kumbh snan

Haridwar Mahakumbh 2021: बसंत पंचमी पर है प्रमुख स्नान, इन बातों का रखें विशेष ध्यान

इस साल 16 फरवरी बसंत पंचमी के दिन भी कुंभ स्नान है, जिसे बेहद शुभ माना गया है. हर कोई अपने जीवनकाल में कम से कम एक बार कुंभ स्नान जरूर करना चाहता है.

Feb 13, 2021, 09:55 AM IST

Haridwar Mahakumbh 2021: एक तीर्थ जो महाकुंभ में स्नान करने आता है

देवभूमि के नाम से विख्यात हरिद्वार यूं ही देव भूमि नहीं है, बल्कि यह वह स्थल है जहां गंगा अपने दोनों आराध्यों महादेव और महाविष्णु के चरण स्पर्श करती है. हरिद्वार से थोड़ी ही दूर स्थित कनखल तीर्थ, जो की प्राचीन नगर सभ्यता का भी परिचायक है

Jan 12, 2021, 09:44 AM IST

Haridwar Mahakumbh 2021: जानिए, कुंभ स्नान का महत्व जो पुराणों में बताया गया है

ग्रहों और राशियों के विशेष योग में लगने वाला महाकुंभ पर्व इस विश्वास को बल देता है कि गंगा माता हमारे सारे पाप धुल देती हैं. यह विश्वास भी उस पौराणिक कथा के कारण आता है जो कहती है कि गंगा में अमृत की बूंदे मिल गई. अमृत वह दैवीय तरल है जो अमर कर देता है. सिर्फ अमर ही नहीं, यह जन्म-मृत्यु का चक्र तोड़ देता है. 

Jan 5, 2021, 08:08 AM IST

मध्य प्रदेश सरकार 3600 श्रद्धालुओं को कराएगी प्रयागराज में कुंभ स्नान

तय कार्यक्रम के अनुसार, 12 फरवरी से प्रयागराज कुंभ मेले के लिए मुख्यमंत्री तीर्थ-दर्शन योजना के अंतर्गत विशेष ट्रेन रवाना होगी.

Feb 1, 2019, 02:33 PM IST

देशहित: महत्वपूर्ण मुद्दों पर उठाए गए शीर्ष 5 प्रश्न देखें

देशहित: महत्वपूर्ण मुद्दों पर उठाए गए शीर्ष 5 प्रश्न देखें

Jan 31, 2019, 09:05 PM IST

पाप धोने के लिए कुंभ में गंगा स्नान कर रही है योगी सरकार: ओम प्रकाश राजभर

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार को एक बार फिर भाजपा पर निशाना साधा.

Jan 30, 2019, 01:34 PM IST

आस्था का कुंभ: ब्रिटिश हुकूमत में ऐसे होता था कुंभ का आयोजन

कुंभ के इतिहास के बारे में कहा जाता है कि इसमें काशी के लोग बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया करते थे.इससे जुड़े कुछ दस्तावेज प्रयागराज के अभिलेखागार में मौजूद हैं. कहा जाता है कि तब कुंभ में आने वालों की गिनती अंग्रेजी सरकार भी किया करती थी और इसका तरीका रास्तों में बैरियर लगा कर आने वालों की गिनती करना था. इसके अलावा एक और तरीका रेलवे टिकटों की बिक्री का था, जिसके ज़रिए ब्रिटिश हुकूमत कुंभ की भव्यता को जान पाती थी.

Jan 20, 2019, 06:21 PM IST