अपने हुक्मरानों को खासकर शहबाज शरीफ को कोस रहे हैं. उनका कहना है कि जिस दिन से ये आदमी वजीर-ए-आजम (प्रधानमंत्री) बना है, मुल्क की पनौती लग गई है.
Indus Waters Treaty: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सलाहकार राणा सनाउल्लाह ने दावा किया है कि भारत चिनाब नदी पर पांच बांध बना रहा है, जो 2030 तक पूरे हो सकते हैं. राणा का कहना है कि इससे पाकिस्तान में पानी संकट और बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है. भारत द्वारा सिंधु जल संधि निलंबित किए जाने के बाद पाकिस्तान में चिंता बढ़ गई है और अब पाकिस्तान नए जलाशय बनाने की तैयारी कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक मात्रा में पानी स्टोर किया जा सके.
भारत ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में पाकिस्तान की कड़ी आलोचना की तथा उस पर सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाकर मंच का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया.
पाकिस्तान को दिए जाने वाले सिंधु जल संधि के पानी को अब दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान जैसे अन्य राज्यों की ओर मोड़ा जाएगा. यह कदम सिंधु जल संधि को रद्द करने के बाद उठाया जा रहा है. केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस बारे में जानकारी दी.
Indus Waters Treaty: पुलवामा जैसे पाकिस्तान समर्थित आतंकवादी हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को निलंबित कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने सख्त लहजे में कहा कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को पूरी तरह और स्थायी रूप से बंद नहीं करता, तब तक भारत संधि के किसी भी प्रावधान को मानने के लिए बाध्य नहीं है.
China may block India Water: ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब पाकिस्तान में वाटर बम का खौफ इस तरह है कि अभी से सेमिनार होने लगे हैं. पाकिस्तान को इस मुसीबत से कैसे बचाया जाए, विकल्प खोजा जा रहा है. इसी बीच पाकिस्तान में एक सेमिनार में भारत के पानी को बंद करने का सुझाव के नाम पर पाकिस्तान खुश हो रहा है. जानें पूरी खबर.
Muslim Ulema on Indus Waters Treaty: पाकिस्तानी दहशतगर्दी के जवाब में भारत सरकार ने सिंधु जल समझौता खत्म कर दिया. सरकार के इस फैसले पर जमीयत उलेमा-ए-हिन्द के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी के बयान की AIIA अध्यक्ष मौलाना साजिद रशीदी ने कड़े शब्दों में निंदा की है.
India-Pakistan Tension: ପହଲଗାମରେ ଆତଙ୍କବାଦୀ ଆକ୍ରମଣ ପରେ ଭାରତ ପାକିସ୍ତାନ ବିରୁଦ୍ଧରେ ଆଉ ଏକ ବଡ଼ କାର୍ଯ୍ୟାନୁଷ୍ଠାନ ଗ୍ରହଣ କରିଛି। ଭାରତ ସରକାର ଚେନାବ ନଦୀ ଉପରେ ଥିବା ବାଗଲିହାର ଡ୍ୟାମରୁ ପାଣି ବନ୍ଦ କରିଦେଇଥିବା ବେଳେ ଝେଲମ ନଦୀ ଉପରେ ଥିବା କିଶନଗଙ୍ଗା ଡ୍ୟାମ ମାଧ୍ୟମରେ ମଧ୍ୟ ସେହିପରି କରିବାକୁ ଯୋଜନା କରୁଛି।
Indus Waters Treaty: ଶନିବାର ଦିନ ଭାରତ ହଠାତ୍ ଝେଲମ୍ ନଦୀର ଜଳସ୍ତର ବୃଦ୍ଧି କରିବା ଫଳରେ ପାକ୍ ଅଧିକୃତ କାଶ୍ମୀର (ପିଓକେ)ରେ ଆତଙ୍କ ସୃଷ୍ଟି ହୋଇଛି। PoK କହିଛି ଯେ ଭାରତ କୌଣସି ପୂର୍ବ ଚେତାବନୀ ବିନା ଉରି ଡ୍ୟାମରୁ ପାଣି ଛାଡିଛି।
Indus Waters Treaty: जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने कहा है कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि सिंधु नदी का एक बूंद पानी भी पाकिस्तान न जाए. इसके लिए सरकार सिंधु बेसिन की नदियों के पानी को शॉर्ट, मीडियम और लॉन्ग टर्म में उपयोग करने के लिए उपलब्ध विकल्पों पर विचार कर रही है.
India suspension of Indus Waters Treaty: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने इस बार पूरी तरह पाकिस्तान को बर्बाद करने का प्लान बना लिया है. तभी तो जो काम तीन जंगों के बाद नहीं हुआ, पीएम मोदी सरकार ने बुधवार शाम को कर दिया. जानें पूरा मामला.
ନୂଆଦିଲ୍ଲୀ: ଜମ୍ମୁ-କାଶ୍ମୀରର ପହଲଗାମରେ ପର୍ଯ୍ୟଟକଙ୍କ ଉପରେ ହୋଇଥିବା ଆତଙ୍କବାଦୀ ଆକ୍ରମଣ ପରେ ଭାରତ ସରକାର ପାକିସ୍ତାନ ବିରୋଧରେ କଠୋର ନିଷ୍ପତ୍ତି ନେଇଛନ୍ତି। ଏଥିମଧ୍ୟରୁ ଗୋଟିଏ ଗୁରୁତ୍ୱପୂର୍ଣ୍ଣ ନିଷ୍ପତ୍ତି ହେଉଛି ସିନ୍ଧୁ ଜଳ ଚୁକ୍ତିନାମା ବାତିଲ। ସରକାରଙ୍କ ଏହି ନିଷ୍ପତ୍ତି ପାକିସ୍ତାନ ଉପରେ ବହୁତ ପ୍ରଭାବ ପକାଇବାର ସମ୍ଭାବନା ରହି
Indus Waters Treaty: साल 1960 में भारत और पाकिस्तान ने 9 साल की बातचीत के बाद सिंधु जल संधि पर हस्ताक्षर किए थे.अब इसी संधि को लेकर भारत ने पाकिस्तान को नोटिस भेजा था. जिसके बाद घबराए पाकिस्तान ने अब गिड़गिड़ाते हुए ये बात कही है.
Indus Waters Treaty: भारत और पाकिस्तान के बीच बहने वाली नदी सिंधु पर हुए जल समझौते को लेकर भारत सरकार ने पाकिस्तान को 90 दिन का नोटिस जारी किया है.
Indus Waters Treaty: भारत ने सितंबर 1960 की सिंधु जल संधि में संशोधन के लिए पाकिस्तान को नोटिस जारी किया है. सरकारी सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि यह नोटिस इस्लामाबाद की ओर से संधि को लागू करने को लेकर अपने रुख पर अड़े रहने के कारण जारी किया गया. एक बार फिर चर्चा में आई सिंधु जल संधि क्या है जानिएः
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जम्मू-कश्मीर दौरे को लेकर पाकिस्तान तिलमिला गया है और एक बार फिर से कश्मीर राग अलापा है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पीएम मोदी के दौरे को लेकर ट्वीट किया है. शरीफ ने पीएम मोदी के चिनाब नदी पर रतले और क्वार पनबिजली परियोजनाओं के निर्माण के लिए आधारशिला रखने पर नाराजगी जताई है.
पाकिस्तान के कराची में 19 सिंतबर 1960 को भारत के तत्कालीन प्रधानमंत्री पंडित जवाहरल लाल नेहरू और पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति जनरल अयूब खान के बीच सिंधू जल समझौता (Indus Waters Treaty) हुआ था.
एक अधिकारी ने कहा "ये तीनों परियोजनाएं लाल फीताशाही और राज्यों के बीच विवाद में फंस गई थीं, लेकिन अब इन्हें शीघ्र ही अंजाम तक पहुंचाने का फैसला लिया गया है.
‘भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 में हुआ सिंधु जल समझौता दोनों देशों के विवादों के बीच भी बचा रहा.
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक बातचीत का मुद्दा सिंधु नदी जल होगा. स्थायी सिंधु आयोग (पीआईसी) की इस मुलाकात के दौरान भारत के दल का नेतृत्व पीके सक्सेना और पाकिस्तान का पक्ष रखने के लिए सैयद मेहर अली शाह मौजूद रहेंगे.